योगी आदित्यनाथ का कुशीनगर-गोरखपुर दौरा: ₹424 करोड़ की 278 परियोजनाओं का लोकार्पण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 2 जून को कुशीनगर जनपद में ₹424 करोड़ से अधिक लागत की 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर में ₹20.35 करोड़ की लागत से विकसित चिलुआताल पर्यटन परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और सहायता राशि भी वितरित की गई।
कुशीनगर में विकास की नई बयार
कुशीनगर — जो भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर अंकित है — में मुख्यमंत्री ने ₹424 करोड़ से अधिक की 278 परियोजनाओं का एक साथ लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आधारभूत संरचना शामिल बताई जा रही है। साथ ही, सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सीधे सहायता राशि और दस्तावेज़ सौंपे गए।
गोरखपुर में चिलुआताल पर्यटन परियोजना का उद्घाटन
कुशीनगर कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने ₹20.35 करोड़ की लागत से विकसित चिलुआताल पर्यटन परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। यह परियोजना गोरखपुर के पर्यटन बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री का संदेश: विरासत और विकास का संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर एवं महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन तपोस्थली गोरखपुर की पुण्य धरा पर आज विकास, विरासत और जनकल्याण के संकल्प को नई गति देने का अवसर प्राप्त होगा।" उन्होंने यह भी कहा, "विरासत का सम्मान और विकास का विस्तार, यही डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता है।"
आम जनता पर असर
इन परियोजनाओं से कुशीनगर और गोरखपुर के लाखों निवासियों को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह दोनों जनपद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक और धार्मिक महत्व के क्षेत्र हैं — गोरखपुर उनकी अपनी विधानसभा सीट है और गोरखनाथ मंदिर से उनका गहरा जुड़ाव है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पूर्वांचल के विकास को प्राथमिकता देने का संदेश देने में जुटी है।
क्या होगा आगे
चिलुआताल परियोजना के पूरी तरह चालू होने से गोरखपुर में घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। कुशीनगर में बौद्ध सर्किट के विस्तार के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए भी प्रयास जारी हैं। राज्य सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।