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राम मंदिर चंदा घोटाला: SIT जांच पर मंत्री संजय निषाद बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

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राम मंदिर चंदा घोटाला: SIT जांच पर मंत्री संजय निषाद बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर चंदा घोटाले की SIT जांच निर्णायक दौर में है। मंत्री संजय निषाद ने साफ कहा — रिपोर्ट आते ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, CM योगी खुद इस पर नज़र रखे हुए हैं। यह बयान राजनीतिक दबाव के बीच सरकार की जवाबदेही का संकेत है।

मुख्य बातें

मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने 19 जून को लखनऊ में कहा कि राम मंदिर चंदा घोटाले में दोषियों पर बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई होगी।
SIT जांच अभी जारी है; रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही सरकार विस्तृत बयान देगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले की प्रगति पर सीधी नज़र बनाए हुए हैं।
मंत्री निषाद ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को महज प्रचार बताया और सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला दिया।
महाराष्ट्र 'ऑपरेशन टाइगर' पर उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि जनता से किए वादों के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने 19 जून को लखनऊ में स्पष्ट किया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदा घोटाले की SIT जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले पर स्वयं नज़र बनाए हुए हैं।

SIT जांच की स्थिति

मंत्री निषाद ने कहा कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और इस दौरान किसी भी निष्कर्ष पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'SIT की टीम पूर्ण जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंप दे, उसके बाद ही इस विषय पर विस्तृत बयान दिया जा सकता है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, तो उनकी सम्पूर्ण जांच की जाती है।

मुख्यमंत्री योगी का रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले की प्रगति पर सीधी नज़र रखे हुए हैं। मंत्री निषाद के अनुसार, सरकार की मंशा स्पष्ट है — दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चंदा घोटाले को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखी जा रही हैं।

महाराष्ट्र 'ऑपरेशन टाइगर' पर प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तीखी नोकझोंक पर मंत्री निषाद ने कहा कि हर निर्वाचित प्रतिनिधि को अपनी समझ के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रतिनिधि कोई फैसला लेता है, तो वह जनता से किए वादों को पूरा करने के लिए होता है — यह तोड़ना नहीं, जोड़ना है।

PDA फॉर्मूले पर निशाना

समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निषाद ने कहा कि यह नारा महज प्रचार तक सीमित है और वास्तव में PDA, NDA के साथ खड़ा है। उन्होंने सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के मामले में मुस्लिम समुदाय की स्थिति दशकों की वोट-बैंक राजनीति का परिणाम है। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा अल्पसंख्यकों का उपयोग कर उन्हें छोड़ दिया, जबकि NDA सभी वर्गों के समग्र विकास में विश्वास रखती है।

आगे क्या होगा

SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में अगली कार्रवाई का स्वरूप स्पष्ट होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़े इस घोटाले की जांच का परिणाम उत्तर प्रदेश की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मंत्री निषाद का 'रिपोर्ट आने तक इंतज़ार करें' वाला बयान जवाबदेही की तात्कालिकता को कमज़ोर करता है। असली परीक्षा यह होगी कि SIT रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती है या नहीं, और क्या जांच धार्मिक संस्था के भीतर के बड़े नामों तक पहुँचती है। इतिहास गवाह है कि धर्म से जुड़े वित्तीय घोटालों में राजनीतिक दबाव अक्सर जांच की दिशा बदल देता है — इसलिए 'बिना किसी दबाव के' वाला वादा ही इस बयान की असली कसौटी बनेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा घोटाला क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं का यह मामला है, जिसकी जांच अब SIT (विशेष जांच दल) कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।
SIT जांच में अब तक क्या हुआ है?
मंत्री संजय निषाद के अनुसार SIT की जांच अभी जारी है और रिपोर्ट अभी सौंपी नहीं गई है। जांच पूरी होने के बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई और विस्तृत बयान देगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
मंत्री निषाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले की प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से नज़र बनाए हुए हैं। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले पर क्या कहा?
मंत्री निषाद ने कहा कि PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) का नारा केवल प्रचार है और वास्तव में PDA, NDA के साथ है। उन्होंने सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दशकों की वोट-बैंक राजनीति ने अल्पसंख्यकों का उपयोग किया, लेकिन उनका विकास नहीं किया।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
SIT की जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। मंत्री निषाद के बयान के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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