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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: CM योगी का विपक्ष पर पलटवार — 'सबूत हैं तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ बंद करें'

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: CM योगी का विपक्ष पर पलटवार — 'सबूत हैं तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ बंद करें'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी आदित्यनाथ ने देवरिया से विपक्ष को खुली चुनौती दी — 'सबूत हों तो SIT को दें, आस्था से खिलवाड़ बंद करें।' SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद पहली FIR दर्ज हो चुकी है और जांच आगे बढ़ रही है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष के आरोपों का तीखा जवाब दिया।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से कहा कि यदि ठोस साक्ष्य हैं तो SIT के समक्ष प्रस्तुत करें, सार्वजनिक बयानबाजी से बचें।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल पहले राम मंदिर का विरोध करते थे।
बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
देवरिया में ₹456 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2025 को देवरिया में राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले दिन से ही इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही पहली एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि यदि उनके पास कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी की जगह SIT के समक्ष प्रस्तुत करें।

देवरिया में विकास कार्यक्रम के मंच से पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ₹456 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जब उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने दोहराया, 'दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा।'

आस्था पर राजनीति न करें — योगी की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों रामभक्तों की आस्था का केंद्र है और इस पवित्र नगरी पर निराधार आरोप लगाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, 'भगवान श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखिए। सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनभावनाओं को आहत करना भी गलत है।' उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि रामभक्तों की आस्था की अग्निपरीक्षा न ली जाए और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति से बचा जाए।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा निशाना

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो दल आज अयोध्या और भगवान राम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, वही कभी भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं दलों के शासन में 'जय श्रीराम' के उद्घोष पर कार्रवाई होती थी और रामनवमी जैसे धार्मिक आयोजनों में व्यवधान डाला जाता था।

केजरीवाल पर बिना नाम लिए कटाक्ष

मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'दिल्ली से आज एक सज्जन अयोध्या आए हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उन्होंने राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। यदि उन्होंने दिल्ली के साथ वैसा ही न्याय किया होता जैसा डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अयोध्या के साथ किया है, तो दिल्ली भी आज अयोध्या धाम की तरह विकास की नई पहचान बन चुकी होती।'

जांच निष्पक्ष, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और SIT जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद वहाँ की धार्मिक-राजनीतिक गतिविधियाँ राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ SIT जांच की पारदर्शिता से ज़्यादा बयानबाजी की होड़ दिख रही है। CM योगी का यह कहना कि 'सबूत SIT को दें' — तकनीकी रूप से सही है, लेकिन जब जांच एजेंसी सरकार के ही अधीन हो, तो विपक्ष की आशंकाएँ स्वाभाविक हैं। गौरतलब है कि अयोध्या से जुड़े मामलों में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिकाएँ हमेशा धार्मिक भावनाओं के इर्द-गिर्द परिभाषित होती रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि SIT की अंतिम रिपोर्ट कब आती है, उसमें कितने नाम हैं और क्या कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित रहती है या ऊपर तक जाती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अयोध्या में राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ा मामला है, जिस पर विपक्षी दलों ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली FIR दर्ज की जा चुकी है।
SIT ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद पहली FIR दर्ज कर दी गई है और कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। CM योगी आदित्यनाथ ने 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी स्पष्ट किया था कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
CM योगी ने विपक्ष से क्या माँग की?
CM योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों से माँग की कि यदि उनके पास इस मामले से जुड़े ठोस साक्ष्य या तथ्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी की जगह SIT के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ और अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।
CM योगी ने किन विपक्षी दलों पर निशाना साधा?
CM योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा, यह कहते हुए कि ये दल पहले भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते थे। उन्होंने बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
देवरिया में किन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
CM योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में ₹456 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम के मंच से उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष को जवाब दिया।
राष्ट्र प्रेस
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