राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत सीताराम दास बोले — योगी का रुख सही, विपक्ष कर रहा राजनीति
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास और रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम सहित कई संत और धार्मिक संगठनों ने 18 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। संतों का कहना है कि जन आस्था से जुड़े इस संवेदनशील विषय का विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी के बयान को संतों का समर्थन
महंत सीताराम दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा है, वह पूरी तरह सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल राम मंदिर और अयोध्या जैसे विषयों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जो धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने भी मुख्यमंत्री के रुख को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और जन आस्था से जुड़े मामलों में सख्त रवैया अपनाना ज़रूरी है।
चंपत राय की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
कल्कि राम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उस दौरान पद पर मौजूद जिम्मेदार लोगों से जवाब माँगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महासचिव पद पर रहते हुए व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
हालाँकि महंत सीताराम दास ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें चंपत राय के पक्ष में बयान दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंपत राय को संगठन के किसी पद से नहीं हटाया गया है और जाँच के बाद जो भी निर्णय सामने आए, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।
विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप
कल्कि राम ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के एक पुराने बयान का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि जब संवैधानिक व्यवस्था को बदलने की बात कही जाती है, तो उसका निहितार्थ क्या होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में कुछ दल जन्मभूमि जैसे संवेदनशील धार्मिक मुद्दों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। गौरतलब है कि अयोध्या से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी का पूर्व बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और अयोध्या की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
जाँच की दिशा और उसके परिणाम आने वाले दिनों में इस विवाद की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।