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सीएम योगी का बड़ा कदम: जापान-यूपी निवेश संवाद से 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई साझेदारी

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सीएम योगी का बड़ा कदम: जापान-यूपी निवेश संवाद से 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई साझेदारी

सारांश

जापान के 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की ऐतिहासिक यात्रा के बाद सीएम योगी ने निवेश, कौशल विकास और बौद्ध पर्यटन पर ठोस कार्ययोजना तैयार की — यामानाशी जापान डेस्क से लेकर सारनाथ-नारा सांस्कृतिक सेतु तक, उत्तर प्रदेश-जापान साझेदारी अब कागज़ से ज़मीन पर उतर रही है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में जापान-यूपी निवेश समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
जापान से आए 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान निवेश, ग्रीन एनर्जी, शिक्षा और पर्यटन पर एमओयू हस्ताक्षरित हुए।
यीडा के तहत जापानी सिटी हेतु 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पूर्ण।
इन्वेस्ट यूपी में अलग 'यामानाशी जापान डेस्क' स्थापित करने का निर्देश; हर तीसरे महीने प्रगति रिपोर्ट।
सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु को जोड़ने वाला एकीकृत बौद्ध पर्यटन मार्ग विकसित करने के निर्देश।
यूपी प्रतिनिधिमंडल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में जापान के वैश्विक आयोजनों में भाग लेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त 2026 को लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसका उद्देश्य जापानी निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान से आए 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा ऐतिहासिक रही और इससे दोनों पक्षों के बीच एक सकारात्मक व भरोसेमंद माहौल का निर्माण हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में मुख्यमंत्री को जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हस्ताक्षरित सभी एमओयू (MOU) की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे का केंद्रीय फोकस निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर रहा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश लगातार अपनी 'इन्वेस्टर-फ्रेंडली' छवि को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में जुटा है।

जापानी सिटी और भूमि अधिग्रहण

मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अंतर्गत प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कुल 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है। योगी ने शेष कार्य को शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

युवाओं के लिए रोज़गार और कौशल विकास

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जापानी भाषा प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को तेज़ गति से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए इन्वेस्ट यूपी में एक अलग 'यामानाशी जापान डेस्क' स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि निरंतर संवाद सुनिश्चित हो सके। योगी ने हर तीसरे महीने इस डेस्क की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

बौद्ध पर्यटन सर्किट और सांस्कृतिक जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने जापानी पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों — सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु — को एक समन्वित पर्यटन मार्ग से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि यूनेस्को ने सारनाथ की भाँति जापान के नारा को भी विश्व धरोहर सूची में स्थान दिया है, जो दोनों के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने का एक सुअवसर है। यामानाशी प्रांत और उत्तर प्रदेश के टूर ऑपरेटरों के बीच द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।

आगे क्या होगा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में जापान में होने वाले वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भेजा जाए, जिसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हों। आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि युवाओं को उनके अनुभव का लाभ मिल सके। उत्तर प्रदेश-जापान साझेदारी अब केवल कूटनीतिक संवाद से आगे बढ़कर ज़मीनी क्रियान्वयन की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी एमओयू से आगे बढ़कर ज़मीनी रोज़गार सृजन में होगी। यीडा में 500 एकड़ की जापानी सिटी परियोजना में 350 एकड़ अधिग्रहण के बावजूद शेष कार्य की गति और पारदर्शिता पर नज़र रखनी होगी। यामानाशी जापान डेस्क और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट जैसे तंत्र सराहनीय हैं, परंतु इनकी सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। सारनाथ-नारा सांस्कृतिक जुड़ाव एक नवाचारी कदम है जो पर्यटन को कूटनीति का प्रभावी माध्यम बना सकता है — बशर्ते बुनियादी ढाँचा वादों के अनुरूप विकसित हो।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी की जापान-यूपी निवेश बैठक में क्या निर्णय हुए?
24 अगस्त 2026 को लखनऊ में हुई इस बैठक में जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ हस्ताक्षरित एमओयू की समीक्षा की गई और निवेश, कौशल विकास, बौद्ध पर्यटन तथा यामानाशी जापान डेस्क की स्थापना पर ठोस निर्देश दिए गए। यीडा में जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने का भी आदेश दिया गया।
यीडा में जापानी सिटी परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है?
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अंतर्गत प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए कुल 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। सीएम योगी ने शेष भूमि अधिग्रहण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
यामानाशी जापान डेस्क क्या है और यह किस काम आएगी?
इन्वेस्ट यूपी में स्थापित होने वाली यह विशेष डेस्क उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच निरंतर निवेश संवाद और रोज़गार सहयोग का केंद्र होगी। हर तीसरे महीने इसकी प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की जाएगी।
जापानी पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश में कौन-से बौद्ध स्थल विकसित किए जाएंगे?
सीएम योगी ने सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु को एक समन्वित बौद्ध पर्यटन मार्ग से जोड़ने का निर्देश दिया है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नारा (जापान) और सारनाथ के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने की भी योजना है।
उत्तर प्रदेश जापान के वैश्विक आयोजनों में कब भाग लेगा?
सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर 2026 में जापान में होने वाले वैश्विक आयोजनों में यूपी का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए। इस दल में मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योगपति और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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