दिल्ली पुलिस ने चोरी के मोबाइल अनलॉक कर बेचने वाले गिरोह के 2 सदस्य पकड़े, 45 फोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ ने 13 जून 2026 को करोल बाग स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग केंद्र पर छापा मारकर चोरी के स्मार्टफोन अनलॉक कर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में 45 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 22 मोबाइल फोन बॉडी, एक लैपटॉप और सुरक्षा प्रणाली तोड़ने में इस्तेमाल होने वाला चीनी एएमपी टूल बरामद किया गया। दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पूर्वी जिला पुलिस को मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के दौरान इस नेटवर्क की विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद स्पेशल स्टाफ की टीम ने तकनीकी जाँच, स्थानीय पूछताछ और निगरानी के ज़रिए सूचना की पुष्टि की। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद करोल बाग के बीडन पुरा इलाके में स्थित 'केजीएन सॉफ्टवेयर एंड मोबाइल रिपेयरिंग इंस्टीट्यूट' पर छापा मारा गया।
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद व्यक्तियों से बरामद मोबाइल फोनों के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज माँगे गए, लेकिन वे कोई संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में 29 वर्षीय मोहम्मद जलाल शामिल है, जो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र का निवासी है। दूसरा आरोपी 27 वर्षीय इमरान है, जो नई दिल्ली के राजपुर खुर्द एक्सटेंशन का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, दोनों 12वीं पास हैं और मोबाइल सॉफ्टवेयर तकनीशियन के रूप में कार्यरत थे।
किस तकनीक का इस्तेमाल
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे चीनी एएमपी टूल का उपयोग कर मोबाइल फोनों के फैक्ट्री रीसेट प्रोटेक्शन (एफआरपी) और अन्य सुरक्षा फीचर्स को बायपास करते थे। पुलिस के अनुसार, इस तकनीक की मदद से फोनों की पहचान छिपाई जाती थी ताकि उन्हें ग्रे मार्केट में आसानी से बेचा जा सके। आरोप है कि वे चोरी या संदिग्ध तरीके से प्राप्त फोन खरीदकर इन्हें दोबारा बिक्री योग्य बनाते थे।
चोरी के मामलों से संबंध
जाँच के दौरान बरामद 7 मोबाइल फोन दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज चोरी और गुमशुदगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं। इनमें मधु विहार, न्यू अशोक नगर, मंडावली, गाजीपुर, रेलवे पुलिस, पानीपत और मुजफ्फरनगर के मामले शामिल हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में मोबाइल चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, शेष बरामद मोबाइल फोनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने के लिए आईएमईआई विश्लेषण और विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय किया जा रहा है। मामले में आगे की जाँच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।