20 अगस्त 2026
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राम मंदिर चंदे में अनियमितता पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने माँगा जवाब, बोले — देवी-देवता सबके हैं

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राम मंदिर चंदे में अनियमितता पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने माँगा जवाब, बोले — देवी-देवता सबके हैं

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं पर सरकार को घेरा और शीतला माता मंदिर में भाजपा विधायक को कथित तौर पर जाति के आधार पर रोके जाने की घटना को 'गंभीर और अपमानजनक' बताया। उनका संदेश साफ था — देवी-देवता किसी एक दल की बपौती नहीं।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 20 अगस्त को लखनऊ में राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं पर केंद्र सरकार से जवाब माँगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पार्टी लगातार प्रधानमंत्री से इस मामले में स्पष्टीकरण माँग रही है।
भाजपा विधायक जय देवी कौशल को शीतला माता मंदिर में कथित तौर पर जाति के आधार पर दर्शन से रोके जाने के आरोपों को अवधेश प्रसाद ने 'अत्यंत गंभीर' बताया।
सपा सांसद ने कहा — देवी-देवता किसी एक व्यक्ति, समाज या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि सभी के हैं।
वंदे मातरम पर कांग्रेस के रुख पर उन्होंने कहा कि विवाद के बजाय इसके राष्ट्रीय एकता के संदेश को सम्मान दिया जाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 20 अगस्त को लखनऊ में राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा। उन्होंने कहा कि यह मामला देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ा है और सरकार इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। साथ ही, मंदिरों में जाति के आधार पर कथित भेदभाव की घटनाओं पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

राम मंदिर चंदे पर उठे सवाल

अवधेश प्रसाद ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत पूरी पार्टी लगातार प्रधानमंत्री से इस मामले में जवाब माँगती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी राजनीतिक दल की माँग नहीं, बल्कि आम जनता की आवाज़ है। उनके अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर से जुड़े किसी भी कथित अनियमितता के आरोप को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि यदि सरकार किसी को बचाने की कोशिश कर रही है, तो यह जनता की आस्था के साथ अन्याय होगा। उन्होंने तुलसीदास की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब किसी न किसी न्यायकारी शक्ति का उदय होता है और किसी भी गलत कार्य का अंत निश्चित है।

मंदिर में जातिगत भेदभाव का मुद्दा

भाजपा विधायक जय देवी कौशल को शीतला माता मंदिर में कथित तौर पर दर्शन से रोके जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि देवी-देवता किसी एक व्यक्ति, समाज या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं — वे सभी के हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को उसकी जाति के आधार पर किसी धर्मस्थल में प्रवेश से रोका गया है, तो यह अत्यंत गंभीर और अपमानजनक है। उन्होंने भाजपा पर धर्म और देवी-देवताओं के नाम पर एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश का आरोप लगाया।

सामाजिक समानता पर ज़ोर

सपा सांसद ने कहा कि धर्मस्थलों में जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने माँग की कि समाज में सभी को समान सम्मान मिले और सरकार बदलने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा।

वंदे मातरम विवाद पर रुख

कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले पर भी अवधेश प्रसाद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पूरे राष्ट्र के लिए एकता और सद्भावना का संदेश है। उनके अनुसार, इस पर विवाद खड़ा करने के बजाय इसके मूल संदेश को समझने और सम्मान देने की आवश्यकता है। देश में आपसी भाईचारे और खुशहाली की भावना ही सर्वोपरि है।

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक स्थलों पर पहुँच के सवाल राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में तेज़ी से उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर और बहस होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरकार की ओर से विस्तृत सार्वजनिक जवाब अभी तक नहीं आया है। शीतला माता मंदिर प्रकरण अगर सत्यापित होता है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत अस्पृश्यता उन्मूलन के प्रावधानों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विडंबना यह है कि जिस दल पर भेदभाव का आरोप है, उसी दल की विधायक कथित पीड़ित हैं — यह राजनीतिक समीकरण इस मुद्दे को और जटिल बनाता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चंदे पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा है। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
शीतला माता मंदिर विवाद क्या है?
भाजपा विधायक जय देवी कौशल को शीतला माता मंदिर में कथित तौर पर जाति के आधार पर दर्शन से रोके जाने के आरोप सामने आए हैं। अवधेश प्रसाद ने इसे 'अत्यंत गंभीर और अपमानजनक' बताते हुए कहा कि धर्मस्थलों में जातिगत भेदभाव किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
सपा का राम मंदिर मुद्दे पर क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद अवधेश प्रसाद लगातार राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं पर प्रधानमंत्री से जवाब माँग रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनता की आस्था का सवाल है।
अवधेश प्रसाद ने वंदे मातरम विवाद पर क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय एकता और सद्भावना का प्रतीक है और इस पर विवाद खड़ा करने के बजाय इसके मूल संदेश को सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने देश में आपसी भाईचारे को सर्वोपरि बताया।
मंदिरों में जातिगत भेदभाव पर कानूनी स्थिति क्या है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता को पूरी तरह प्रतिबंधित करता है और सार्वजनिक धार्मिक स्थलों पर जाति के आधार पर प्रवेश से रोकना कानूनन अपराध है। अवधेश प्रसाद ने इसी आधार पर शीतला माता मंदिर की कथित घटना को गंभीर बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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