क्या सीएम धामी ने आपदा प्रभावितों की भावनाओं से जुड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए?

सारांश
Key Takeaways
- अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
- आपदा प्रभावितों के लिए पुनर्वास के प्रयास जारी हैं।
- सरकार भावनाओं से जुड़ी है।
देहरादून, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के अधिकांश जनपदों के लिए जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट को ध्यान में रखते हुए शासन और जनपद स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और 24×7 अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक बारिश के कारण राज्य को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं। भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए मार्गों में विशेष सतर्कता बरती जाए और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका के मद्देनजर सभी एहतियाती उपाय किए जाएं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर नजर रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने रविवार को शासन और जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की और राहत बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग आपदाओं में बेघर हो गए हैं, सरकार उनके साथ पूर्ण समर्थन के साथ खड़ी है और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्रता से कार्य करें।
सीएम धामी ने कहा कि इस कठिन घड़ी में हम सभी प्रभावितों की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। राज्य सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि हम उनकी भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे प्रभावितों के दु:ख को अपना समझें और पुनर्वास तथा जीवन को सामान्य बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करें।
इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जनपदों में अधिकारी फील्ड में रहें और राहत एवं बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करें। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव लोनिवि पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार और मंडलायुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लिया।
सीएम धामी ने ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे में तमक नाले में बहे पुल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पुल राज्य और देश के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जल्द से जल्द बैली ब्रिज बनाकर यातायात को सुचारु किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बीआरओ को राज्य स्तर से किसी सहायता की आवश्यकता है, तो वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने गंगोत्री हाईवे को सुरक्षित बनाने और बेहतर स्थिति में लाने के निर्देश दिए। कहा कि देश-विदेश से यात्री भरोसे के साथ चार धाम यात्रा पर आते हैं, उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बारिश समाप्त होने के बाद सभी सड़कों में पेचवर्क और नई सड़क बनाने का कार्य जल्द शुरू किया जाए।
सीएम धामी ने उत्तरकाशी के हर्षिल और स्यानाचट्टी में झीलों की स्थिति और जल निकासी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्यानाचट्टी में झील के जलस्तर में वृद्धि की सूचना मिली है, वहां 24×7 नजर रखी जाए और राहत एवं बचाव दल सदैव तैनात रहें। जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जलस्तर कम करने और झील से जल निकासी के लिए उचित प्रयास करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पुनः कहा कि हर्षिल और स्यानाचट्टी में मलबा जमा हो गया है, जिसे हटाना आवश्यक है। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर मड डिस्पोजेबल साइट्स बनाने और वहां मलबे को डंप करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अगले कुछ दिनों में नदियों के जलस्तर पर गहन निगरानी रखने के निर्देश दिए। रात्रि के समय भी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जाए। लोगों को सचेत किया जाए और कोई भी खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार के लिए भीषण बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।