11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रयागराज में ₹400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, सीएम योगी बोले — विकास यात्रा मां गंगा की धारा की तरह अविरल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रयागराज में ₹400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, सीएम योगी बोले — विकास यात्रा मां गंगा की धारा की तरह अविरल

सारांश

₹400 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ सीएम योगी ने प्रयागराज को सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के संगम के रूप में पेश किया। 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत का जीर्णोद्धार, 400 टन कचरे से बने शिवालिक पार्क और गंगा एक्सप्रेसवे — यह शहर नई पहचान की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 मई 2026 को प्रयागराज में ₹400 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत का जीर्णोद्धार और पार्षदों के लिए आधुनिक सदन हॉल तैयार।
शिवालिक पार्क में 400 टन वेस्ट मटेरियल से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियाँ — 'वेस्ट टू वेल्थ' की मिसाल।
गंगा नदी पर ₹1,000 करोड़ की लागत से फोर-लेन पुल निर्माण जारी; गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज-दिल्ली दूरी अब 7 घंटे ।
2019 कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी।
सफाईकर्मियों को सुरक्षा किट देकर सम्मानित किया गया; प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट लॉन्च।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 26 मई 2026 को प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल सहित ₹400 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा कहीं रुकी नहीं, कहीं थमी नहीं — यह मां गंगा की धारा की तरह अविरल आगे बढ़ रही है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत के भव्य जीर्णोद्धार, पार्षदों के लिए आधुनिक सदन हॉल और जोनल पार्कों के विकास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नवीन वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। उन्होंने नगर निगम के शानदार तीन वर्षों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में सफाई नायक लता कुमारी, सफाई मित्र पूनम, फूला देवी, मीना देवी और संजय कुमार सहित सफाईकर्मियों को कैप, ग्लव्स, बूट, मास्क और कोट की किट देकर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का संगम

मुख्यमंत्री ने 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज आज सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक गौरव और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बन चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले माघ मेला और कुंभ जैसे आयोजन गंदगी, भगदड़ और अव्यवस्था के प्रतीक बन गए थे।

उनके अनुसार, 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी, जिससे भारतीय सनातन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली। उन्होंने यह भी कहा कि शिवालिक पार्क 'वेस्ट टू वेल्थ' की सफल मिसाल है — 400 टन वेस्ट मटेरियल से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियाँ तैयार की गई हैं।

सुरक्षा और सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पहले प्रयागराज में भय, माफियागिरी और गुंडागर्दी का माहौल था तथा सार्वजनिक भूमि पर कब्जे होते थे। उनके अनुसार आज शहर माफिया और अपराध से मुक्त हो चुका है और बेटियाँ, व्यापारी व आम नागरिक किसी भी समय निडर होकर निकल सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी बेटियों से छेड़छाड़ या अपराध का दुस्साहस करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

गौरतलब है कि महाकुंभ-2025 के 45 दिनों के दौरान भारी यातायात असुविधा के बावजूद प्रयागराजवासियों ने पूरा सहयोग दिया, जिसकी मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की।

बुनियादी ढाँचे की बड़ी परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रयागराज से दिल्ली अब मात्र सात घंटे में पहुँचा जा सकता है और इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी वाहन स्थिर महसूस होता है। इसके अलावा, हर्षवर्धन के विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी पर लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से फोर-लेन पुल का निर्माण जारी है और फाफामऊ पुल का कार्य भी शीघ्र पूरा होने की बात कही गई।

उन्होंने बताया कि इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण एवं शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के हाथों कराने का प्रयास किया जा रहा है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री योगी ने भरोसा दिलाया कि प्रयागराज में अभी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य शेष है और प्रदेश सरकार विकास के हर प्रस्ताव पर पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि महर्षि भारद्वाज आश्रम को अतिक्रमण से मुक्त कराकर भव्य स्वरूप दिया गया है और अक्षय वट के दर्शन अब आम श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं। प्रयागराज की यह विकास यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर रखरखाव का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। ₹1,000 करोड़ के फोर-लेन पुल और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट निस्संदेह बड़े हैं, लेकिन इनके समयबद्ध पूर्ण होने और गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी का कोई सार्वजनिक ढाँचा अभी दिखाई नहीं देता। विकास की इस आख्यान में सांस्कृतिक पुनरुद्धार और सुशासन के दावे जितने मजबूत हैं, उतनी ही जरूरत है कि नागरिक सेवाओं — जैसे सफाई, जल आपूर्ति और सड़क रखरखाव — के वास्तविक मानकों को भी मापा जाए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने प्रयागराज में कौन-सी परियोजनाओं का लोकार्पण किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 मई 2026 को प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल, शिवालिक पार्क, जोनल पार्क और प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट सहित ₹400 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 161 वर्ष पुरानी नगर निगम इमारत का भव्य जीर्णोद्धार भी इस अवसर पर प्रदर्शित किया गया।
शिवालिक पार्क 'वेस्ट टू वेल्थ' की मिसाल कैसे है?
शिवालिक पार्क में 400 टन वेस्ट मटेरियल का उपयोग करके द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियाँ तैयार की गई हैं, जो आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं। मुख्यमंत्री योगी ने इसे कचरे को संपत्ति में बदलने की सफल मिसाल बताया।
प्रयागराज में गंगा नदी पर बन रहे पुल की लागत और विशेषताएँ क्या हैं?
हर्षवर्धन के विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी पर लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से फोर-लेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा फाफामऊ पुल का कार्य भी शीघ्र पूरा होने की बात मुख्यमंत्री ने कही है।
गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज और दिल्ली के बीच यात्रा में क्या बदलाव आया है?
गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रयागराज से दिल्ली की दूरी अब मात्र सात घंटे में तय की जा सकती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी वाहन चलाना अत्यंत सुगम अनुभव है।
प्रयागराज कुंभ को यूनेस्को की मान्यता कब और कैसे मिली?
वर्ष 2019 में आयोजित प्रयागराज कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार यह मान्यता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संभव हुई और इससे भारतीय सनातन परंपरा को वैश्विक पहचान मिली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले