नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर व मोबाइल स्नैचर गिरोह तोड़ा, 4 गिरफ्तार; 22 बाइक व 31 फोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-24 थाने की पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल फोन स्नैचिंग में सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो नाबालिगों को संरक्षण में लिया। इस कार्रवाई में 22 चोरी के दोपहिया वाहन, 31 स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन, ₹2,500 नकद और तीन अवैध चाकू बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने थाना सेक्टर-24 और खोड़ा क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में विक्की यादव उर्फ मोटा (19 वर्ष), पुत्र राम शंकर, निवासी घड़ोली डेयरी फार्म, दिल्ली; करण नागर (19 वर्ष), पुत्र मुकेश नागर, निवासी मयूर विहार फेस-3, थाना गाजीपुर, दिल्ली; रविन्द्र (21 वर्ष), पुत्र सियाराम, निवासी मयूर विहार फेस-3, दिल्ली; और विश्वा महतो उर्फ राजा (26 वर्ष), पुत्र रमाकान्त महतो, मूल निवासी ग्राम एवं थाना मोदीनगर, समस्तीपुर, बिहार, वर्तमान पता खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद शामिल हैं। विक्की यादव, रविन्द्र और विश्वा महतो के पास से एक-एक अवैध चाकू यानी कुल तीन चाकू भी बरामद किए गए।
गिरोह का तरीकावार
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली-एनसीआर के सुनसान इलाकों में पहले रेकी करते थे और वहाँ खड़ी मोटरसाइकिलें व स्कूटी चुरा लेते थे। पहचान छिपाने के लिए ये अलग-अलग चोरी के वाहन बदल-बदलकर उपयोग करते थे। चोरी के इन्हीं वाहनों पर सवार होकर वे सड़क किनारे पैदल चल रहे लोगों का मोबाइल फोन छीनते थे। गौरतलब है कि पहचान में न आने की यह रणनीति — चोरी के वाहनों को जंगल, झाड़ियों और सुनसान जगहों में छिपाना — गिरोह को लंबे समय तक पुलिस की नज़र से बचाती रही।
स्नैच किए मोबाइल का नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि छीने गए मोबाइल फोन का निपटान दो तरीकों से होता था। कुछ फोन स्थानीय राहगीरों को सस्ते दामों पर बेचे जाते थे, जबकि बाकी फोन विश्वा महतो उर्फ राजा के जरिये बिहार भेजे जाते थे, जहाँ अपेक्षाकृत अच्छे दाम मिलते थे। इस बिक्री से प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बाँट ली जाती थी।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और जाँच की दिशा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध गौतमबुद्धनगर और दिल्ली के विभिन्न थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली के थाना सरिता विहार और न्यू अशोक नगर में भी इनके नाम मामले दर्ज हैं। पुलिस अब बरामद वाहनों और मोबाइल फोन से संबंधित अन्य लंबित मामलों की पड़ताल कर रही है। गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की तलाश भी जारी है, और जाँच के दायरे को दिल्ली-एनसीआर से बिहार तक विस्तारित किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बरामद सभी वाहनों और फोन के असली मालिकों की पहचान की जा रही है, ताकि सामान वापस किया जा सके। इस मामले में गिरोह के और सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।