सीएम योगी का प्रतापगढ़-सुल्तानपुर दौरा: ₹1,200 करोड़ से अधिक की 210 विकास परियोजनाओं की सौगात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ₹1,200 करोड़ से अधिक की लागत वाली कुल 210 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी इन परियोजनाओं को 'विकसित उत्तर प्रदेश' अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रतापगढ़ और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में ₹384 करोड़ से अधिक की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इसके बाद सुल्तानपुर और इसौली विधानसभा क्षेत्रों में ₹819 करोड़ से अधिक की 99 परियोजनाओं की सौगात दी गई। इस प्रकार दोनों जिलों में कुल निवेश ₹1,200 करोड़ से ऊपर रहा।
परियोजनाओं में क्या शामिल है
इन परियोजनाओं में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, पेयजल और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, सिलाई मशीन, आवास की चाबी, चेक, स्वीकृति-पत्र, प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति-पत्र भी वितरित किए गए। यह वितरण सीधे तौर पर उन नागरिकों तक पहुँचने का प्रयास है जो सरकारी योजनाओं के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "आज जनपद प्रतापगढ़ और सुलतानपुर में स्वास्थ्य, विकास व जनकल्याण के नए संकल्प साकार होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि "ये परियोजनाएं 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई ऊर्जा और नई शक्ति प्रदान करेंगी।" यह दौरा उनके उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है जिसके तहत वे राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा और उद्घाटन करते रहे हैं।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक शहर में रूट डायवर्जन लागू रहा और भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर दोनों ही जिले पूर्वांचल के उन क्षेत्रों में आते हैं जहाँ बुनियादी ढाँचे की कमी लंबे समय से चुनौती रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाएँ स्थानीय स्वास्थ्य सेवा की पहुँच को बेहतर बना सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पूर्वांचल में विकास की गति तेज करने पर ज़ोर दे रही है।