19 अगस्त 2026
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यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026: 500 एकड़ की 'जापानी सिटी' और ₹3,195 करोड़ के निवेश का ऐलान

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यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026: 500 एकड़ की 'जापानी सिटी' और ₹3,195 करोड़ के निवेश का ऐलान

सारांश

नई दिल्ली में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में उत्तर प्रदेश ने 500 एकड़ की 'जापानी सिटी' की घोषणा की और ₹3,195 करोड़ की दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनसे करीब 10,440 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 का आयोजन हुआ, जिसमें जापान के 200 से अधिक वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-5ए में 500 एकड़ में 'जापानी सिटी' विकसित करने की घोषणा की गई।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की ₹2,029 करोड़ की विनिर्माण इकाई से 4,000 रोजगार और प्रतिवर्ष 60,000 ट्रैक्टर उत्पादन का लक्ष्य।
स्पार्क मिंडा समूह की ₹1,166 करोड़ की परियोजना से 6,440 रोजगार और प्रतिवर्ष 20 लाख यूनिट ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण की योजना।
सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, मेडिकल डिवाइस और EV कंपोनेंट को जापानी निवेश के लिए प्राथमिकता क्षेत्र घोषित किया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 के मंच से जापानी उद्योग जगत के सामने प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर और निवेश के नए अवसर प्रस्तुत किए। सम्मेलन में जापान से आए 200 से अधिक सीईओ, प्रबंध निदेशकों, कंट्री हेड्स और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर ₹3,195 करोड़ के संयुक्त निवेश वाली दो प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह भी संपन्न हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सहित कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए बुनियादी ढाँचे के विस्तार, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। उन्होंने जापानी कंपनियों से प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।

'जापानी सिटी' की घोषणा

सम्मेलन का सबसे चर्चित आकर्षण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) के सेक्टर-5ए में लगभग 500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाने वाली 'जापानी सिटी' की घोषणा रही। यह परियोजना जापानी उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक समर्पित औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय इकोसिस्टम के रूप में विकसित की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब कई एशियाई देश जापानी कंपनियों को विशेष औद्योगिक क्षेत्र देकर आकर्षित करने की होड़ में हैं।

दो बड़ी परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग

सम्मेलन के दौरान यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दो प्रमुख परियोजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास किया गया।

पहली परियोजना एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की विनिर्माण इकाई है। कंपनी को यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। ₹2,029 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाली इस परियोजना से लगभग 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसमें प्रतिवर्ष लगभग 60,000 ट्रैक्टरों का निर्माण किया जाएगा, साथ ही कृषि मशीनरी से जुड़े कलपुर्जों का उत्पादन भी होगा।

दूसरी परियोजना स्पार्क मिंडा समूह से जुड़ी है। कंपनी को यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में भूमि आवंटित की गई है। ₹1,166 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से लगभग 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके तहत प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यूनिट इलेक्ट्रॉनिक स्विच, सेंसर, यूएसबी चार्जर और अन्य ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

प्राथमिकता क्षेत्र और सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जापानी निवेशकों के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षित मानव संसाधन और त्वरित स्वीकृति प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े निवेश आयोजनों के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने की नीति पर चल रहा है। यह सम्मेलन उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है, जो अब जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देशों पर केंद्रित है।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

सम्मेलन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, यमुना प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं निवेश प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस सम्मेलन के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि घोषित परियोजनाएँ और 'जापानी सिटी' की अवधारणा जमीन पर किस रफ्तार से आकार लेती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश ने विदेशी निवेशकों के लिए समर्पित क्षेत्रों का वादा किया हो — असली कसौटी भूमि आवंटन से आगे बढ़कर परिचालन तक पहुँचने की रफ्तार होगी। ₹3,195 करोड़ की दो परियोजनाओं का शिलान्यास ठोस कदम है, पर 10,440 रोजगार के दावे सत्यापन-योग्य समयसीमा के बिना अधूरे हैं। गौरतलब है कि जापानी कंपनियाँ परंपरागत रूप से स्थिर नियामक वातावरण और सुनिश्चित आपूर्ति श्रृंखला को प्राथमिकता देती हैं — इसलिए 'जापानी सिटी' की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार एकल-खिड़की स्वीकृति और जमीनी बुनियादी ढाँचे को कितनी तेजी से वास्तविकता में बदल पाती है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित एक द्विपक्षीय निवेश सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना था। इसमें जापान के 200 से अधिक वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
'जापानी सिटी' क्या है और यह कहाँ बनेगी?
'जापानी सिटी' यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर-5ए में लगभग 500 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाने वाली एक समर्पित औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय परियोजना है। यह जापानी उद्योगों, व्यवसायों और नागरिकों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा और स्पार्क मिंडा की परियोजनाओं से कितने रोजगार मिलेंगे?
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड की ₹2,029 करोड़ की परियोजना से लगभग 4,000 और स्पार्क मिंडा समूह की ₹1,166 करोड़ की परियोजना से लगभग 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। दोनों परियोजनाएँ मिलकर करीब 10,440 रोजगार दे सकती हैं।
उत्तर प्रदेश जापानी निवेशकों के लिए किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहा है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को जापानी निवेश के लिए विशेष प्राथमिकता दे रही है।
सम्मेलन में कौन-कौन से केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे?
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय और राज्य मंत्री उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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