दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोल बाग में नकली ऑटो पार्ट्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो सगे भाई गिरफ्तार

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोल बाग में नकली ऑटो पार्ट्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, दो सगे भाई गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोल बाग के ऑटो मार्केट में तीन साल से चल रहे नकली पार्ट्स के कारोबार का पर्दाफाश किया। दो सगे भाई रोज़ाना 1,000 से अधिक नकली पिस्टन बेच रहे थे — असली ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर। यह रैकेट न सिर्फ उपभोक्ताओं की जेब, बल्कि उनकी जान के लिए भी खतरा था।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 3 मई 2026 को करोल बाग में दो दुकानों पर छापा मारकर नकली ऑटो पार्ट्स रैकेट का भंडाफोड़ किया।
कुल 859 नकली पिस्टन असेंबली , 169 नकली क्लच प्लेट बॉक्स और 24 खाली बॉक्स बरामद हुए।
गिरफ्तार दोनों आरोपी — हर्षित गुप्ता और अभिषेक कुमार गुप्ता — सगे भाई हैं और पिछले तीन वर्षों से यह कारोबार चला रहे थे।
आरोपी रोज़ाना 1,000 से 1,200 नकली पिस्टन बेचते थे और हर महीने ₹2 से 3 लाख की कमाई करते थे।
मामला कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 और बीएनएस की धारा 318(4), 336(4), 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
अन्य सप्लायर्स की पहचान के लिए जाँच जारी है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 टीम ने 3 मई 2026 को करोल बाग के ऑटो मार्केट में छापेमारी कर नकली मोटरसाइकिल पार्ट्स के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया और कुल 859 नकली पिस्टन असेंबली, 169 नकली क्लच प्लेट बॉक्स तथा 24 खाली बॉक्स बरामद किए गए।

छापेमारी का विवरण

इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसआई अंशु कादियान, एसआई सुमित कुमार और एसआई अमित कुंडू समेत अन्य अधिकारियों की टीम ने यह कार्रवाई एसीपी राजकुमार के पर्यवेक्षण में की। छापा करोल बाग स्थित दो दुकानों पर मारा गया, जहाँ श्रीराम और उषा पिस्टन असेंबली जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर माल बेचा जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

दुकान नंबर 3, नई वाला, करोल बाग से हर्षित गुप्ता (पुत्र स्वर्गीय संजय गुप्ता, निवासी संगम विहार) को गिरफ्तार किया गया। यहाँ से 473 नकली पिस्टन असेंबली, 24 खाली डिब्बे और 12 कैप बरामद हुए। वहीं दुकान नंबर 1509, त्रि मूर्ति ऑटो पार्ट्स से अभिषेक कुमार गुप्ता (पुत्र स्वर्गीय संजय गुप्ता) को हिरासत में लिया गया, जहाँ से 386 नकली पिस्टन असेंबली और 169 नकली क्लच प्लेट के डिब्बे जब्त किए गए।

पूछताछ में क्या सामने आया

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सगे भाई हैं और पिछले तीन वर्षों से नकली पिस्टन व क्लच प्लेट्स बेच रहे थे। आरोपियों के अनुसार वे रोज़ाना 1,000 से 1,200 पिस्टन बेचते थे और असली ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर माल को वैध दिखाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न विक्रेताओं से माल खरीदकर हर महीने ₹2 से 3 लाख की कमाई की जाती थी। एम/एस श्रीराम/उषा पिस्टन असेंबली के अधिकृत प्रतिनिधि रतन पाल सिंह कुमार ने मौके पर पुष्टि की कि बरामद सभी सामान नकली हैं। आरोपियों के पास कोई वैध बिल या लाइसेंस नहीं मिला।

कानूनी कार्रवाई

क्राइम ब्रांच ने 4 मई 2026 को कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 तथा बीएनएस की धारा 318(4), 336(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अन्य सप्लायर्स और साथियों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

आम जनता और वाहन चालकों पर असर

नकली ऑटो पार्ट्स का उपयोग वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुँचाता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मूल ब्रांड कंपनियों को भारी आर्थिक हानि होती है और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सीधे खतरे में पड़ती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच नकली सामान और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध अपना अभियान तेज़ किए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक नकली पिस्टन की बिक्री का मतलब है कि हज़ारों वाहन चालक जाने-अनजाने अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे। कॉपीराइट उल्लंघन के साथ-साथ यह उपभोक्ता सुरक्षा की गंभीर विफलता भी है। असली परीक्षा अब यह है कि जाँच एजेंसियाँ केवल खुदरा विक्रेताओं तक सीमित न रहें, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला के उन थोक स्रोतों तक पहुँचें जो इस पूरे रैकेट की नींव हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोल बाग में क्या बरामद किया?
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने करोल बाग की दो दुकानों से 859 नकली पिस्टन असेंबली, 169 नकली क्लच प्लेट बॉक्स और 24 खाली बॉक्स बरामद किए। ये सभी श्रीराम और उषा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर बेचे जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कितने समय से यह काम कर रहे थे?
गिरफ्तार आरोपी हर्षित गुप्ता और अभिषेक कुमार गुप्ता सगे भाई हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे पिछले तीन वर्षों से नकली पिस्टन और क्लच प्लेट्स बेच रहे थे और हर महीने ₹2 से 3 लाख कमाते थे।
नकली ऑटो पार्ट्स से वाहन चालकों को क्या खतरा है?
नकली पार्ट्स वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा उपभोक्ता असली कीमत चुकाकर घटिया उत्पाद खरीदते हैं और मूल ब्रांड कंपनियों को भी भारी आर्थिक हानि होती है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
क्राइम ब्रांच ने 4 मई 2026 को कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 तथा बीएनएस की धारा 318(4), 336(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के पास कोई वैध बिल या लाइसेंस नहीं मिला।
क्या इस मामले में अन्य लोगों की तलाश जारी है?
हाँ, दिल्ली क्राइम ब्रांच अन्य सप्लायर्स और साथियों की पहचान के लिए जाँच जारी रखे हुए है। आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न विक्रेताओं से माल खरीदते थे, जिनका पता लगाया जाना अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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