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राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निषाद बोले — जांच से पहले अखिलेश के आरोप निराधार

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राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निषाद बोले — जांच से पहले अखिलेश के आरोप निराधार

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने राम मंदिर चंदे पर अखिलेश यादव के आरोपों को जांच से पहले निराधार करार दिया। साथ ही 'इंडिया' गठबंधन को 'दिल के बिना दल' बताया और 10 जून की एनडीए बैठक को ऐतिहासिक कार्यकाल पूर्णता का उत्सव कहा।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 8 जून 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव के राम मंदिर चंदा आरोपों को जांच से पहले निराधार बताया।
निषाद ने कहा — दोषी चाहे कितना भी रसूखदार हो, जांच में सिद्ध होने पर कार्रवाई होती है।
'इंडिया' गठबंधन पर तंज: 'बैठक में दल दिखता है, दिल नहीं — अंदर से सभी एक-दूसरे के विरोधी।' 10 जून को NDA की दिल्ली बैठक; प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षीय गठबंधन इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल के अवसर पर।
वाराणसी में मीट दुकानें स्थानांतरण को निषाद ने उचित बताया — 'बंद नहीं, व्यवस्थित हो रही हैं।'

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 8 जून 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। निषाद ने स्पष्ट कहा कि जब तक जांच की रिपोर्ट न आए, ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

मुख्य बयान और आरोपों पर प्रतिक्रिया

संजय निषाद ने कहा, 'विपक्ष के पास पोस्टरबाजी और बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं है। किसी भी मामले को उठाने से पहले उसके तथ्यों को परखना चाहिए और जांच की मांग करनी चाहिए। जांच एजेंसी की तरह बयान देना उचित नहीं।'

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने वाले किसी भी मामले की जांच कराई जाती है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होती है — चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।

विपक्ष पर विचारधारा का सवाल

निषाद ने अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है, और यही कारण है कि वे सत्ता से दूर हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस की अपनी एक विचारधारा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा भारतीय सभ्यता की विचारधारा है।

'इंडिया' गठबंधन पर तंज

'इंडिया' गठबंधन की बैठक को लेकर निषाद ने कहा कि इसमें शामिल अधिकांश दल मूलतः कांग्रेस की नीतियों के विरोध में बने हैं। उन्होंने कहा, 'बैठक में दल तो दिखता है, लेकिन दिल कहाँ है? अंदर से सभी एक-दूसरे के विरोधी हैं, इसीलिए चुनाव में अलग-अलग लड़ते हैं।'

एनडीए बैठक और मोदी सरकार की उपलब्धियाँ

निषाद ने बताया कि 10 जून को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक दिल्ली में होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों के एनडीए गठबंधन के इतिहास में प्रधानमंत्री का सबसे लंबा कार्यकाल पूरा होने पर यह बैठक विशेष महत्व रखती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों में राम मंदिर निर्माण, निषादराज किला, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण और महिला सशक्तिकरण को गिनाया।

अन्य मुद्दों पर रुख

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के संदर्भ में निषाद ने सरकार के कदम की सराहना की और कहा कि अभ्यर्थियों को रोडवेज किराए में छूट देकर सरकार ने युवाओं के साथ खड़े होने का संदेश दिया है। वाराणसी में मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के फैसले पर उन्होंने कहा कि दुकानें बंद नहीं की जा रहीं, बल्कि व्यवस्थित की जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना यह स्पष्ट किए कि जांच कब और किसके द्वारा होगी। राम मंदिर जैसे संवेदनशील विषय पर पारदर्शिता की माँग को महज 'बयानबाजी' कहकर खारिज करना सत्ता पक्ष की जवाबदेही से बचने की रणनीति की तरह दिखती है। 'इंडिया' गठबंधन पर उनका तंज राजनीतिक दृष्टि से धारदार है, लेकिन असली सवाल — क्या चंदे में अनियमितता हुई या नहीं — अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदे पर अखिलेश यादव ने क्या आरोप लगाए हैं?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यूपी मंत्री संजय निषाद ने इन आरोपों को जांच से पहले निराधार बताया है।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव के आरोपों पर क्या कहा?
निषाद ने कहा कि जब तक जांच की रिपोर्ट न आए, आरोप निराधार हैं। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि पहले तथ्य जाँचें, फिर जांच की माँग करें — बिना जांच के जांच एजेंसी की तरह बयान देना उचित नहीं।
10 जून की एनडीए बैठक किस लिए बुलाई गई है?
संजय निषाद के अनुसार, 10 जून 2026 को दिल्ली में एनडीए की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे लंबा कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित है। इसमें गठबंधन दलों की समस्याओं पर भी चर्चा होगी।
'इंडिया' गठबंधन पर संजय निषाद का क्या रुख है?
निषाद ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल अधिकांश दल कांग्रेस विरोध में बने थे और अंदर से एक-दूसरे के विरोधी हैं। उनके अनुसार, यही कारण है कि चुनाव में ये दल अलग-अलग मैदान में उतरते हैं।
वाराणसी में मीट दुकानों के स्थानांतरण पर सरकार का क्या पक्ष है?
संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में मीट दुकानें बंद नहीं की जा रहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने इसे सही फैसला बताया।
राष्ट्र प्रेस
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