6 अगस्त 2026
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नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 8 गिरफ्तार, 98 चोरी के फोन और 300 से अधिक पार्ट्स बरामद

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नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 8 गिरफ्तार, 98 चोरी के फोन और 300 से अधिक पार्ट्स बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और चोरी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है — 8 गिरफ्तार, 98 चोरी के फोन और 300 से अधिक पार्ट्स बरामद। आरोपी फोन छीनकर महज ₹1,500-2,000 में बेचते थे और पार्ट्स निकालकर बाज़ार में खपाते थे।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को मोबाइल चोरी गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से 98 चोरी के मोबाइल फोन , 100 डिस्प्ले , 207 बैटरियाँ , 40 खोखे और 103 बैक पैनल सहित 300 से अधिक वस्तुएँ बरामद।
मुख्य आरोपी कुशल रैपिडो बाइक टैक्सी चालक था; चोरी के फोन ₹1,500–₹2,000 में खरीदे जाते थे।
छह अन्य आरोपी — निजामुद्दीन, आरिफ, सोनू, छोट्टे, गुलफाम, हारुन — चोरी के मोबाइल के पार्ट्स निकालकर बाज़ार में बेचते थे।
बरामद मोटरसाइकिल दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी; वहाँ पहले से मुकदमा दर्ज।
पुलिस अब बरामद फोन के असली मालिकों की पहचान और गिरोह के व्यापक नेटवर्क की जाँच कर रही है।

नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को मोबाइल स्नैचिंग, टप्पेबाज़ी और चोरी के मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्ज़े और निशानदेही पर 98 चोरी के मोबाइल फोन, 100 डिस्प्ले, 207 बैटरियाँ, 40 मोबाइल खोखे, 103 बैक पैनल, 10 पेचकस, एक अवैध चाकू और दिल्ली से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर ग्रीन बेल्ट सेक्टर-63 क्षेत्र से दो मोबाइल स्नैचर — कुशल और रूपेश उर्फ गोलू — को पकड़ा गया। इनके पास से एक लूटा हुआ मोबाइल, एक अवैध चाकू और एक चोरी की मोटरसाइकिल मिली।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीनकर अपने साथियों को बेच देते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने छह अन्य आरोपियों — निजामुद्दीन, आरिफ, सोनू, छोट्टे, गुलफाम और हारुन — को भी गिरफ्तार कर लिया।

कैसे चलता था अवैध कारोबार

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी कुशल रैपिडो बाइक टैक्सी चालक के रूप में काम करता था और साथी रूपेश के साथ मिलकर राहगीरों को निशाना बनाता था। चोरी के मोबाइल फोन महज़ ₹1,500 से ₹2,000 में खरीदे जाते थे।

बाद में इन फोन के पार्ट्स अलग कर बाज़ार में बेचे जाते थे और कमाई आपस में बाँटी जाती थी। गिरफ्तार छह अन्य आरोपी खुद को जीरा व्यापारी और बाल खरीदने वाले बताते थे, लेकिन जाँच में सामने आया कि वे असल में चोरी के मोबाइल के पार्ट्स निकालने और बेचने का अवैध धंधा चला रहे थे।

बरामदगी का विवरण

छह आरोपियों के ठिकानों से 97 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के 100 डिस्प्ले, 207 बैटरियाँ, 40 मोबाइल खोखे और 103 बैक पैनल बरामद किए गए। बरामद मोबाइल और उनके पार्ट्स की कुल संख्या 300 से अधिक है, जिसे हाल के समय की बड़ी बरामदगियों में गिना जा रहा है। बरामद मोटरसाइकिल दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी, जिसमें पहले से मुकदमा दर्ज है।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, अधिकांश आरोपी उत्तर प्रदेश के एटा, हरदोई और शाहजहाँपुर जनपद के मूल निवासी हैं, जो वर्तमान में सेक्टर-63 और आसपास की कॉलोनियों में रह रहे थे। आरोपियों की शैक्षिक योग्यता पाँचवीं से दसवीं कक्षा तक है, जबकि कुछ अशिक्षित भी हैं।

आगे की जाँच

नोएडा पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने के साथ-साथ इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और मोबाइल चोरी के व्यापक नेटवर्क की भी जाँच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से स्नैचिंग और चोरी की कई अनसुलझी घटनाओं का खुलासा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक व्यवस्थित आपराधिक पारिस्थितिकी तंत्र का पर्दाफाश है — जहाँ स्नैचर, खरीदार और पार्ट्स विक्रेता एक सुनियोजित श्रृंखला में काम करते हैं। ₹1,500-2,000 में खरीदे गए फोन के पार्ट्स बाज़ार में कहीं अधिक कीमत पर बिकते हैं, जो इस धंधे की लाभप्रदता को दर्शाता है। गौरतलब है कि ऐसे गिरोह अक्सर वैध व्यवसाय की आड़ में काम करते हैं — यहाँ जीरा और बाल व्यापार की आड़ ली गई। असली सवाल यह है कि इन चोरी के मोबाइल पार्ट्स की आपूर्ति श्रृंखला कितनी गहरी है और क्या पुलिस इस नेटवर्क के बड़े खिलाड़ियों तक पहुँच पाएगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
नोएडा थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 5 अगस्त 2026 को स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर ग्रीन बेल्ट सेक्टर-63 से दो मोबाइल स्नैचर कुशल और रूपेश उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। इनकी पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर छह अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
आरोपियों के पास से 98 चोरी के मोबाइल फोन, 100 डिस्प्ले, 207 बैटरियाँ, 40 मोबाइल खोखे, 103 बैक पैनल, 10 पेचकस, एक अवैध चाकू और दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। बरामद वस्तुओं की कुल संख्या 300 से अधिक बताई जा रही है।
गिरोह किस तरह काम करता था?
मुख्य आरोपी कुशल रैपिडो बाइक टैक्सी चालक था और साथी रूपेश के साथ मिलकर राहगीरों से मोबाइल छीनता था। चोरी के फोन ₹1,500 से ₹2,000 में खरीदे जाते थे, फिर उनके पार्ट्स अलग कर बाज़ार में बेचे जाते थे और कमाई आपस में बाँटी जाती थी।
गिरफ्तार आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
पुलिस के अनुसार अधिकांश आरोपी उत्तर प्रदेश के एटा, हरदोई और शाहजहाँपुर जनपद के मूल निवासी हैं। गिरफ्तारी के समय सभी नोएडा के सेक्टर-63 और आसपास की कॉलोनियों में रह रहे थे।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
नोएडा पुलिस सभी 8 आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन के असली मालिकों की पहचान और इस गिरोह से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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