दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज के लग्जरी होटल में नकली ब्रांडेड रैकेट का भंडाफोड़ किया, ₹2.87 लाख नकद समेत लाखों का माल जब्त

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दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज के लग्जरी होटल में नकली ब्रांडेड रैकेट का भंडाफोड़ किया, ₹2.87 लाख नकद समेत लाखों का माल जब्त

सारांश

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वसंत कुंज के एक लग्जरी होटल में 'डिस्काउंट सेल' की आड़ में चल रहे नकली ब्रांडेड सामान के रैकेट का पर्दाफाश किया। माइकल कोर्स, ओमेगा, एलन सोली जैसे ब्रांडों के नकली उत्पाद, ₹2.87 लाख नकद और स्वाइप मशीनें जब्त; मुख्य सरगना फारुख अहमद अभी भी फरार।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 3 मई 2026 को वसंत कुंज के लग्जरी होटल में छापा मारकर नकली ब्रांडेड सामान का रैकेट उजागर किया।
बरामदगी में 20 माइकल कोर्स पर्स , 10 लग्जरी घड़ियाँ , 1,060 एलन सोली लोअर्स , सैकड़ों ब्रांडेड टी-शर्ट्स और ₹2,87,210 नकद शामिल।
आरोपी इकबाल (51 वर्ष) , नूंह हरियाणा, गिरफ्तार; मुख्य सरगना फारुख अहमद फरार।
नकली सामान को 'एक्सपोर्ट सरप्लस' और 'फर्स्ट कॉपी' बताकर बेचा जा रहा था; 5 पाइन लैब्स स्वाइप मशीनें व यूपीआई स्कैनर भी जब्त।
एफआईआर 111/2026 बीएनएस धारा 318(4), 61(2), 3(5) और कॉपीराइट एक्ट धारा 51/63 के तहत दर्ज; इकबाल दो दिन की पुलिस रिमांड पर।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा, पश्चिमी रेंज-I ने 3 मई 2026 को वसंत कुंज स्थित एक लग्जरी होटल में छापा मारकर नकली ब्रांडेड कपड़ों, जूतों, घड़ियों और एक्सेसरीज बेचने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी होटल के बॉलरूम में 'डिस्काउंट सेल' की आड़ में अस्थायी प्रदर्शनी लगाकर ग्राहकों को नकली सामान असली बताकर बेच रहे थे। इस कार्रवाई में ₹2,87,210 रुपए नकद सहित भारी मात्रा में नकली माल जब्त किया गया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 20 माइकल कोर्स महिला पर्स, 10 लग्जरी घड़ियाँ (माइकल कोर्स, टिसॉट, आर्मानी एक्सचेंज, ओमेगा ब्रांड की), 1,060 एलन सोली सफेद लोअर्स, 272 मल्टीकलर टी-शर्ट्स, 155 पीटर इंग्लैंड टी-शर्ट्स और 61 वैन ह्यूसेन टी-शर्ट्स बरामद कीं। इसके अलावा 5 पाइन लैब्स स्वाइप मशीनें, यूपीआई क्यूआर कोड स्कैनर, बिल बुक्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई। बरामद सामान की कुल कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।

रैकेट का तरीका और मुख्य सरगना

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली और अन्य महानगरों के पाँच सितारा होटलों व कन्वेंशन सेंटरों में अस्थायी प्रदर्शनियाँ लगाते थे। नकली सामान को 'एक्सपोर्ट सरप्लस' या 'फर्स्ट कॉपी' बताकर ग्राहकों को गुमराह किया जाता था। आकर्षक छूट, वैध दिखने वाले बिल और यूपीआई-स्वाइप मशीनों के ज़रिए बिक्री को वैध रूप देने की कोशिश की जाती थी। गिरफ्तार आरोपी इकबाल (51 वर्ष), निवासी तहसील पुन्हाना, जिला नूंह (हरियाणा), ने पूछताछ में बताया कि वह फारुख अहमद के निर्देश पर काम कर रहा था और उसे बिक्री पर 8 से 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस के अनुसार फारुख अहमद इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना है, जो विभिन्न शहरों के होटलों में ऐसी प्रदर्शनियाँ आयोजित करता है।

कानूनी कार्रवाई और रिमांड

ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर एफआईआर संख्या 111/2026 (दिनांक 4 मई 2026) दर्ज की गई है। मामला बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 3(5) और कॉपीराइट एक्ट की धारा 51/63 के अंतर्गत दर्ज है। अदालत ने आरोपी इकबाल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

जाँच टीम और आगे की कार्रवाई

यह ऑपरेशन एसीपी राज कुमार के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, एसआई प्रकाश और एसआई गुमान सिंह की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस ने बताया है कि पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने और फरार मुख्य सरगना फारुख अहमद सहित बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए जाँच जारी है। गौरतलब है कि इस तरह के नकली ब्रांडेड सामान के रैकेट दिल्ली-एनसीआर के प्रतिष्ठित होटलों को अपना ठिकाना बनाते रहे हैं, जिससे उपभोक्ता और असली ब्रांड दोनों को नुकसान होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरगना बार-बार बच निकलते हैं। इस मामले में भी मुख्य आरोपी फारुख अहमद फरार है, जो दर्शाता है कि पुलिस की प्रतिक्रिया अक्सर श्रृंखला की निचली कड़ी तक ही सीमित रहती है। असली सवाल यह है कि होटल प्रबंधन इन अस्थायी प्रदर्शनियों की जाँच-पड़ताल क्यों नहीं करता — और क्या होटलों की जवाबदेही तय करने की ज़रूरत है। जब तक सप्लाई चेन के ऊपरी सिरे तक कार्रवाई नहीं होती, ऐसे रैकेट नए चेहरों के साथ फिर उभरते रहेंगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज होटल में क्या कार्रवाई की?
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा, पश्चिमी रेंज-I ने 3 मई 2026 को वसंत कुंज के एक लग्जरी होटल में छापा मारकर नकली ब्रांडेड कपड़ों, घड़ियों और एक्सेसरीज का रैकेट उजागर किया। ₹2,87,210 नकद, माइकल कोर्स पर्स, लग्जरी घड़ियाँ और हज़ारों नकली परिधान जब्त किए गए।
इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है?
पूछताछ के अनुसार इस रैकेट का मुख्य सरगना फारुख अहमद है, जो विभिन्न शहरों के होटलों में ऐसी अस्थायी प्रदर्शनियाँ आयोजित करता है। गिरफ्तार आरोपी इकबाल उसके निर्देश पर काम कर रहा था और उसे 8 से 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामला बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 3(5) और कॉपीराइट एक्ट की धारा 51/63 के तहत दर्ज है। एफआईआर संख्या 111/2026 ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर 4 मई 2026 को दर्ज की गई।
नकली सामान को ग्राहकों को कैसे बेचा जाता था?
आरोपी नकली सामान को 'एक्सपोर्ट सरप्लस' या 'फर्स्ट कॉपी' बताकर भारी छूट पर बेचते थे। वैध दिखने वाले बिल, यूपीआई स्कैनर और पाइन लैब्स स्वाइप मशीनों के ज़रिए लेनदेन को असली का रूप दिया जाता था।
क्या मुख्य आरोपी पकड़ा गया?
नहीं, मुख्य सरगना फारुख अहमद अभी भी फरार है। गिरफ्तार इकबाल को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है और पुलिस पूरी सप्लाई चेन की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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