3 अक्टूबर 2026
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मुंबई: बांद्रा में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कार मैकेनिक डैशबोर्ड पर कैप रखकर जमाता था रौब

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मुंबई: बांद्रा में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, कार मैकेनिक डैशबोर्ड पर कैप रखकर जमाता था रौब

सारांश

मुंबई के बांद्रा में एक कार मैकेनिक का फर्जीवाड़ा उजागर — डैशबोर्ड पर नीली पुलिस कैप रखकर खुद को पुलिसकर्मी बताता था। टोइंग के दौरान बदसलूकी करने पर पकड़ाया। गाड़ी के कागज़ात भी नहीं मिले, FIR दर्ज।

मुख्य बातें

फहाद फरीद खान (37) , निवासी बांद्रा पश्चिम , को 3 अक्टूबर 2026 को फर्जी पुलिसकर्मी के रूप में गिरफ्तार किया गया।
आरोपी कार के डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखकर खुद को पुलिसकर्मी बताता था।
पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की सफेद कार और पुलिस कैप जब्त की; गाड़ी के कोई दस्तावेज़ नहीं मिले।
रघुनाथ मार्ग पर टोइंग कार्रवाई के दौरान हुई, जब आरोपी ने ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी की।
पुलिस जाँच कर रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह किसी को डराया-धमकाया था या नहीं।

मुंबई के बांद्रा इलाके में 3 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया है, जो अपनी कार के डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखकर खुद को पुलिसकर्मी बताता था और आम नागरिकों व ट्रैफिक पुलिस पर रौब जमाता था। आरोपी की पहचान फहाद फरीद खान (37 वर्ष), निवासी बांद्रा पश्चिम, के रूप में हुई है, जो पेशे से कार मैकेनिक है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ पर्दाफाश

बांद्रा पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस हवलदार निखिलेश हनुमंत साबले और हवलदार सांगवे डॉ. वी. रघुनाथ मार्ग पर नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान व्हाइट हाउस बिल्डिंग के सामने एक संदिग्ध सफेद रंग की कार खड़ी नज़र आई — न तो कोई नंबर प्लेट थी, न ही कारचालक दिखाई दे रहा था। कार के सभी शीशों पर पर्दे लगे हुए थे और फ्रंट डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखी थी।

कार अंदर से लॉक होने के कारण हवलदार साबले ने बांद्रा ट्रैफिक विभाग को सूचित किया। शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर ट्रैफिक पुलिस हवलदार अनिल कोली टोइंग वैन लेकर मौके पर पहुँचे। जैसे ही गाड़ी उठाने की कार्रवाई शुरू हुई, एक व्यक्ति वहाँ पहुँचा और ट्रैफिक पुलिस व टोइंग कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने लगा।

पूछताछ में खुली पोल

बहस के दौरान कार के भीतर से एक महिला भी बाहर निकली। पुलिस ने जब नंबर प्लेट न होने और पुलिस कैप रखे जाने के बारे में कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी गोलमोल जवाब देने लगा। कड़े अनुशासन में की गई जाँच के बाद उसकी असली पहचान सामने आ गई।

आरोपी के पास गाड़ी का कोई भी दस्तावेज़ नहीं मिला। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की कार और डैशबोर्ड पर रखी नीले रंग की पुलिस कैप जब्त कर ली।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

मुंबई पुलिस ने बताया कि आरोपी फहाद फरीद खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँच में यह स्थापित हुआ है कि आरोपी जानबूझकर पुलिस कैप को डैशबोर्ड पर रखता था ताकि आम जनता और ट्रैफिक पुलिस यह समझे कि वह पुलिसकर्मी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद कार आरोपी ने कहाँ से हासिल की और क्या उसने इससे पहले भी किसी को इस तरह डराया-धमकाया था।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में फर्जी पहचान के दुरुपयोग की घटनाएँ सामने आती रही हैं। पुलिस कैप जैसे प्रतीकों का दुरुपयोग करना न केवल आम नागरिकों को गुमराह करता है, बल्कि पुलिस की साख पर भी सवाल खड़े करता है। गौरतलब है कि फर्जी पुलिसकर्मी बनकर धौंस जमाना भारतीय दंड संहिता के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है और आरोपी की पिछली गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। न्यायालय में पेशी के बाद अगली कार्रवाई तय होगी और यह भी देखा जाएगा कि बरामद कार किसकी है तथा कहाँ से आई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन निरोधक उपाय सीमित हैं। असली ज़रूरत जाँच से आगे जाकर प्रणालीगत सुधार की है ताकि पुलिस की पहचान का दुरुपयोग रोका जा सके।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई बांद्रा में फर्जी पुलिसकर्मी को कैसे पकड़ा गया?
बांद्रा ट्रैफिक पुलिस जब बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध कार टो करने पहुँची, तब आरोपी फहाद फरीद खान मौके पर आया और बदसलूकी करने लगा। कड़ी पूछताछ में उसकी असली पहचान — एक कार मैकेनिक — सामने आ गई।
आरोपी फहाद फरीद खान ने क्या तरीका अपनाया था?
आरोपी अपनी बिना नंबर प्लेट की सफेद कार के डैशबोर्ड पर नीले रंग की पुलिस कैप रखता था, जिससे देखने वालों को लगे कि वह पुलिसकर्मी है। इस तरह वह आम जनता और ट्रैफिक पुलिस पर रौब जमाता था।
फर्जी पुलिसकर्मी बनने पर भारत में क्या सज़ा हो सकती है?
भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करना एक संज्ञेय अपराध है जिसमें कारावास और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जाँच जारी है।
क्या पुलिस यह पता लगा पाई है कि आरोपी ने पहले भी ऐसा किया था?
पुलिस अभी इसकी जाँच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद कार आरोपी ने कहाँ से हासिल की और क्या उसने पहले भी किसी को इसी तरह डराया-धमकाया था।
घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई के बांद्रा इलाके में डॉ. वी. रघुनाथ मार्ग पर व्हाइट हाउस बिल्डिंग के सामने शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर हुई।
राष्ट्र प्रेस
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