यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026: शिवराज चौहान बोले — जापानी तकनीक छोटे किसानों तक पहुँचे, लागत घटे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 में कृषि क्षेत्र में जापानी तकनीक और विशेषज्ञता को भारत के छोटे एवं सीमांत किसानों तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत-जापान साझेदारी का असली लाभ तभी होगा जब वह किसानों, ग्रामीण युवाओं और गाँव की अर्थव्यवस्था तक पहुँचे।
मुख्य घोषणाएँ और आह्वान
चौहान ने जापानी उद्योग जगत और संस्थानों से आग्रह किया कि वे ऐसी कृषि मशीनरी और तकनीक विकसित करें जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए सुलभ और किफायती हो। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी ज़रूरत ऐसी तकनीक है जो किसान की उत्पादकता बढ़ाए, पानी की खपत घटाए और उत्पादन लागत कम करे। साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि कृषि अनुसंधान केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे ऐसे व्यावहारिक उत्पादों में बदला जाए जिन्हें किसान आसानी से अपना सकें।
उत्तर प्रदेश — जापानी निवेश का मज़बूत केंद्र
केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश को जापानी कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की विशाल उपभोक्ता बाज़ार, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियाँ इसे वैश्विक स्तर पर आकर्षक बनाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जापान यात्रा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दोनों पक्षों के संबंध और प्रगाढ़ हुए हैं।
ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर
चौहान ने कृषि तकनीक को ग्रामीण युवाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उनके अनुसार, नई कृषि मशीनरी के संचालन, रखरखाव और उससे जुड़े व्यवसायों में गाँव के युवाओं के लिए रोज़गार और उद्यमिता के व्यापक अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह गाँव का युवा विकास का दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार बनेगा।
भारत-जापान साझेदारी की व्यापक दृष्टि
मंत्री ने भारत-जापान संबंधों को दो देशों के बीच नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों के बीच की साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक शक्ति और जापान की तकनीकी दक्षता मिलकर विकास की नई राह बना सकती हैं। उन्होंने जापान से कृषि तकनीक के क्षेत्र में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने में सहयोग देने का भी आग्रह किया।
इन्वेस्टमेंट मीट का विस्तार और भागीदारी
उल्लेखनीय है कि यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हो रहा है। इसमें 200 से अधिक जापानी उद्योगपति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। मीट में ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। यह मीट भारत-जापान कृषि-औद्योगिक सहयोग की दिशा में एक निर्णायक मंच साबित हो सकती है।