डबल इंजन सरकार से बंगाल में गुंडाराज खत्म होगा: CM योगी का TMC पर बड़ा हमला
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने 25 अप्रैल 2025 को बागदा, उत्तर 24 परगना में TMC के खिलाफ जनसभा को संबोधित किया।
- योगी ने कहा कि PM मोदी का भेजा पैसा TMC के गुंडे हड़प जाते हैं, इसलिए डबल इंजन सरकार जरूरी है।
- 4 मई 2025 को मतगणना होगी और योगी ने दावा किया कि बंगाल की सभी सीटों पर भगवा लहराएगा।
- CAA के तहत मतुआ समुदाय को नागरिकता दी जा रही है; योगी ने 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व भूमि अधिकार प्रमाण पत्र वितरित किए।
- भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा में केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर भी मौजूद थे।
- योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर TMC की चुप्पी को मुद्दा बनाया और सैंड, लैंड, कैटल माफिया पर कड़ा प्रहार किया।
उत्तर 24 परगना, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बागदा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडाराज को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास और गरीब कल्याण के लिए जो धनराशि भेजते हैं, उसे TMC के गुंडे हड़प जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस भ्रष्टाचार का हिसाब चुकाने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार का गठन अनिवार्य है।
TMC पर सीधा प्रहार — योगी ने गिनाए आरोप
सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर TMC पूरी तरह चुप है। पीड़ित हिंदुओं के प्रति सहानुभूति का एक शब्द भी इस दल की ओर से नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सैंड माफिया, लैंड माफिया और कैटल माफिया बंगाल की पहचान को खोखला कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि भाजपा सरकार की आहट से बौखलाए TMC के गुंडे अभी से ठिकाना ढूंढ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी — "4 मई के बाद इन गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी, हम उन्हें हर जगह से खोज निकालेंगे।"
बंगाल की दुर्दशा — रोजगार, उद्योग और किसान सब बदहाल
सीएम योगी ने कहा कि एक समय भारत का ग्रोथ इंजन रहा बंगाल आज अपनी पहचान के लिए मोहताज है। यहां युवाओं के लिए रोजगार नहीं, किसान बदहाल हैं और उद्योग-धंधे बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि TMC का टेरर, माफियाराज और भ्रष्टाचार बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को नष्ट कर रहा है।
उन्होंने यूपी का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने माफियाराज, भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्ति दिला दी है। अब बंगाल की बारी है कि वह TMC, कांग्रेस और कम्युनिस्टों के सिंडिकेट से छुटकारा पाए।
मतुआ समुदाय और CAA — मोदी सरकार की उपलब्धि
सीएम योगी ने मतुआ समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 और 1971 में भारत आए इन लोगों को कांग्रेस, कम्युनिस्ट और TMC ने कभी नागरिकता नहीं दिलाई। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख को भारत की नागरिकता की राह खोली।
उन्होंने बताया कि उन्होंने 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को नागरिकता और जमीन का मालिकाना अधिकार प्रमाण पत्र दिया। यूपी के चार जनपदों में मतुआ समुदाय और बांग्लादेशी विस्थापित बंगाली परिवारों को CAA के तहत नागरिकता व भूमि अधिकार दिए जा रहे हैं।
भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा
सीएम योगी केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर की उपस्थिति में बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि भाजपा को वोट दें, क्योंकि भाजपा का अर्थ है — सुरक्षा, सुशासन, दलित-वंचित-गरीब-महिलाओं को अधिकार और स्वावलंबन।
योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड मतदान यह साबित करता है कि बंगाल की जनता अंधकार को समाप्त कर TMC मुक्त बंगाल बनाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को ईवीएम खुलने पर बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर भगवा लहराएगा।
विश्लेषण: बंगाल में भाजपा की रणनीति और चुनावी समीकरण
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने बंगाल में 77 सीटें जीती थीं और TMC के बाद दूसरे स्थान पर रही थी। तब से पार्टी बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। मतुआ समुदाय, जो उत्तर 24 परगना, नदिया और अन्य जिलों में बड़ी संख्या में है, भाजपा का प्रमुख वोट बेस माना जाता है। CAA को लागू करना इस समुदाय को साधने की सीधी राजनीतिक रणनीति है।
यह भी उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा भाजपा बंगाल की सीमावर्ती सीटों पर प्रभावी ढंग से उठा रही है, जहां विस्थापित हिंदू परिवारों की बड़ी आबादी निवास करती है। आने वाले दिनों में बंगाल विधानसभा उपचुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि योगी का यह आक्रामक प्रचार अभियान कितना कारगर रहा।