क्या नोएडा में मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या नोएडा में मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

नोएडा में पुलिस ने मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और अवैध चाकू भी बरामद हुए हैं। यह मामला सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है।

मुख्य बातें

मोबाइल टावरों से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।
पुलिस ने सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
गिरफ्तार किए गए चोरों से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में चूक अपराधियों को बढ़ावा देती है।
पुलिस ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

नोएडा, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चुराने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया और दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 2 आरआरयू (एरिक्सन कंपनी), चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और 2 अवैध चाकू बरामद किए गए हैं।

यह गिरफ्तारी शनिवार को सेक्टर-88 में एसएमएसी कंपनी के पास मंडी सर्विस रोड से की गई। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पूरी योजना के साथ वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में कृष्णा गुप्ता, निवासी दुमरी, बलिया (उम्र 21 वर्ष, शिक्षा 9वीं) और शिवम कुमार, निवासी मुंगेर, बिहार (उम्र 25 वर्ष, शिक्षा 8वीं) शामिल हैं, जो नोएडा में किराए पर रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

दोनों आरोपी बेहद शातिर तरीके से पहले एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल टावरों की रेकी करते थे, खासकर उन टावरों की जहां सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होते। इसके बाद रात में टावरों पर चढ़कर आरआरयू और अन्य महंगे उपकरण उतार लेते और उनको मौके पर साथ लाए औजारों की मदद से अलग कर लेते थे। चोरी किए गए उपकरणों को ये आरोपी सस्ते दामों पर कबाड़ियों को बेचकर पैसा कमाते थे।

पुलिस जांच में पता चला कि यह आरोपी पकड़ में न आने के लिए बार-बार ठिकाना बदलते रहते थे और लोकेशन छुपाने के लिए केवल व्हाट्सऐप कॉल का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी कॉल्स ट्रेस न हो सकें। यह सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों से आकर नोएडा-एनसीआर में चोरी की घटनाएं अंजाम देते थे और लगातार टावरों को निशाना बना रहे थे।

पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या गिरोह के और सदस्य भी इलाके में सक्रिय हैं और चोरी किए गए उपकरणों की बिक्री का नेटवर्क कितना बड़ा है। फेस-2 पुलिस का कहना है कि मोबाइल टावरों की चोरी जैसी घटनाएं नेटवर्क प्रभावित कर जनता को परेशानी में डालती हैं। ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरफ्तार किए गए चोर कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए चोरों में कृष्णा गुप्ता और शिवम कुमार शामिल हैं।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने 2 आरआरयू, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं।
गिरोह कैसे काम करता था?
गिरोह मोबाइल टावरों की रेकी करता था और सुरक्षा गार्ड ना होने पर चोरी करता था।
क्या पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की?
हाँ, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
क्या ऐसे अपराधों पर पुलिस कार्रवाई करेगी?
जी हाँ, पुलिस ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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