गोरखपुर को ₹926 करोड़ की 226 विकास परियोजनाओं की सौगात, CM योगी ने किया लोकार्पण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद को रविवार, 14 जून को ₹926 करोड़ से अधिक की लागत वाली 226 विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। इन परियोजनाओं के तहत विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया, साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। यह आयोजन विकास, जनविश्वास और लोकमंगल के नए आयाम स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन तपोस्थली गोरखपुर में विकास, जनविश्वास और लोकमंगल के नए आयाम जुड़ेंगे। ₹926 करोड़ से अधिक की लागत से 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि 'डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सुशासन, सुरक्षा और समृद्धि के इस अभियान का सहभागी बने।'
शनिवार को भी हुई परियोजनाओं की झड़ी
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, शनिवार, 13 जून को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ₹295 करोड़ से अधिक की लागत वाली 319 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया था। इस प्रकार दो दिनों में गोरखपुर जनपद को कुल ₹1,221 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली।
रोज़गार और युवाओं पर ज़ोर
शनिवार के कार्यक्रम में जनपदवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अब नौजवानों को अपने ही क्षेत्र में रोज़गार और नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'विकास की प्रक्रिया तीव्र गति से आगे बढ़े, यही आज नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन गई है।'
आम जनता पर असर
इन परियोजनाओं से गोरखपुर के नागरिकों को बुनियादी ढाँचे, सार्वजनिक सेवाओं और स्थानीय रोज़गार के अवसरों में सुधार मिलने की उम्मीद है। जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रमाण-पत्र वितरण से पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं तक सीधी पहुँच सुनिश्चित होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 'नए उत्तर प्रदेश' की छवि को और मज़बूत करने में जुटी है।
क्या होगा आगे
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रफ़्तार और लाभार्थियों तक योजनाओं की वास्तविक पहुँच ही इस आयोजन की असली कसौटी होगी। गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद भी है, में इस स्तर का निवेश राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।