नोएडा में फर्जी दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 7 आई-कार्ड और iPhone 17 Pro बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की फर्जी वर्दी पहनकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान राहुल सिंह पुत्र तोड़ी राम (उम्र लगभग 34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मथुरा का निवासी है और फिलहाल नोएडा सेक्टर-117 में रह रहा था। उसके कब्जे से वर्दी, सात फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड, कई बैंक कार्ड और एक iPhone 17 Pro समेत भारी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद किया गया है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
23 अगस्त को थाना सेक्टर-113 की पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति दिल्ली पुलिस दरोगा की वर्दी पहनकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नोएडा सेक्टर-117 सर्विस रोड के पास से आरोपी राहुल सिंह को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध वस्तुएँ मिलीं। इस मामले में थाना सेक्टर-113 में विधिवत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बरामद सामान का ब्यौरा
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ — एक जोड़ी दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, दो सफेद धातु के डीपी बैज, चार सफेद धातु के स्टार, एक नेम प्लेट, लाल बेल्ट सहित दिल्ली पुलिस का चपराश, एक जोड़ी खाकी मोजे, एक जोड़ी लाल जूते और दिल्ली पुलिस की पी-कैप।
इसके अतिरिक्त आरोपी के पास से सात दिल्ली पुलिस आई-कार्ड, एक कैंटीन स्मार्ट कार्ड, सात एटीएम/क्रेडिट कार्ड, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक मेट्रो कार्ड भी मिले। iPhone 17 Pro मोबाइल और आरोपी से संबंधित एक i20 कार भी पुलिस ने जब्त की है।
जाँच की दिशा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी पुलिस वर्दी और आई-कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया — चाहे वह लोगों को डराने-धमकाने, धोखाधड़ी करने या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के लिए हो। जाँचकर्ता यह भी पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि सात फर्जी आई-कार्ड आरोपी के पास कहाँ से आए और क्या इनका उपयोग पहले कहीं किया गया था।
आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक कार्ड और अन्य दस्तावेजों की भी तकनीकी जाँच की जा रही है, ताकि संभावित नेटवर्क और आपराधिक इतिहास का खुलासा हो सके। गौरतलब है कि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्रों का मिलना इस मामले को सामान्य प्रतिरूपण से अधिक गंभीर बनाता है।
आम जनता पर असर
फर्जी पुलिस वर्दी और आई-कार्ड के दुरुपयोग के मामले नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर आम लोगों को असली पुलिसकर्मी समझकर उन्हें ठगने या डराने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तत्काल सूचना नज़दीकी थाने को दें।
आगे क्या होगा
आरोपी राहुल सिंह से पूछताछ जारी है और मामले की जाँच के दायरे को विस्तृत किया जा रहा है। यदि जाँच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई संभव है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है।