3 जुलाई 2026
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नोएडा में 49 चोरी के मोबाइल के साथ दो शातिर गिरफ्तार, दो चाकू भी बरामद

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नोएडा में 49 चोरी के मोबाइल के साथ दो शातिर गिरफ्तार, दो चाकू भी बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने सेक्टर-18 से दो शातिर मोबाइल चोरों को दबोचा — एक दिल्ली का टैक्सी चालक, दूसरा गाजियाबाद का फेरीवाला। दोनों के पास से 49 चोरी के मोबाइल और दो चाकू मिले। दोनों की लंबी आपराधिक पृष्ठभूमि है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

मुख्य बातें

थाना सेक्टर-20, नोएडा पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को सेक्टर-18 के पार्क के सामने से दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान विक्की (पहाड़गंज, दिल्ली) और आसिफ (लोनी, गाजियाबाद) के रूप में हुई।
बरामदगी में 49 चोरी के मोबाइल फोन और दो चाकू शामिल हैं।
एक वीवो मोबाइल थाना सेक्टर-24 के दर्ज मुकदमे से जुड़ा पाया गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, गौतमबुद्धनगर और मथुरा में पहले से लूट, आर्म्स एक्ट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस मोबाइल चोरी के नेटवर्क और अन्य साथियों की जांच कर रही है।

नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग घटनाओं में चोरी किए गए 49 मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस ने सेक्टर-18 स्थित पार्क के सामने से दोनों संदिग्धों को दबोचा। पूछताछ में उनकी पहचान विक्की पुत्र मुकेश, निवासी मुल्तानी ढांडा, पहाड़गंज, दिल्ली तथा आसिफ पुत्र आशु, निवासी राशिद अली गेट, लोनी, गाजियाबाद के रूप में हुई। दोनों को गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत संचालित अभियान के तहत पकड़ा गया।

बरामदगी और मामलों से संबंध

जब्त किए गए 49 मोबाइल फोन में से एक वीवो कंपनी का मोबाइल थाना सेक्टर-24 में दर्ज चोरी के मुकदमे से जुड़ा पाया गया। इसके अलावा, दोनों आरोपियों ने थाना सेक्टर-20 में दर्ज एक अन्य मोबाइल चोरी की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

आरोपियों का तरीकावार

पूछताछ में सामने आया कि विक्की टैक्सी चालक के रूप में काम करता था, जबकि आसिफ कपड़ों की फेरी लगाता था। दोनों भीड़भाड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की लापरवाही का फायदा उठाकर मोबाइल फोन चुराते थे और बाद में उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है।

आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं। विक्की के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट तथा चोरी के अनेक मुकदमे दर्ज हैं। आसिफ के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और मथुरा में चोरी एवं आर्म्स एक्ट के मामले पहले से पंजीकृत हैं।

आगे की जांच

थाना सेक्टर-20 पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। बरामद मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और मोबाइल चोरी के नेटवर्क की जांच में जुटी है, ताकि इस आपराधिक श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क था जो भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाता था। गौरतलब है कि दोनों आरोपी पेशेवर आवरण — टैक्सी चालक और फेरीवाले — की आड़ में काम कर रहे थे, जो पुलिस की नज़रों से बचने की एक सोची-समझी रणनीति थी। असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल किसे और कहाँ बेचे जा रहे थे — सेकेंड-हैंड मोबाइल बाजार में ऐसे नेटवर्क की पहुँच अक्सर जांच के दायरे से बाहर रहती है। जब तक खरीदार नेटवर्क की पहचान नहीं होती, ऐसी गिरफ्तारियाँ श्रृंखला की एक कड़ी तोड़ती हैं, पूरी श्रृंखला नहीं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार दोनों मोबाइल चोर कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्की पुत्र मुकेश, निवासी मुल्तानी ढांडा, पहाड़गंज, दिल्ली और आसिफ पुत्र आशु, निवासी राशिद अली गेट, लोनी, गाजियाबाद के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पहले से कई राज्यों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
नोएडा पुलिस ने कितने मोबाइल फोन बरामद किए?
थाना सेक्टर-20 पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 49 चोरी के मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद किए। इनमें से एक वीवो मोबाइल थाना सेक्टर-24 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा पाया गया है।
आरोपियों ने मोबाइल चोरी का तरीका क्या अपनाया था?
पूछताछ के अनुसार, दोनों आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की असावधानी का फायदा उठाकर मोबाइल फोन चुराते थे। चोरी के मोबाइल बाद में बेचकर आर्थिक लाभ कमाना उनका मुख्य उद्देश्य था।
बरामद मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को कब वापस मिलेंगे?
पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जैसे-जैसे मालिकों की पहचान होगी, उन्हें उनके फोन वापस दिलाए जाएंगे।
क्या पुलिस इस मोबाइल चोरी के नेटवर्क की जांच कर रही है?
हाँ, थाना सेक्टर-20 पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों और मोबाइल चोरी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बाकी मोबाइल किन मामलों से जुड़े हैं और उन्हें कहाँ बेचा जाना था।
राष्ट्र प्रेस
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