27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निषाद बोले — दोषियों पर होगी कार्रवाई, विपक्ष राजनीति से बाज आए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चंदा विवाद: संजय निषाद बोले — दोषियों पर होगी कार्रवाई, विपक्ष राजनीति से बाज आए

सारांश

राम मंदिर चंदा विवाद पर UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि CM योगी के निर्देश पर जाँच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर राजनीति का आरोप लगाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीदों के सम्मान और यूसीसी जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 27 जून 2025 को कहा कि राम मंदिर चंदा मामले में जाँच जारी है और किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है; सबूतों के आधार पर और लोगों पर भी कार्रवाई संभव।
निषाद ने सपा, कांग्रेस, बसपा पर राम मंदिर मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद 6 सैनिकों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' पर अंकित करने के निर्णय का स्वागत किया।
लोचन निषाद व समाधान निषाद सहित 167 क्रांतिकारियों की 170वीं शहादत वर्षगाँठ पर निषाद समाज के योगदान को याद किया।
अखिलेश यादव के पूर्वांचल दौरों पर कहा — चुनाव नज़दीक आने पर जनता के बीच जाना पर्याप्त नहीं।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 27 जून 2025 को लखनऊ में राम मंदिर चंदा विवाद सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि जाँच में सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी और किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाएगा। जाँच की प्रक्रिया जारी है और सबूतों के आधार पर आगे और लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर चंदा मामले पर सरकार का रुख

संजय निषाद ने कहा कि अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मामले में सक्रियता की सराहना की। मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि बिना पुख्ता सबूतों के न तो कोई एफआईआर दर्ज होती है और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई संभव है।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार

समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जाँच एजेंसियों पर भरोसा रखना ज़रूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि या तो सरकार खुद जाँच एजेंसी बन जाए, या फिर एजेंसियों पर विश्वास किया जाए। निषाद ने यह भी कहा कि कांग्रेस, सपा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अन्य विपक्षी दलों ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब इस मामले में राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं।

अयोध्या में केजरीवाल के विरोध और ममता की रैली पर प्रतिक्रिया

अयोध्या में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को साधु-संतों के विरोध का सामना करने के सवाल पर संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 21 जुलाई को शहीदी दिवस रैली आयोजित करने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है और जनता अपना मन बना चुकी है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी पार्टियों की स्थिति क्या हो गई है।

'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीदों को सम्मान और यूसीसी पर बयान

'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए छह भारतीय सैनिकों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' पर अंकित किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए संजय निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान मिलना चाहिए और पिछली सरकारों में ऐसे प्रयास कम देखने को मिले। पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की माँग पर उन्होंने कहा कि जनहित में उठाए जाने वाले हर कदम का स्वागत होना चाहिए।

निषाद समाज की शहादत और राहुल गांधी पर हमला

लोचन निषाद, समाधान निषाद और 167 अन्य क्रांतिकारियों की 170वीं शहादत वर्षगाँठ के अवसर पर संजय निषाद ने कहा कि देश की आज़ादी में राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और निषाद समाज ने भी विदेशी आक्रमणकारियों तथा अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभाई थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने दो वर्ष पूरे होने पर किए गए एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए निषाद ने कहा कि देश की जनता ने लंबे समय तक कांग्रेस पर भरोसा किया, लेकिन पार्टी उस विश्वास पर खरी नहीं उतरी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पूर्वांचल दौरों पर उन्होंने कहा कि जनता के बीच पहुँचने में देर हो चुकी है और केवल चुनाव नज़दीक आने पर लोगों से मिलना पर्याप्त नहीं होता। आने वाले समय में जाँच के नतीजे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि चंदा संग्रह में पारदर्शिता के लिए क्या संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी। 'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीदों को सम्मान देने जैसे मुद्दों को राजनीतिक बयानबाज़ी में शामिल करना उस सम्मान को भी विवादास्पद बना देता है जो निर्विवाद होना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद क्या है?
राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर यह विवाद उठा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जाँच शुरू की है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी।
संजय निषाद ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सपा, कांग्रेस और बसपा ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब इस विवाद में राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जाँच एजेंसियों पर भरोसा रखने की अपील की।
क्या राम मंदिर चंदा मामले में एफआईआर दर्ज हुई है?
संजय निषाद के बयान के अनुसार, मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जाँच आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिना सबूत के एफआईआर दर्ज नहीं होती, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रारंभिक साक्ष्य मौजूद हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीदों को लेकर क्या निर्णय हुआ?
'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए 6 भारतीय सैनिकों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' पर अंकित किए जाने का निर्णय लिया गया है। संजय निषाद ने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।
लोचन निषाद और समाधान निषाद कौन थे?
लोचन निषाद और समाधान निषाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी थे, जिनकी शहादत की 170वीं वर्षगाँठ 27 जून को मनाई गई। संजय निषाद के अनुसार, इन्हें और 167 अन्य क्रांतिकारियों को उनके बलिदान के लिए याद किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 12 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले