नोएडा साइबर क्राइम: फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को बैंक खाता देने वाला गिरफ्तार, ₹1.78 करोड़ का लेनदेन उजागर
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सहयोगी अमलेश प्रसाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में विभिन्न साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़े कुल ₹1.78 करोड़ का लेनदेन सामने आया है।
मामले का घटनाक्रम
इस प्रकरण की शुरुआत 2 मई 2025 को हुई, जब एक पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ बताने वाले साइबर अपराधियों ने अधिक मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद आरोपियों ने एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करवाया और लाखों रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस अमलेश प्रसाद तक पहुंची, जो सूरजपुर क्षेत्र, नोएडा का निवासी है और जिसकी उम्र करीब 41 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तारी के समय उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
आरोपी की भूमिका और आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया कि अमलेश प्रसाद साइबर ठगी करने वाले गिरोह को 10 प्रतिशत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था। इसी खाते में इस विशेष मामले से संबंधित ₹15.50 लाख की राशि भी ट्रांसफर हुई थी। कुल मिलाकर उसके खाते में विभिन्न साइबर ठगी की घटनाओं से ₹1.78 करोड़ जमा हुए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं — तेलंगाना में 8, कर्नाटक में 6, तमिलनाडु में 3, केरल और महाराष्ट्र में 2-2, तथा हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में एक-एक मुकदमा। यह आँकड़ा स्पष्ट करता है कि आरोपी लंबे समय से एक सुव्यवस्थित साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच का दायरा गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के स्रोत तक बढ़ाया जा रहा है।
साइबर पुलिस की जनता से अपील
साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। अधिक मुनाफे का लालच देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें और अपना ओटीपी, पिन, सीवीवी या कोई भी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। आने वाले दिनों में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रखेगी।