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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत सीताराम दास बोले — योगी का रुख सही, विपक्ष कर रहा राजनीति

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत सीताराम दास बोले — योगी का रुख सही, विपक्ष कर रहा राजनीति

सारांश

अयोध्या के संतों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर CM योगी का खुलकर समर्थन किया है। महंत सीताराम दास ने कहा — योगी बिल्कुल सही हैं, विपक्ष जन आस्था को राजनीतिक हथियार बना रहा है। रामदल ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

अयोध्या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को पूरी तरह सही बताया।
रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
महंत सीताराम दास ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के चंपत राय समर्थन वाले रुख को सही बताया और कहा कि जाँच परिणाम सभी को मान्य होने चाहिए।
संतों ने विपक्षी दलों पर राम मंदिर और अयोध्या के मुद्दों का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
CM योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि जन आस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अयोध्या के साकेत भवन के महंत सीताराम दास और रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम सहित कई संत और धार्मिक संगठनों ने 18 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। संतों का कहना है कि जन आस्था से जुड़े इस संवेदनशील विषय का विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी के बयान को संतों का समर्थन

महंत सीताराम दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा है, वह पूरी तरह सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल राम मंदिर और अयोध्या जैसे विषयों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जो धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने भी मुख्यमंत्री के रुख को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और जन आस्था से जुड़े मामलों में सख्त रवैया अपनाना ज़रूरी है।

चंपत राय की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

कल्कि राम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उस दौरान पद पर मौजूद जिम्मेदार लोगों से जवाब माँगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महासचिव पद पर रहते हुए व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।

हालाँकि महंत सीताराम दास ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें चंपत राय के पक्ष में बयान दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंपत राय को संगठन के किसी पद से नहीं हटाया गया है और जाँच के बाद जो भी निर्णय सामने आए, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।

विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप

कल्कि राम ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के एक पुराने बयान का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि जब संवैधानिक व्यवस्था को बदलने की बात कही जाती है, तो उसका निहितार्थ क्या होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में कुछ दल जन्मभूमि जैसे संवेदनशील धार्मिक मुद्दों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रबंधन को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। गौरतलब है कि अयोध्या से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी का पूर्व बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और अयोध्या की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

जाँच की दिशा और उसके परिणाम आने वाले दिनों में इस विवाद की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो दूसरी ओर VHP उनके बचाव में खड़ी है — यह अंतर्विरोध हिंदुत्व संगठनों के भीतर की दरार को उजागर करता है। मुख्यधारा की कवरेज इस आंतरिक खींचतान को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है और केवल सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष के ढाँचे में खबर को सीमित कर देती है। असली सवाल यह है कि ट्रस्ट के चढ़ावा प्रबंधन की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच कब होगी — बिना उसके, यह बहस राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे नहीं बढ़ेगी।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के बीच तीखी बयानबाज़ी को जन्म दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर क्या कहा था?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर अयोध्या की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया।
महंत सीताराम दास और कल्कि राम ने क्या रुख अपनाया?
महंत सीताराम दास ने मुख्यमंत्री योगी के बयान को पूरी तरह सही बताया और विपक्ष पर राम मंदिर के मुद्दे का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने पूर्व महासचिव चंपत राय की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पद पर रहने वाले लोगों से जवाब माँगा जाना चाहिए।
चंपत राय के बारे में विश्व हिंदू परिषद का क्या रुख है?
विश्व हिंदू परिषद ने चंपत राय के समर्थन में बयान दिया है। महंत सीताराम दास ने VHP के इस रुख को सही ठहराते हुए स्पष्ट किया कि चंपत राय को संगठन के किसी पद से नहीं हटाया गया है और जाँच के बाद आने वाले निर्णय को सभी को स्वीकार करना चाहिए।
इस विवाद में समाजवादी पार्टी की भूमिका क्या बताई जा रही है?
कल्कि राम ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के एक पुराने बयान का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि कुछ दल सत्ता की राजनीति में जन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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