सर्राफा व्यापारी पुलिस उगाही से त्रस्त: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 16 मई 2025 को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सर्राफा कारोबार गहरे संकट में है और पुलिस-प्रशासन द्वारा व्यापारियों से फर्जी मुकदमों व उगाही के जरिए वसूली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रतिदिन 10 से 15 व्यापारी पुलिस वसूली का शिकार हो रहे हैं।
मुख्य आरोप और दावे
अखिलेश यादव ने कहा कि स्वर्णकार समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सर्वाधिक राजस्व देने वाले वर्गों में शामिल है, फिर भी इस समुदाय को न सुरक्षा मिल रही है और न सम्मान। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसा माहौल तैयार कर रही है, जिससे छोटे और मध्यम कारोबारी आर्थिक संकट में फँसे रहें। उनके अनुसार, देश की पूँजी कुछ चुनिंदा हाथों में सिमट गई है और महँगाई ने आम व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।
केंद्र की नीतियों पर सवाल
सपा प्रमुख ने सोने को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों की क्रय-शक्ति कमजोर हो, तो अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का दावा खोखला लगता है। आलोचकों का कहना है कि सोने की ऊँची कीमतों और घटती माँग के बीच सर्राफा व्यापारी दोहरी मार झेल रहे हैं।
भ्रष्टाचार और जमीन घोटाले के आरोप
अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भ्रष्टाचार और जमीन घोटालों के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ और प्रयागराज में बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है और इसमें BJP नेताओं की भूमिका रही है। ये आरोप कथित तौर पर लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों का पक्ष
कार्यक्रम में उपस्थित स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने भी सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग और व्यापारियों को डराने-धमकाने के आरोप लगाए। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सर्राफा कारोबारी संगठन कड़े नियमों और निगरानी के बढ़ते दबाव की शिकायत कर रहे हैं।
2027 के लिए सपा के वादे
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर स्वर्णकार बोर्ड का गठन किया जाएगा, डिजाइन विश्वविद्यालय की स्थापना होगी और संत नरहरि दास महाराज की प्रतिमा गोमती रिवरफ्रंट पर स्थापित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजवादी सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और प्रदेश में अमन-चैन कायम रहेगा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सपा का स्वर्णकार समुदाय को साधने का स्पष्ट राजनीतिक प्रयास है।