कीर्ति आजाद का BJP पर हमला: 'मोदी इंस्टाग्राम पर आए, पार्टी की हालत खराब'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कीर्ति आजाद ने 1 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश, राम मंदिर में कथित अनियमितताओं और जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले समेत कई मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधा। आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री का इंस्टाग्राम के ज़रिए संदेश जारी करना इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ दल की राजनीतिक स्थिति कमज़ोर हुई है।
मोदी के वीडियो संदेश पर निशाना
कीर्ति आजाद ने कहा, 'अब प्रधानमंत्री टीवी पर नहीं आ रहे हैं, इंस्टाग्राम से वीडियो जारी कर रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि भाजपा की परिस्थिति कितनी खराब हो चुकी है।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह से लोगों को 'माफ' किया, वह 'हास्यास्पद' है, लेकिन जनता ने उन्हें माफ नहीं किया है।
राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता
TMC नेता ने सांसद पप्पू यादव की ओर से संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता उजागर करने के प्रयास का समर्थन किया। आजाद ने कहा कि शंकराचार्यों और कुछ पढ़े-लिखे लोगों को छोड़कर जो भी धार्मिक वेश धारण किए हैं, उनमें से अधिकांश 'नकली' हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पप्पू यादव को ट्रोल करने से क्या हासिल होगा, जबकि वे वहाँ की 'सच्चाई' दिखाने की कोशिश कर रहे थे।
आजाद ने कहा, 'सनातन का अपमान उनकी ओर से किया जाता है। हमारी ओर से तो दिखाया गया कि सनातन के चोले में किस तरह से राम मंदिर में डकैती की जा रही थी।'
पश्चिम बंगाल और सुवेंदु अधिकारी पर पलटवार
पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के ₹15,000 करोड़ की कथित गड़बड़ी के आरोप पर कीर्ति आजाद ने कहा कि यदि TMC के खिलाफ जाँच होनी चाहिए, तो होनी चाहिए — लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को घरों से निकाला जा रहा है और मकानों पर कब्ज़ा किया जा रहा है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले पर सरकार पर सवाल
जम्मू-कश्मीर में हुए ताज़ा आतंकी हमले, जिसमें कथित तौर पर दो श्रमिकों की मौत हो गई, पर कीर्ति आजाद ने कहा कि मौजूदा सरकार की खुफिया व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में जितने आतंकी हमले हुए हैं, उतने इस सरकार के सत्ता में आने से पहले कभी नहीं हुए थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।