नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार: अमेरिका-ब्रिटेन की महिलाओं की फर्जी ID से लखनऊ युवक से ₹28 लाख की ठगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 16 मई 2026 को दक्षिण दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया, जो सोशल मीडिया पर अमेरिका और ब्रिटेन की महिलाओं के नाम से फर्जी आईडी बनाकर भारतीय पुरुषों को ठगने का काम करता था। आरोपी की पहचान उचनेवा के रूप में हुई है। उसके पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, उचनेवा और उसके साथी सबसे पहले सोशल मीडिया पर अमेरिका या ब्रिटेन की महिलाओं के नाम से फर्जी अकाउंट बनाते थे। इसके बाद वे भारतीय पुरुषों से दोस्ती कर उन्हें प्रेम जाल में फँसाते थे। जब पीड़ित पूरी तरह भरोसे में आ जाता, तो आरोपी भारत आकर मिलने का प्रलोभन देता और इससे पहले पैसे व उपहार की माँग करता था।
लखनऊ के डालीगंज के एक युवक के साथ हुई ठगी में आरोपी और उसके साथियों ने विलियम डेविस के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया। सितंबर 2025 में युवक को बताया गया कि विलियम डेविस उसके लिए तीन करोड़ पाउंड लेकर आ रही है, लेकिन इसे प्राप्त करने के लिए पहले ₹61,500 जमा कराने होंगे।
इसके बाद एक के बाद एक बहाने बनाकर जनवरी 2026 तक युवक से कुल ₹28 लाख ऐंठ लिए गए। जब युवक को एक रुपया भी वापस नहीं मिला, तो उसने लखनऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस के मुताबिक, उचनेवा 2010 में कपड़े का व्यवसाय करने के इरादे से भारत आया था। व्यवसाय में अपेक्षित लाभ न मिलने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया ठगी का रास्ता अपनाया। यह उसकी पहली गिरफ्तारी नहीं है — 2020 में मध्य प्रदेश पुलिस ने इसी प्रकार के मामले में उसे गिरफ्तार किया था और वह चार साल तक जेल में रहा।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसके कुछ और साथी भी इसी तरह सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर भारतीय पुरुषों से पैसे ऐंठने का काम कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे लखनऊ के दरियागंज थाने में लाया गया है।
पुलिस जाँच की स्थिति
UP STF अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस ठगी के जाल में कितने और लोग शामिल हैं और कितने पीड़ित हो सकते हैं। आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है।
आम लोगों पर असर
यह मामला सोशल मीडिया पर 'रोमांस स्कैम' की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जिसमें अनजान व्यक्ति भावनात्मक संबंध बनाकर पीड़ितों से बड़ी रकम ठग लेते हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर शर्म के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे असली आँकड़े सामने नहीं आ पाते। आगे इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ और खुलासे हो सकते हैं।