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पुणे के 43 ब्लैक स्पॉट 10 अक्टूबर तक होंगे खत्म, जिलाधिकारी डुडी ने दिए सख्त निर्देश

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पुणे के 43 ब्लैक स्पॉट 10 अक्टूबर तक होंगे खत्म, जिलाधिकारी डुडी ने दिए सख्त निर्देश

सारांश

पुणे जिले में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन मैदान में उतरा — 43 ब्लैक स्पॉट का 10 अक्टूबर तक स्थायी निर्मूलन, 31 अगस्त तक गड्ढामुक्त सड़कें और 15 दिनों में राजमार्ग किनारे अतिक्रमण हटाने की सख्त समयसीमा तय की गई है।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने 8 अगस्त 2026 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सख्त निर्देश जारी किए।
जिले के 43 चिन्हित ब्लैक स्पॉट का 10 अक्टूबर 2026 तक स्थायी निर्मूलन अनिवार्य।
जिले की सभी सड़कें 31 अगस्त 2026 तक गड्ढामुक्त करने का आदेश।
राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण 15 दिनों में नहीं हटाए तो पुलिस की मदद से जबरन हटाए जाएंगे।
दुर्घटना-प्रवण जंक्शनों में छह महीने के भीतर संरचनात्मक सुधार का लक्ष्य।
सुरक्षा मानक न मानने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी।

पुणे जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने 8 अगस्त 2026 को ठोस समयसीमा के साथ बहु-आयामी कार्ययोजना लागू की है। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में चिन्हित 43 ब्लैक स्पॉट का 10 अक्टूबर 2026 से पहले स्थायी निर्मूलन किया जाए, दुर्घटना-प्रवण जंक्शनों में छह महीने के भीतर संरचनात्मक सुधार हों और जिले की समस्त सड़कें 31 अगस्त तक गड्ढामुक्त की जाएं।

बैठक में क्या हुआ

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक संदीप गिल्ल, अधीक्षक अभियंता भरत कुमार बाविस्कर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दुर्घटना-प्रवण स्थानों, यातायात नियमन, जंक्शन सुधार, गड्ढों, अतिक्रमणों और सड़क सुरक्षा जनजागरूकता की विस्तृत समीक्षा की गई।

43 ब्लैक स्पॉट पर स्थायी उपाय अनिवार्य

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निरीक्षण के बाद चिन्हित 43 ब्लैक स्पॉट पर केवल अस्थायी पैबंद लगाने की बजाय दुर्घटनाओं के मूल कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान किए जाएं। इसके तहत सड़क की संरचना, मोड़, चौराहे, प्रकाश व्यवस्था, दिशासूचक एवं सूचना फलक और सड़क पर बने पट्टों का निरीक्षण कर आवश्यक संरचनात्मक बदलाव अनिवार्य किए गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि स्पीड ब्रेकर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही बनाए जाएं।

आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, गति मापने की व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। दुर्घटना-प्रवण स्थानों का भौगोलिक अंकन कर तकनीक के माध्यम से वाहन चालकों को पहले से सूचित करने की व्यवस्था विकसित करने को भी कहा गया।

अतिक्रमण हटाने की 15 दिन की मोहलत

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों सहित प्रमुख राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण कर बैठे लोगों को 15 दिनों के भीतर स्वयं हटाने का अवसर दिया है। यदि निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो संबंधित राजमार्ग एजेंसियाँ पुलिस विभाग की सहायता से उन्हें तत्काल हटाएंगी।

निर्माण कार्यस्थलों पर भी सख्ती

जहाँ सड़कों का निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा है, वहाँ वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए दिशासूचक, सूचना फलक और अन्य सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले ठेकेदारों तथा जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

आगे क्या होगा

जिला प्रशासन की यह पहल ऐसे समय में आई है जब पुणे जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। अब सभी संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय कर दी गई है और समयसीमा से चूकने पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। यदि यह कार्ययोजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो पुणे जिले में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि ऐसी बैठकें और निर्देश देश के अनेक जिलों में नियमित रूप से होते हैं, फिर भी सड़क दुर्घटनाओं के आँकड़े शायद ही उस अनुपात में घटते हैं। 43 ब्लैक स्पॉट की पहचान सराहनीय है, लेकिन 'स्थायी उपाय' की परिभाषा और उसकी स्वतंत्र निगरानी का कोई तंत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। जब तक जवाबदेही केवल एजेंसियों की आंतरिक रिपोर्टिंग तक सीमित रहेगी, तब तक समयसीमाएँ अक्सर कागज़ी ही रह जाती हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में कितने ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं और उन्हें कब तक खत्म किया जाएगा?
पुणे जिले में निरीक्षण के बाद 43 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी के निर्देशानुसार इन सभी स्थानों पर स्थायी उपाययोजनाएं 10 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी की जानी हैं।
पुणे की सड़कें गड्ढामुक्त करने की समयसीमा क्या है?
जिलाधिकारी ने जिले की सभी सड़कों को 31 अगस्त 2026 तक गड्ढामुक्त करने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजमार्गों के किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
अतिक्रमण करने वालों को 15 दिनों के भीतर स्वयं हटाने का अवसर दिया गया है। यदि वे नहीं हटाते, तो संबंधित राजमार्ग एजेंसियाँ पुलिस विभाग की सहायता से उन्हें तत्काल हटाएंगी।
दुर्घटना-प्रवण जंक्शनों में सुधार कब तक होगा?
जिले के दुर्घटना-प्रवण जंक्शनों में संरचनात्मक सुधार के कार्य अगले छह महीनों में पूरे किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सड़क की बनावट, प्रकाश व्यवस्था और दिशासूचक सुधार शामिल हैं।
सड़क निर्माण कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानक न मानने पर क्या कार्रवाई होगी?
जहाँ सड़क का काम चल रहा है, वहाँ सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार एजेंसी दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी जारी की है।
राष्ट्र प्रेस
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