8 जुलाई 2026
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योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर प्रहार: राम को काल्पनिक बताने वाले आज आस्था की राजनीति कर रहे

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योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर प्रहार: राम को काल्पनिक बताने वाले आज आस्था की राजनीति कर रहे

सारांश

चित्रकूट से योगी का दोहरा प्रहार — एक तरफ राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी जांच का बचाव, दूसरी तरफ कांग्रेस और सपा पर राम को काल्पनिक बताने का पुराना आरोप। ₹951 करोड़ की 124 परियोजनाओं की आड़ में यह भाषण चुनावी एजेंडे की साफ झलक है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को चित्रकूट में कांग्रेस और सपा पर एक साथ हमला बोला।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी गठित; 6 लोग चोरी में और 2 साजिश में आरोपी, एफआईआर दर्ज।
योगी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र देकर भगवान राम को काल्पनिक बताया था।
सपा पर आरोप — कन्नौज में डॉ.
आंबेडकर के नाम वाले मेडिकल कॉलेज से नाम हटाया और वक्फ कानून संशोधन का विरोध किया।
₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का चित्रकूट में लोकार्पण एवं शिलान्यास।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को चित्रकूट में ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन हो चुका है और एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना उचित नहीं है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद और एसआईटी जांच

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद सरकार ने एसआईटी गठित की। जांच में छह लोग चोरी में संलिप्त पाए गए हैं, जबकि दो अन्य पर साजिश रचने का आरोप है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। योगी ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है, लेकिन इसी आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख पर सवाल उठाना न्यायसंगत नहीं है।

विपक्ष पर दोहरे चरित्र का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल में रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया था और सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल शपथपत्र में भगवान राम को काल्पनिक बताया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राम और कृष्ण काल्पनिक हैं, तो अयोध्या, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन और बरसाना जैसे आस्था के केंद्रों का अस्तित्व कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि जो दल वर्षों तक भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे, वही आज आस्था की राजनीति कर रहे हैं।

सपा पर निशाना: वक्फ, आंबेडकर और परिवारवाद

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में विकास कार्यों के बजाय कब्रिस्तानों की चारदीवारी पर धन खर्च किया जाता था और ज़मीनें वक्फ के नाम पर दर्ज कराई जाती थीं। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून में संशोधन होने पर सपा और कांग्रेस एकजुट होकर विरोध में खड़ी हो गईं। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कन्नौज में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज से उनका नाम हटाने का काम सपा ने किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के समय रामायण मेले की परंपरा शुरू हुई थी, लेकिन आज के समाजवादी राम और कृष्ण से दूरी बना चुके हैं।

चित्रकूट का विकास और 2017 से पहले की स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले चित्रकूट उपेक्षा, भय और अव्यवस्था का प्रतीक बन गया था। अब कानून-व्यवस्था में सुधार, पर्यटन विकास और आधारभूत ढाँचे के विस्तार के कारण यह तीर्थनगरी देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। ₹951 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण इसी विकास यात्रा की अगली कड़ी है।

समाज को जोड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने जनता से जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बाँटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों के पास विकास का कोई दृष्टिकोण नहीं है और उनकी राजनीति केवल परिवारवाद तथा वंशवाद तक सीमित है। आने वाले समय में एसआईटी की जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट विवाद पर सरकार का रुख राजनीतिक परिदृश्य को और आकार देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी व्यवस्था इतने समय तक क्यों नाकाम रही। कांग्रेस के रामसेतु शपथपत्र का संदर्भ वर्षों पुराना है, फिर भी इसे बार-बार उठाना बताता है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी ईंधन के रूप में जीवित रखना चाहती है। चित्रकूट में ₹951 करोड़ की परियोजनाएँ विकास की असली कहानी हो सकती थीं, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने उन्हें पृष्ठभूमि में धकेल दिया।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी क्यों गठित की गई?
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल एसआईटी गठित की। जांच में 6 लोग चोरी में और 2 साजिश में आरोपी पाए गए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर रामसेतु को लेकर क्या आरोप लगाया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की केंद्र सरकार ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया था और सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल शपथपत्र में भगवान राम को काल्पनिक बताया था। उन्होंने कहा कि ऐसे दल आज आस्था की राजनीति कर रहे हैं, जो विरोधाभासी है।
चित्रकूट में कितनी और कितने मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
8 जुलाई 2026 को चित्रकूट में ₹951 करोड़ की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले चित्रकूट उपेक्षा और अव्यवस्था का प्रतीक था, अब यह पर्यटन और आस्था का केंद्र बन रहा है।
योगी ने समाजवादी पार्टी पर डॉ. आंबेडकर के नाम को लेकर क्या आरोप लगाया?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज से उनका नाम हटाने का काम किया। उन्होंने इसे सपा की सनातन परंपरा और सामाजिक न्याय के प्रति उदासीनता का प्रमाण बताया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करने पर योगी का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होना और बात है, लेकिन इसके आधार पर पूरे ट्रस्ट पर उंगली उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच, गिरफ्तारी और एफआईआर के बाद विपक्ष का ट्रस्ट को बदनाम करना राजनीति से प्रेरित है।
राष्ट्र प्रेस
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