27 जून 2026
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योगी ने ग्रेटर नोएडा को दी ₹9,228 करोड़ की सौगात, जेवर को बताया 'मंगलराज' का प्रतीक

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योगी ने ग्रेटर नोएडा को दी ₹9,228 करोड़ की सौगात, जेवर को बताया 'मंगलराज' का प्रतीक

सारांश

जेवर को कभी 'जंगलराज' की पहचान मिली थी — अब सीएम योगी उसे 'मंगलराज' का प्रतीक बता रहे हैं। ₹9,228 करोड़ की परियोजनाओं और ईएमसी में ₹6,750 करोड़ के निवेश के साथ, यमुना सिटी उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स महत्वाकांक्षा का नया केंद्र बनता दिख रहा है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा में ₹9,228 करोड़ की औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
यमुना सिटी सेक्टर-10 के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) में ₹6,750 करोड़ के निवेश वाली तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
परियोजनाओं में एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एक कंपनी का संयुक्त उपक्रम शामिल है।
सीएम योगी ने जेवर को 'मंगलराज का प्रतीक' बताया और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जल्द व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने की बात कही।
उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट निर्माण का सबसे बड़ा हब बनाने का लक्ष्य; आयात पर निर्भरता घटाकर निर्यात बढ़ाने की योजना।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा में यमुना सिटी और नोएडा क्षेत्र की कुल ₹9,228 करोड़ की औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने यमुना सिटी के सेक्टर-10 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) में ₹6,750 करोड़ के निवेश वाली तीन प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

परियोजनाओं में क्या शामिल है

इन परियोजनाओं में एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एक कंपनी के संयुक्त उपक्रम सहित कई बड़े निवेश शामिल हैं। यमुना सिटी के ईएमसी में होने वाला यह निवेश उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सीएम योगी का संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'कभी जंगलराज के लिए बदनाम रहा जेवर आज मंगलराज का प्रतीक बन गया है।' उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहा है और जल्द ही वहाँ से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी। योगी ने यह भी कहा कि जिन इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स का भारत अब तक विदेशों से आयात करता था, अब उन्हें उत्तर प्रदेश में निर्मित कर दुनिया के विभिन्न देशों को निर्यात करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निवेश का माहौल और सरकारी नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान नकारात्मक कारणों से होती थी, लेकिन आज वही प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने सरकार की सिंगल विंडो व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों को इसका श्रेय दिया, जिनके कारण बड़ी संख्या में कंपनियाँ प्रदेश में निवेश कर रही हैं।

रोजगार और औद्योगिक विकास पर असर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रेटर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स के उत्पादन में देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो गया है और उत्तर प्रदेश मोबाइल निर्माण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लगातार बड़े आयोजन कर रही है। गौरतलब है कि राज्य ने हाल के वर्षों में कई इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण इकाइयों को स्थापित करने में सफलता पाई है। आने वाले समय में जेवर हवाई अड्डे के परिचालन से यमुना सिटी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

228 करोड़ की यह घोषणा उत्तर प्रदेश सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जो बड़े निवेश आँकड़ों के ज़रिए राज्य की छवि बदलने पर केंद्रित है — लेकिन असली कसौटी यह है कि ये परियोजनाएँ वास्तविक रोजगार कब और कितनी संख्या में देती हैं। एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरियाई कंपनी का संयुक्त उपक्रम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की एंट्री का संकेत देता है, लेकिन जेवर हवाई अड्डे के परिचालन में देरी और बुनियादी ढाँचे की तैयारी पर सवाल अभी भी बने हुए हैं। 'जंगलराज से मंगलराज' की राजनीतिक भाषा प्रभावशाली है, पर निवेशकों की असली परीक्षा सिंगल विंडो से परे — ज़मीन पर क्रियान्वयन की गति से होगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने ग्रेटर नोएडा में कितनी राशि की परियोजनाओं का शिलान्यास किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा में यमुना सिटी और नोएडा क्षेत्र की कुल ₹9,228 करोड़ की औद्योगिक एवं विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें यमुना सिटी के ईएमसी में ₹6,750 करोड़ के निवेश वाली तीन प्रमुख परियोजनाएँ शामिल हैं।
यमुना सिटी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) क्या है?
यमुना सिटी के सेक्टर-10 में स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) उत्तर प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट निर्माण को बढ़ावा देने की योजना का केंद्र है। 27 जून को यहाँ ₹6,750 करोड़ के निवेश वाली तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिनमें एम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरियाई कंपनी का संयुक्त उपक्रम भी शामिल है।
सीएम योगी ने जेवर को 'मंगलराज का प्रतीक' क्यों कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर क्षेत्र जो कभी 'जंगलराज' के लिए बदनाम था, आज औद्योगिक निवेश और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकास का प्रतीक बन गया है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में बदली हुई कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल से जोड़ा।
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें कब शुरू होंगी?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जल्द व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी, हालाँकि उन्होंने कोई सटीक तिथि नहीं बताई। उनके अनुसार, हवाई अड्डे के परिचालन से क्षेत्र में औद्योगिक विकास तेज होगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में कहाँ तक पहुँचा है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश आज मोबाइल निर्माण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है और ग्रेटर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स उत्पादन में देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि जो इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट भारत अब तक आयात करता था, उन्हें अब उत्तर प्रदेश में निर्मित कर निर्यात किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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