24 अगस्त 2026
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नोएडा में फर्जी दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 7 आई-कार्ड और iPhone 17 Pro बरामद

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नोएडा में फर्जी दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 7 आई-कार्ड और iPhone 17 Pro बरामद

सारांश

नोएडा में दिल्ली पुलिस की नकली वर्दी पहने घूम रहे मथुरा निवासी राहुल सिंह को सेक्टर-113 पुलिस ने दबोचा। उसके पास से 7 फर्जी पुलिस आई-कार्ड, पूरी वर्दी, iPhone 17 Pro और i20 कार बरामद हुई — अब पुलिस धोखाधड़ी के संभावित नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को राहुल सिंह को दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की फर्जी वर्दी पहने गिरफ्तार किया।
आरोपी मथुरा मूल निवासी है, उम्र लगभग 34 वर्ष , फिलहाल नोएडा सेक्टर-117 में रह रहा था।
बरामदगी में 7 फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड , पूरी वर्दी (बैज, स्टार, पी-कैप, लाल बेल्ट), iPhone 17 Pro और एक i20 कार शामिल हैं।
आरोपी के पास 7 एटीएम/क्रेडिट कार्ड , 2 आधार कार्ड , पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और कैंटीन स्मार्ट कार्ड भी मिले।
पुलिस फर्जी आई-कार्ड के स्रोत और उनके संभावित आपराधिक उपयोग की जाँच कर रही है।

नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की फर्जी वर्दी पहनकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान राहुल सिंह पुत्र तोड़ी राम (उम्र लगभग 34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मथुरा का निवासी है और फिलहाल नोएडा सेक्टर-117 में रह रहा था। उसके कब्जे से वर्दी, सात फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड, कई बैंक कार्ड और एक iPhone 17 Pro समेत भारी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद किया गया है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

23 अगस्त को थाना सेक्टर-113 की पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति दिल्ली पुलिस दरोगा की वर्दी पहनकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नोएडा सेक्टर-117 सर्विस रोड के पास से आरोपी राहुल सिंह को दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध वस्तुएँ मिलीं। इस मामले में थाना सेक्टर-113 में विधिवत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बरामद सामान का ब्यौरा

पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ — एक जोड़ी दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, दो सफेद धातु के डीपी बैज, चार सफेद धातु के स्टार, एक नेम प्लेट, लाल बेल्ट सहित दिल्ली पुलिस का चपराश, एक जोड़ी खाकी मोजे, एक जोड़ी लाल जूते और दिल्ली पुलिस की पी-कैप

इसके अतिरिक्त आरोपी के पास से सात दिल्ली पुलिस आई-कार्ड, एक कैंटीन स्मार्ट कार्ड, सात एटीएम/क्रेडिट कार्ड, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक मेट्रो कार्ड भी मिले। iPhone 17 Pro मोबाइल और आरोपी से संबंधित एक i20 कार भी पुलिस ने जब्त की है।

जाँच की दिशा

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी पुलिस वर्दी और आई-कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया — चाहे वह लोगों को डराने-धमकाने, धोखाधड़ी करने या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के लिए हो। जाँचकर्ता यह भी पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि सात फर्जी आई-कार्ड आरोपी के पास कहाँ से आए और क्या इनका उपयोग पहले कहीं किया गया था।

आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक कार्ड और अन्य दस्तावेजों की भी तकनीकी जाँच की जा रही है, ताकि संभावित नेटवर्क और आपराधिक इतिहास का खुलासा हो सके। गौरतलब है कि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्रों का मिलना इस मामले को सामान्य प्रतिरूपण से अधिक गंभीर बनाता है।

आम जनता पर असर

फर्जी पुलिस वर्दी और आई-कार्ड के दुरुपयोग के मामले नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर आम लोगों को असली पुलिसकर्मी समझकर उन्हें ठगने या डराने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तत्काल सूचना नज़दीकी थाने को दें।

आगे क्या होगा

आरोपी राहुल सिंह से पूछताछ जारी है और मामले की जाँच के दायरे को विस्तृत किया जा रहा है। यदि जाँच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई संभव है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सात फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड हैं — यह संख्या संकेत देती है कि यह महज एक सनकी की हरकत नहीं, बल्कि संभवतः सुनियोजित धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकती है। iPhone 17 Pro और i20 कार जैसी महँगी वस्तुओं की मौजूदगी यह सवाल उठाती है कि आरोपी की आय का स्रोत क्या था। पुलिस को यह जाँचना होगा कि क्या इन फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग पहले किसी को ठगने में हुआ — केवल वर्दी मामले तक जाँच सीमित रखना न्याय के साथ अधूरापन होगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में फर्जी दिल्ली पुलिस अधिकारी को कैसे पकड़ा गया?
23 अगस्त को थाना सेक्टर-113 पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति दिल्ली पुलिस दरोगा की वर्दी पहनकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है। इस पर पुलिस ने नोएडा सेक्टर-117 सर्विस रोड के पास से आरोपी राहुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी राहुल सिंह के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
आरोपी के पास से दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की पूरी वर्दी, सात फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड, सात एटीएम/क्रेडिट कार्ड, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कैंटीन स्मार्ट कार्ड, iPhone 17 Pro और एक i20 कार बरामद हुई।
राहुल सिंह कौन है और वह कहाँ का रहने वाला है?
राहुल सिंह पुत्र तोड़ी राम मूल रूप से मथुरा का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 34 वर्ष है। गिरफ्तारी के समय वह नोएडा के सेक्टर-117 में रह रहा था।
पुलिस इस मामले में किन पहलुओं की जाँच कर रही है?
पुलिस मुख्यतः तीन बिंदुओं की जाँच कर रही है — सात फर्जी दिल्ली पुलिस आई-कार्ड का स्रोत, इनका संभावित आपराधिक उपयोग (धोखाधड़ी, डराना-धमकाना आदि), और आरोपी के मोबाइल फोन व बैंक कार्डों से जुड़े लेनदेन। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इसमें कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
फर्जी पुलिस वर्दी पहनना कितना गंभीर अपराध है?
भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी वर्दी या पहचान पत्र का फर्जी उपयोग एक दंडनीय अपराध है। यदि इसका उपयोग धोखाधड़ी या जबरन वसूली के लिए किया गया हो, तो आरोप और भी गंभीर हो सकते हैं। नोएडा थाना सेक्टर-113 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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