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सीएम योगी का बड़ा बयान: पिछली सरकारों का भ्रष्टाचार साफ करने में लगा समय, लखनऊ को ₹413 करोड़ की सौगात

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सीएम योगी का बड़ा बयान: पिछली सरकारों का भ्रष्टाचार साफ करने में लगा समय, लखनऊ को ₹413 करोड़ की सौगात

सारांश

लखनऊ में महापौर कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सीएम योगी ने ₹413 करोड़ की 342 परियोजनाओं की सौगात दी और सीधे तौर पर कहा — पिछली सरकारों का भ्रष्टाचार साफ करने में वक्त लगा। स्वच्छता में तीसरे स्थान से पहले पर पहुँचने का संकल्प, और नगर निगम के बांड मूल्य में आठ गुना उछाल — यही है योगी का शहरी विकास का दावा।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 मई को लखनऊ में ₹413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
लखनऊ नगर निगम को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में तीसरा स्थान मिला; लक्ष्य पहला स्थान हासिल करना है।
BJP ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट जीती; 14,000 से अधिक पार्षदों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण।
नगर निगम का बांड मूल्य 2017 से पहले ₹25 करोड़ से बढ़कर अब ₹200 करोड़ से अधिक हो गया।
सीएम ने दावा किया कि शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 26 मई को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार और कुशासन की विरासत को दुरुस्त करने में समय लगा, लेकिन अब विकास और स्वच्छता के नए प्रतिमान स्थापित हो रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने ₹413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

महापौर कार्यकाल के तीन वर्ष: उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ

सीएम योगी ने लखनऊ नगर निगम के महापौर के तीन वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दी, जिसके परिणामस्वरूप विकास और स्वच्छता का एक नया मॉडल सामने आया। उन्होंने स्वीकार किया, 'हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा।'

सीएम ने 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषदों, 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन और लगभग 14,000 पार्षदों को तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर शुभकामनाएँ दीं।

स्वच्छता रैंकिंग और नागरिक जिम्मेदारी

योगी ने बताया कि लखनऊ नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में देश में तीसरा स्थान मिला है और लक्ष्य इसे पहले स्थान पर लाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और नालियों में कूड़ा न फेंकें।

सीएम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ढाई करोड़ रुपये की कार से आकर सार्वजनिक स्थलों से गमले चोरी करने वालों को यह समझना चाहिए कि हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्होंने कहा, '45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता।'

राष्ट्र प्रेरणा स्थल और शहरी परिवर्तन

सीएम योगी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण देते हुए बताया कि जहाँ 30 वर्षों से कूड़ा डंप होता था, वह स्थल अब सुंदर बन चुका है। वहाँ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो और हर प्रकार की जन-सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

पिछली सरकारों पर आरोप और विकास का दावा

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीबों के लिए मकान स्वीकृत नहीं हुए और योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों को मिलता था। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार ने जाति, क्षेत्र और मत-मजहब से परे जाकर शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराया।

उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष ₹200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया, जबकि 2017 से पहले यहाँ के बांड की कीमत ₹25 करोड़ भी नहीं थी।

वैश्विक महंगाई और भारत की स्थिति

सीएम योगी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में महंगाई को लगातार नियंत्रित किया गया है। आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले यह कार्यक्रम BJP के शहरी विकास एजेंडे को रेखांकित करने का प्रयास माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें जवाबदेही की कमी है — आखिर कितना साफ हुआ और कितना बाकी है, इसका कोई मापदंड नहीं दिया गया। लखनऊ की स्वच्छता रैंकिंग में तीसरे स्थान की उपलब्धि वास्तविक है, पर पहले स्थान का लक्ष्य बिना ठोस रोडमैप के महज चुनावी बयानबाज़ी लग सकता है। नगर निगम बांड में आठ गुना वृद्धि वित्तीय सुदृढ़ता का संकेत है, लेकिन इस पैसे का वास्तविक जमीनी उपयोग और ऑडिट पारदर्शिता पर सवाल अनुत्तरित हैं। विपक्ष की अनुपस्थिति में यह कार्यक्रम एकतरफा आख्यान बना रहा — संतुलित मूल्यांकन के लिए स्वतंत्र शहरी विकास विशेषज्ञों की राय ज़रूरी होगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने लखनऊ में किन परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 मई को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में ₹413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। यह कार्यक्रम लखनऊ नगर निगम के महापौर कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित था।
लखनऊ की स्वच्छता रैंकिंग क्या है और लक्ष्य क्या है?
राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला है। सीएम योगी ने इसे पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर क्या आरोप लगाए?
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीबों के लिए मकान स्वीकृत नहीं हुए और योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों तक सीमित था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार को दुरुस्त करने में उनकी सरकार का समय लगा।
उत्तर प्रदेश में BJP ने कितने नगर निगमों में जीत हासिल की?
BJP ने उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट जीती, जो पहली बार हुआ। इसके अलावा 200 नगर पालिका परिषदों और 545 नगर पंचायतों में भी पार्टी का बोर्ड बना।
लखनऊ नगर निगम के बांड में क्या बदलाव आया है?
लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष ₹200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया, जबकि 2017 से पहले यहाँ के बांड की कीमत ₹25 करोड़ भी नहीं थी। यह वृद्धि नगर निगम की वित्तीय साख में सुधार का संकेत मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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