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योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस-सपा पर हमला: 'बाबरी पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था की बात न करें'

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योगी आदित्यनाथ का कांग्रेस-सपा पर हमला: 'बाबरी पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था की बात न करें'

सारांश

प्रतापगढ़ में ₹384 करोड़ की 111 परियोजनाओं के उद्घाटन के मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा को सीधी चुनौती दी — जिन्होंने बाबरी का समर्थन किया और रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, वे आस्था की बात करने के अधिकारी नहीं हैं।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 7 जुलाई को प्रतापगढ़ में कांग्रेस और सपा पर जाति व आस्था के नाम पर समाज विभाजन का आरोप लगाया।
योगी ने कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए, अब वही अयोध्या और आस्था की बात कर रही है।
सपा पर आरोप लगाया कि उसने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, इसलिए उसे आस्था की राजनीति का अधिकार नहीं।
पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप — हिंदू धार्मिक स्थलों के संसाधन कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने में खर्च किए गए।
कार्यक्रम में ₹384 करोड़ से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 जुलाई को प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल जाति और धार्मिक आस्था के नाम पर समाज को विभाजित करने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनका अपना इतिहास इन मूल्यों के विरुद्ध रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ₹384 करोड़ से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जो कांग्रेस कभी कहती थी कि भगवान राम और भगवान कृष्ण का अस्तित्व ही नहीं था, वही आज अयोध्या और आस्था की बात कर रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी बाबरी ढांचे का समर्थन किया और उस पर घड़ियाली आंसू बहाए। अब ये गिरगिट की तरह रंग बदलकर आस्था की राजनीति कर रहे हैं।'

सपा पर सीधा आरोप

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं। उन्होंने कहा कि ऐसे दल को आस्था की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, रामभक्तों का अयोध्या से जुड़ाव स्वाभाविक है, लेकिन जिन दलों ने भगवान राम के अस्तित्व को नकारा या रामभक्तों का दमन किया, वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए आस्था का नाम ले रहे हैं।

पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर धार्मिक स्थलों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि हिंदू धार्मिक विरासत से जुड़े स्थलों के संरक्षण के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने में किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस आस्था की बात कर रहे हैं।

विकास और विरासत का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है और यही 'डबल इंजन सरकार' की प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि देश और प्रदेश की जनता अब कांग्रेस और सपा की राजनीति को भली-भाँति समझ चुकी है और उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी सामाजिक और धार्मिक पहचान को मज़बूत करने में लगे हैं। योगी आदित्यनाथ के इस प्रकार के आक्रामक बयान राज्य की राजनीतिक बहस को नई दिशा देते हैं। प्रतापगढ़ में ₹384 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण सरकार की विकास-केंद्रित छवि को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि नीतिगत बहस के। आलोचकों का कहना है कि जब तक सरकार रोज़गार, महँगाई और कानून-व्यवस्था पर ठोस आँकड़े नहीं देती, धार्मिक विमर्श को केंद्र में रखना विकास की जवाबदेही से ध्यान हटाने का तरीका बन सकता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि विपक्ष की ओर से इन आरोपों का कोई औपचारिक जवाब क्यों नहीं आया।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने प्रतापगढ़ में कांग्रेस-सपा पर क्या आरोप लगाए?
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए और सपा ने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं। उन्होंने कहा कि बाबरी ढांचे का समर्थन करने वाले दलों को अब आस्था की राजनीति करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
प्रतापगढ़ में योगी आदित्यनाथ किस कार्यक्रम में शामिल हुए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में ₹384 करोड़ से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी मंच से उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हमला बोला।
योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर क्या आरोप लगाया?
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदू धार्मिक विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने में किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस आस्था की बात कर रहे हैं।
'डबल इंजन सरकार' से योगी का क्या आशय है?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार होने से विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चलना संभव हो रहा है। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' की प्राथमिकता बताया।
योगी के इस बयान का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह बयान उत्तर प्रदेश में बढ़ती चुनावी सरगर्मियों के बीच आया है, जब सभी प्रमुख दल अपनी सामाजिक और धार्मिक पहचान को मज़बूत करने में लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि धार्मिक विमर्श को केंद्र में रखना विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में डालने की रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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