राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निषाद बोले — जांच से पहले अखिलेश के आरोप निराधार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 8 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। निषाद ने स्पष्ट कहा कि जब तक जांच की रिपोर्ट न आए, ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
मुख्य बयान और आरोपों पर प्रतिक्रिया
संजय निषाद ने कहा, 'विपक्ष के पास पोस्टरबाजी और बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं है। किसी भी मामले को उठाने से पहले उसके तथ्यों को परखना चाहिए और जांच की मांग करनी चाहिए। जांच एजेंसी की तरह बयान देना उचित नहीं।'
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने वाले किसी भी मामले की जांच कराई जाती है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होती है — चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
विपक्ष पर विचारधारा का सवाल
निषाद ने अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है, और यही कारण है कि वे सत्ता से दूर हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस की अपनी एक विचारधारा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा भारतीय सभ्यता की विचारधारा है।
'इंडिया' गठबंधन पर तंज
'इंडिया' गठबंधन की बैठक को लेकर निषाद ने कहा कि इसमें शामिल अधिकांश दल मूलतः कांग्रेस की नीतियों के विरोध में बने हैं। उन्होंने कहा, 'बैठक में दल तो दिखता है, लेकिन दिल कहाँ है? अंदर से सभी एक-दूसरे के विरोधी हैं, इसीलिए चुनाव में अलग-अलग लड़ते हैं।'
एनडीए बैठक और मोदी सरकार की उपलब्धियाँ
निषाद ने बताया कि 10 जून को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक दिल्ली में होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों के एनडीए गठबंधन के इतिहास में प्रधानमंत्री का सबसे लंबा कार्यकाल पूरा होने पर यह बैठक विशेष महत्व रखती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों में राम मंदिर निर्माण, निषादराज किला, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण और महिला सशक्तिकरण को गिनाया।
अन्य मुद्दों पर रुख
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के संदर्भ में निषाद ने सरकार के कदम की सराहना की और कहा कि अभ्यर्थियों को रोडवेज किराए में छूट देकर सरकार ने युवाओं के साथ खड़े होने का संदेश दिया है। वाराणसी में मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के फैसले पर उन्होंने कहा कि दुकानें बंद नहीं की जा रहीं, बल्कि व्यवस्थित की जा रही हैं।