क्या नोएडा में मोबाइल चोरी के शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में मोबाइल चोरी के मामलों में बढ़ोतरी चिंताजनक है।
- पुलिस ने 33 चोरी के मोबाइल फोन और पार्ट्स बरामद किए हैं।
- अमन कुमार संगठित तरीके से अपराध करता था।
- गिरोह ने चोरी की मोटरसाइकिलों का भी इस्तेमाल किया।
- पुलिस अब अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
नोएडा, 25 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना सेक्टर-142 पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी और छिनैती के मामलों में वांछित एक शातिर अपराधी को पकड़कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से न सिर्फ 33 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, बल्कि मोबाइल फोन के पार्ट्स का एक विशाल जखीरा भी जब्त किया है।
जिन सामानों की बरामदगी हुई, उनमें विभिन्न कंपनियों के 63 मोबाइल डिस्प्ले, 72 मोबाइल फ्रेम और 84 मोबाइल बैटरियां शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आरोपी संगठित तरीके से चोरी किए गए मोबाइल फोन को पार्ट्स में तोड़कर बेचने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, थाना सेक्टर-142 की टीम ने मोबाइल चोरी और छिनैती के मामले में वांछित अभियुक्त अमन कुमार को सेक्टर-138 स्थित एक पार्क से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने जानकारी दी कि इससे पहले, 23 दिसंबर 2025 की रात को इस गिरोह के तीन अन्य सदस्यों राजकुमार, कृष्ण कुमार और सुल्तान उर्फ मयंक को गिरफ्तार किया गया था। इन अभियुक्तों के पास से चोरी की एक केटीएम ड्यूक मोटरसाइकिल, तीन स्मार्ट मोबाइल फोन और दो अवैध चाकू बरामद हुए थे। इस गिरफ्तारी के बाद से अमन कुमार फरार था, जिसे अब पकड़ लिया गया है।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर राह चलते लोगों से मोबाइल फोन चोरी करता था। चोरी किए गए मोबाइल फोन को सीधे बेचने के बजाय वह उन्हें पार्ट्स में बांटकर विभिन्न स्थानों पर बेचता था, ताकि उनकी पहचान न हो सके। गिरोह वारदातों में चोरी की मोटरसाइकिलों का भी उपयोग करता था।
गिरफ्तार आरोपी अमन कुमार मूल रूप से ग्राम दरियापुर, थाना नूरपुर, जिला बिजनौर का निवासी है और वर्तमान में नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र के सेक्टर-86 स्थित इलाहाबास में रह रहा था। उसकी उम्र लगभग 22 वर्ष है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमन कुमार के खिलाफ नोएडा और दिल्ली में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस अभियुक्त से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के मोबाइल खरीदने वालों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।