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नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹15 लाख के 67 मोबाइल-लैपटॉप बरामद

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नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹15 लाख के 67 मोबाइल-लैपटॉप बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक चतुर अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया जो चलती गाड़ी के सामने नाटक कर मोबाइल चुराता था। ₹15 लाख के 67 मोबाइल और लैपटॉप बरामद, दो गिरफ्तार — और नेटवर्क अभी भी जाँच के घेरे में है।

मुख्य बातें

नोएडा फेस-1 पुलिस ने 5 जून 2026 को अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया।
आरोपी पवन और गोलू गिरफ्तार; एक नाबालिग अभिरक्षा में।
बरामदगी में 67 चोरी के मोबाइल (सैमसंग, आईफोन, वीवो, रेडमी सहित), 1 HP लैपटॉप , अनलॉकिंग उपकरण व 2 अवैध चाकू — कुल अनुमानित कीमत ₹15 लाख ।
गिरोह दिल्ली, नोएडा और एनसीआर में सक्रिय था; नाबालिग को 'एक्सीडेंट नाटक' के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
आरोपी पवन लैपटॉप से मोबाइल अनलॉक कर पार्ट्स अलग-अलग बेचता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी; आपराधिक इतिहास की जाँच हो रही है।

नोएडा के फेस-1 थाने की पुलिस ने 5 जून 2026 को एक अंतर्राज्यीय मोबाइल चोरी और स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों — पवन और गोलू — को गिरफ्तार किया तथा एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया। आरोपियों के कब्जे से 67 चोरी के मोबाइल फोन, एक HP लैपटॉप और मोबाइल अनलॉक करने के उपकरण समेत करीब ₹15 लाख का सामान बरामद किया गया है।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस टीम ने शुक्रवार को सेक्टर-14 स्थित गंदे नाले की पटरी से दोनों आरोपियों को दबोचा। पवन और गोलू दोनों नया बांस गांव, फेस-1 थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उनके साथ मौजूद एक नाबालिग को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।

गिरोह का तरीकावार

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। यह गिरोह दिल्ली, नोएडा और एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय था। गिरोह का तरीका चतुराई भरा था — नाबालिग चलती गाड़ी के सामने अचानक आकर चोट लगने का नाटक करता और जोर से चिल्लाता था। जैसे ही वाहन चालक गाड़ी से उतरता, दूसरा आरोपी दूसरी तरफ से खिड़की खोलकर मोबाइल फोन चुराकर फरार हो जाता था।

पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरोह राहगीरों के मोबाइल छीनने, जेब काटने और पीजी व बंद पड़े मकानों में चोरी की वारदातें भी करता था। चोरी किए गए मोबाइल को आरोपी 'मजबूरी' का हवाला देकर कम कीमत में बेच देते थे। जो मोबाइल नहीं बिक पाते, उन्हें आरोपी पवन लैपटॉप और विशेष उपकरणों से अनलॉक कर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेचता था।

बरामद सामान का ब्योरा

जब्त 67 मोबाइल फोन में 11 सैमसंग, 10 रेडमी, 10 वीवो और 9 आईफोन सहित विभिन्न कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं। इसके अलावा 6 मोबाइल फोल्डर, 1 HP लैपटॉप, 2 अवैध चाकू, वायर कटर, पेचकस, मिनी ग्राइंडर, प्लास और मोबाइल रिपेयरिंग के अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कुल कीमत करीब ₹15 लाख बताई गई है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क के बारे में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनसीआर में बढ़ते संगठित मोबाइल-अपराध नेटवर्क की झलक है जो नाबालिगों को सामने रखकर कानून की पकड़ से बचने की कोशिश करते हैं। गिरोह का 'एक्सीडेंट नाटक' वाला तरीका बताता है कि ये अपराध सुनियोजित हैं, आवेगी नहीं। असली सवाल यह है कि बरामद 67 मोबाइल में से कितनों की FIR दर्ज थी और पीड़ित कितने समय से न्याय का इंतजार कर रहे थे। नाबालिग की संलिप्तता किशोर न्याय तंत्र पर भी दबाव डालती है — पुनर्वास और जवाबदेही दोनों के लिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
नोएडा फेस-1 थाने की पुलिस टीम ने 5 जून 2026 को सेक्टर-14 स्थित गंदे नाले की पटरी पर छापा मारकर आरोपी पवन और गोलू को गिरफ्तार किया। एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली और अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गिरोह चोरी के मोबाइल का क्या करता था?
चोरी किए गए मोबाइल को आरोपी कम कीमत पर राहगीरों को बेच देते थे। जो मोबाइल नहीं बिक पाते, उन्हें आरोपी पवन लैपटॉप और विशेष उपकरणों की मदद से अनलॉक कर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेचता था।
गिरोह का तरीका क्या था?
गिरोह में शामिल नाबालिग चलती गाड़ी के सामने आकर चोट लगने का नाटक करता और चिल्लाता था। जब वाहन चालक गाड़ी से उतरता, तभी दूसरा आरोपी दूसरी तरफ से खिड़की खोलकर मोबाइल फोन चुरा लेता था।
बरामद सामान में क्या-क्या शामिल है?
पुलिस ने 67 चोरी के मोबाइल फोन (11 सैमसंग, 10 रेडमी, 10 वीवो, 9 आईफोन सहित), 6 मोबाइल फोल्डर, 1 HP लैपटॉप, 2 अवैध चाकू और मोबाइल अनलॉकिंग व रिपेयरिंग के उपकरण बरामद किए हैं। कुल सामान की अनुमानित कीमत ₹15 लाख है।
क्या गिरोह के अन्य सदस्य भी पकड़े जाएंगे?
पुलिस के अनुसार, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और जल्द ही नेटवर्क के बारे में और खुलासे होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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