पालघर के NH-48 के 25 ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा सुधार, DM डॉ. जाखड़ ने NHAI को दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पालघर जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने 19 सितंबर 2026 को निर्णायक कदम उठाया। जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 48 (NH-48) पर चिह्नित 25 दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) पर तत्काल सुरक्षा सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दिए हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में हुए इस फैसले में स्पष्ट समय-सीमाएँ और विभागीय जवाबदेही तय की गई है।
25 ब्लैक स्पॉट्स पर क्या होगा
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सबसे पहले NH-48 के 25 ब्लैक स्पॉट्स की विस्तृत समीक्षा की गई। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और वाहन चालकों को पूर्व-सचेत करने के लिए इन्हें गूगल मैप पर भी दर्शाया जाएगा। सुधार कार्य में आईआरसी (IRC) के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ रेसिलिएंट इंडिया संस्था के अध्ययन की सिफारिशों को भी शामिल किया जाएगा।
चारोटी फ्लाईओवर क्षेत्र में होने वाले हादसों तथा टैंकर और रासायनिक पदार्थों की आवाजाही से जुड़े दुर्घटनाओं का विस्तृत अध्ययन भी कराया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में आई है जब पालघर जिले में NH-48 पर हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
गोल्डन ऑवर और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्ती
हादसे में घायल लोगों की जान बचाने के लिए प्रशासन ने 'गोल्डन ऑवर' के मानकों को अनिवार्य कर दिया है। डॉ. जाखड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हादसे की जानकारी मिलने के 30 मिनट के भीतर घायल व्यक्ति का उपचार शुरू होना चाहिए। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को तीन घंटे के भीतर मेडिकल-लीगल केस (MLC) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नियमों का पालन न करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके अतिरिक्त हाईवे के किनारे पीएम-राहत योजना के सूचना फलक लगाकर नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। पालघर सीमा में NH-48 पर NHAI की 6 एंबुलेंस और 4 गश्ती वाहन पहले से तैनात हैं — इन सभी की GPS जानकारी सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुनियादी ढाँचे की प्रमुख समय-सीमाएँ
पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए NHAI ने अब तक 10 फुट ओवरब्रिज पूरे किए हैं। तलासरी, नीलगिरी होटल, आंबोली, खानिवडे, बापाणे और ससूनवघर में 6 नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह से शुरू होगा और छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
विरार फाटा से घोड़बंदर तक 79 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड में से 77.65 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। शेष 1.35 किलोमीटर के लिए बिजली लाइनें स्थानांतरित करने के निर्देश महावितरण को दिए गए हैं। घोड़बंदर-बापाणे के बीच आरसीसी नाले और जल निकासी का काम अक्टूबर 2026 के अंत तक पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 160ए का निर्माण कार्य भी अक्टूबर 2026 के अंत से पहले शुरू करने के निर्देश हैं। मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे को एक महीने के भीतर शिरसाड तक यातायात के लिए खोलने और पूरे एक्सप्रेसवे को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
यातायात प्रबंधन और अनधिकृत निर्माण
डीसीपी वसई के अधीन ट्रैफिक वार्डन तैनात किए जाएंगे और NH-48 पर अवैध पार्किंग के विरुद्ध सघन कार्रवाई होगी। NH-48 की सीमा में मौजूद सभी अनधिकृत निर्माण अक्टूबर 2026 के अंत तक हटाने के निर्देश दिए गए हैं। बैरियर तोड़ने या नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ NHAI पुलिस में मामला दर्ज कराएगा, और किसी भी टूटे बैरियर की मरम्मत सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए हाईवे किनारे नए स्वच्छतागृह बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है — NHAI जल्द निविदा जारी करेगा और छह महीने में निर्माण पूरा किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने कहा, 'सड़क सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं है। प्रत्येक विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारी और काम पूरा करने की निश्चित समय-सीमा दी गई है।' उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और आपात स्थिति में 1033 हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की। गौरतलब है कि बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे सहित पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आने वाले महीनों में इन सुधारों के क्रियान्वयन की प्रगति प्रत्येक समीक्षा बैठक में जाँची जाएगी।