14 सितंबर 2026
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CM धामी का निर्देश: उत्तराखंड की सभी सड़कें 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त हों, औचक निरीक्षण की चेतावनी

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CM धामी का निर्देश: उत्तराखंड की सभी सड़कें 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त हों, औचक निरीक्षण की चेतावनी

सारांश

CM धामी ने देहरादून में समीक्षा बैठक में उत्तराखंड की सड़कों को गड्ढामुक्त करने, चारधाम यात्रा सुचारु रखने और स्वाइन फ्लू रोकने के कड़े निर्देश दिए। 15 अक्टूबर के बाद औचक निरीक्षण की चेतावनी से अफसरशाही पर दबाव बढ़ा।

मुख्य बातें

CM पुष्कर सिंह धामी ने 14 सितंबर 2026 को देहरादून सचिवालय में जनहित विषयों की समीक्षा की।
प्रदेश की सभी सड़कों को शीघ्र गड्ढामुक्त करने का निर्देश; 15 अक्टूबर के बाद औचक निरीक्षण की चेतावनी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल व स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी का आदेश।
'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तीसरे चरण और 'सेवा संकल्प अभियान' को प्रभावी बनाने के निर्देश।
स्वाइन फ्लू सहित संक्रामक व जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारियों को अस्पताल निरीक्षण का आदेश।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित सचिवालय में जनहित के विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि उत्तराखंड की सभी सड़कों को शीघ्र गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर 2026 के बाद वे किसी भी दिन बिना पूर्व सूचना के सड़क मार्ग से यात्रा कर औचक निरीक्षण करेंगे।

सड़क मरम्मत: कड़े निर्देश और समयसीमा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानसून के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत एवं सुधारीकरण के कार्यों में तत्काल तेज़ी लाई जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जनपदों में सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा करें और संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद पहाड़ी राज्यों में सड़कों की जर्जर हालत आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन जाती है।

चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा

बैठक में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी आकलन किया गया। धामी ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित जिलाधिकारी और विभाग आपसी समन्वय से यात्रा की सुचारुता बनाए रखें।

'जन-जन की सरकार' अभियान और सेवा संकल्प

मुख्यमंत्री ने 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तीसरे चरण को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए और जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए।

'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो और व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण को इन अभियानों के केंद्र में रखा जाए।

स्वाइन फ्लू सहित संक्रामक रोगों पर सतर्कता

मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू सहित विभिन्न संक्रामक एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने और साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता का जायजा लेने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से अपेक्षा की गई कि वे आपसी समन्वय से रोगों की रोकथाम, उपचार एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए मिलकर काम करें। गौरतलब है कि मानसून के बाद उत्तराखंड में जलजनित रोगों का प्रकोप प्रतिवर्ष चिंता का विषय रहता है।

जनकल्याण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं

बैठक के समापन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनकल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय से सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध रूप से पहुँचाना सुनिश्चित करें। 15 अक्टूबर की समयसीमा और औचक निरीक्षण की चेतावनी से यह संकेत साफ है कि धामी सरकार अब जमीनी अनुपालन पर सख्त नज़र रखने के मूड में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अतीत में ऐसी घोषणाएं अक्सर फाइलों में सिमट जाती रही हैं। चारधाम यात्रा और जलजनित रोगों का एक साथ जिक्र बताता है कि सरकार पर एक साथ कई मोर्चों का दबाव है। बिना पारदर्शी जवाबदेही तंत्र के, यह बैठक महज एक और समीक्षा की कड़ी बनकर रह सकती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM धामी ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समयसीमा क्या दी है?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 अक्टूबर 2026 के बाद औचक निरीक्षण करने की चेतावनी देते हुए सभी सड़कों को शीघ्र गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। यह कोई निर्धारित अंतिम तारीख नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि अक्टूबर के बाद किसी भी दिन वे बिना सूचना के निरीक्षण कर सकते हैं।
उत्तराखंड में मानसून के बाद सड़कें क्यों क्षतिग्रस्त होती हैं?
उत्तराखंड की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण भारी बारिश में सड़कों पर भूस्खलन, जलभराव और कटाव होता है, जिससे गड्ढे और दरारें पड़ जाती हैं। मानसून के दौरान हर वर्ष यह समस्या गंभीर रूप लेती है और आवागमन बाधित होता है।
चारधाम यात्रा के लिए धामी सरकार ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी का आदेश दिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित जिलाधिकारी और विभागों से समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान क्या है?
यह उत्तराखंड सरकार का एक जन-जागरूकता एवं सेवा-वितरण अभियान है, जिसके तहत शिविर लगाकर सीधे आम जनता तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुँचाया जाता है। 14 सितंबर 2026 की बैठक में इसके तीसरे चरण को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू और जलजनित रोगों से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारियों को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने और दवाइयों व चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय से रोकथाम, उपचार और नियंत्रण की व्यवस्थाएं पुख्ता करने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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