14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

दिल्ली के करोल बाग में एक नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 512 नकली सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह हाई-एंड मोबाइल्स की नकली असेंबली कर उन्हें महंगे दाम पर बेचता था। जानिए पूरी खबर।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने करोल बाग में नकली मोबाइल बनाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया।
चार आरोपी गिरफ्तार, उनके पास 512 नकली सैमसंग मोबाइल फोन मिले।
गिरोह चीन से स्पेयर पार्ट्स का उपयोग कर रहा था।
पुलिस ने गिरोह के संचालन की पूरी जानकारी जुटाई है।
इस मामले से तकनीकी धोखाधड़ी की गंभीरता उजागर होती है।

नई दिल्ली, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम ने करोल बाग क्षेत्र में प्रीमियम सैमसंग मोबाइल की नकली असेंबली और बिक्री के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 512 नकली प्रीमियम सैमसंग मोबाइल फोन के साथ-साथ भारी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स भी बरामद किए हैं।

दिल्ली पुलिस द्वारा रविवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह गिरोह चीन से आयात किए गए स्पेयर पार्ट्स का उपयोग कर सैमसंग के अल्ट्रा, फोल्ड और फ्लिप जैसे हाई-एंड मॉडल तैयार करता था। ये फोन फर्जी आईएमईआई नंबर और 'मेड इन वियतनाम' लिखे स्टिकर के साथ मार्केट में ब्रांडेड बताकर 35 से 40 हजार रुपए में बेचे जा रहे थे।

पुलिस ने 13 दिसंबर 2025 को एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। उन्हें सूचना मिली कि बीडनपुरा, करोल बाग स्थित एक दुकान में चोरी के मोबाइल खरीदने के साथ-साथ चीन से आए पुर्जों से नए जैसे दिखने वाले प्रीमियम मोबाइल तैयार किए जा रहे हैं। इन फोन में पुराने मदरबोर्ड लगाए जाते थे, नकली आईएमईआई चिपकाए जाते थे और इन्हें खुले बाजार में नया बताकर बेचा जाता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें कई सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस सुलेखा जागरवार, आईपीएस की निगरानी में हुई। टीम ने 1 और 14 दिसंबर की मध्यरात्रि में दुकान पर छापेमारी कर चार आरोपियों को मोबाइल असेंबल करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान हकीम, मेहताब अहमद अंसारी, रवि आहूजा और राहुल के रूप में हुई।

दुकान की तलाशी में 512 तैयार और आधे तैयार प्रीमियम सैमसंग मोबाइल फोन, 124 मदरबोर्ड, 138 बैटरियां, 459 फर्जी आईएमईआई लेबल, मोबाइल बॉक्स, सैकड़ों एक्सेसरीज और असेंबली में उपयोग होने वाले विशेष औजार मिले। पूछताछ में कोई भी आरोपी इन वस्तुओं के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका, जिसके बाद करोल बाग थाने में एफआईआर दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह सामने आया कि 36 वर्षीय हकीम महज आठवीं पास है, लेकिन इसी ने इस पूरे नेटवर्क को संगठित तरीके से चलाया। वह चीन से कैमरा, बॉडी फ्रेम, स्पीकर, बैक ग्लास और मदरबोर्ड जैसी सामग्री मंगवाकर अपने साथियों की मदद से हाई-डिमांड वाले सैमसंग फोन तैयार करता था और महंगे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

पुलिस अब सप्लाई चेन, खरीदारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है ताकि नकली प्रीमियम मोबाइल की अवैध असेंबली और बिक्री में शामिल पूरे गिरोह को ध्वस्त किया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह के द्वारा किस प्रकार के मोबाइल फोन बनाए जा रहे थे?
गिरोह प्रीमियम सैमसंग मोबाइल फोन की नकली असेंबली कर रहा था।
क्या पुलिस ने गिरोह के पास से कुछ बरामद किया?
हां, पुलिस ने 512 नकली सैमसंग मोबाइल फोन और अन्य मोबाइल पार्ट्स बरामद किए हैं।
गिरोह किस तरह के स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल कर रहा था?
गिरोह चीन से आयात किए गए स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल कर रहा था।
इस गिरोह का मुख्य आरोपी कौन है?
गिरोह का मुख्य आरोपी हकीम है, जो महज आठवीं पास है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले