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फर्जी IPS बनकर चाय वाले से विवाद: लखनऊ में मिथिलेश शुक्ला गिरफ्तार, पुलिस को सैल्यूट का दिया था आदेश

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फर्जी IPS बनकर चाय वाले से विवाद: लखनऊ में मिथिलेश शुक्ला गिरफ्तार, पुलिस को सैल्यूट का दिया था आदेश

सारांश

लखनऊ के गोल मार्केट में चाय वाले से पैसों के विवाद में एक व्यक्ति ने खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को ही सैल्यूट का आदेश दे दिया। असलियत में वह सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव निकला। पुलिस ने तत्काल हिरासत में लेकर BNS की तीन धाराओं में FIR दर्ज की।

मुख्य बातें

मिथिलेश शुक्ला (40 वर्ष) को 16 जून 2026 को लखनऊ के महानगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी ने खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को सैल्यूट करने और टोपी लगाने का आदेश दिया।
वास्तव में आरोपी नोएडा सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अक्सर फर्जी IPS बनकर लोगों को धमकाता था।
BNS धारा 132, 221 और 204 के तहत FIR दर्ज; आरोपी न्यायिक हिरासत में।

लखनऊ के महानगर थाना पुलिस ने 16 जून 2026 को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो फर्जी IPS अधिकारी बनकर एक चाय विक्रेता से विवाद कर रहा था और मौके पर पहुँची पुलिस टीम को भी सैल्यूट करने का आदेश दे रहा था। आरोपी ने खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताया, जबकि वह वास्तव में एक निजी कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव है।

मुख्य घटनाक्रम

पूरी घटना महानगर इलाके के गोल मार्केट की है। आरोपी मिथिलेश शुक्ला (40 वर्ष) एक चाय दुकानदार से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद में उलझ गया। जब दुकानदार ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो शुक्ला ने रौब दिखाते हुए कहा — 'टोपी क्यों नहीं लगाई है? मुझे सैल्यूट करो। मैं नोएडा में तैनात IPS अधिकारी हूँ।'

जब पुलिसकर्मियों ने पहचान पत्र माँगा, तो आरोपी ने टालमटोल करते हुए कहा कि सुबह लाकर दे दूँगा। इस संदिग्ध व्यवहार पर पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया और पूछताछ में उसका पूरा झूठ सामने आ गया।

आरोपी की असली पहचान

पुलिस के अनुसार, मिथिलेश शुक्ला लखनऊ के मड़ियाव थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतापुर रोड स्थित भारत नगर का निवासी है। वह नोएडा सेक्टर-18 में स्थित सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है। वह किसी भी प्रकार का पुलिस अधिकारी नहीं है।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अक्सर फर्जी IPS अधिकारी बनकर लोगों को धमकाता और रौब झाड़ता था। गोल मार्केट में यह कोई पहली बार नहीं था — स्थानीय लोग भी उसके इस व्यवहार से हैरान रह गए।

कानूनी कार्रवाई

महानगर थाने में दरोगा आर्यन शर्मा की शिकायत पर मिथिलेश शुक्ला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है:

धारा 132 (सरकारी सेवक का छद्म वेश धारण करना), धारा 221 (छद्म वेश में अपराध करना) तथा धारा 204 (साक्ष्य गुप्त रखने या नष्ट करने संबंधी)। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आम जनता पर असर

यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि सरकारी अधिकारी का छद्म वेश धारण करना न केवल आम नागरिकों को गुमराह करता है, बल्कि कानून-व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को भी ठेस पहुँचाता है। गौरतलब है कि इस तरह के मामले उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आते रहे हैं, जहाँ फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगा या डराया जाता है।

क्या होगा आगे

पुलिस जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले कितने लोगों को इसी तरह डराया या ठगा। BNS की संबंधित धाराओं के तहत दोषसिद्ध होने पर आरोपी को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सार्वजनिक स्थानों पर त्वरित पहचान-सत्यापन की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस की सतर्कता इस बार काम आई, लेकिन असली सवाल यह है कि इससे पहले कितने लोग इस आरोपी के झाँसे में आ चुके थे — और वे शिकायत दर्ज कराने क्यों नहीं आए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में फर्जी IPS अधिकारी का मामला क्या है?
लखनऊ के गोल मार्केट में मिथिलेश शुक्ला नामक व्यक्ति ने खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताकर चाय वाले से विवाद किया और पुलिस को सैल्यूट का आदेश दिया। पूछताछ में वह सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव निकला।
आरोपी मिथिलेश शुक्ला के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
महानगर थाने में BNS की धारा 132 (सरकारी सेवक का छद्म वेश धारण करना), धारा 221 (छद्म वेश में अपराध करना) और धारा 204 (साक्ष्य गुप्त रखना या नष्ट करना) के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मिथिलेश शुक्ला वास्तव में कौन है?
मिथिलेश शुक्ला (40 वर्ष) लखनऊ के मड़ियाव थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतापुर रोड स्थित भारत नगर का निवासी है। वह नोएडा सेक्टर-18 में सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है और किसी भी प्रकार का पुलिस अधिकारी नहीं है।
पुलिस को शक कैसे हुआ कि वह फर्जी अधिकारी है?
जब पुलिसकर्मियों ने पहचान पत्र माँगा तो आरोपी ने टालमटोल किया और कहा कि सुबह लाकर दे दूँगा। इस संदिग्ध व्यवहार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसकी असली पहचान सामने आई।
क्या आरोपी पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका है?
पूछताछ में सामने आया कि मिथिलेश शुक्ला अक्सर फर्जी IPS अधिकारी बनकर लोगों को धमकाता और रौब झाड़ता था। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि इससे पहले कितने लोग उसके झाँसे में आए।
राष्ट्र प्रेस
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