क्या विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत का होना जरूरी है?
सारांश
Key Takeaways
- विकसित भारत और स्वस्थ भारत का होना आवश्यक है।
- 30 प्रतिशत नागरिकों में स्वास्थ्य समस्याएं पाई गई हैं।
- ई-मोबिलिटी के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
- पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की गति तेज है।
भोपाल, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने यह कहा कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत भी आवश्यक है। राज्य में एक अभियान के दौरान 30 प्रतिशत नागरिकों में ब्लड प्रेशर, शुगर, और डायबिटीज जैसी बीमारियों के लक्षण पाए गए हैं।
राजधानी भोपाल में एमपीआईडीसी और सीआईआई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ग्रीन लॉजिस्टिक कॉनक्लेव-2025 के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से विकास कर रहा है। वर्ष 2047 तक विश्व का नेतृत्व करने के लिए विकास के सभी आयामों में कार्य किया जा रहा है। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, और कृषि जैसे क्षेत्रों में सरकार भविष्योन्मुखी योजनाएं ला रही है।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने आगे कहा कि विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत विश्व के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण है। विकास सतत एवं संवहनीय होना चाहिए, यह प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता है। ई-मोबिलिटी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र सरकार की मंशानुरूप राज्य सरकार ई-लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहन दे रही है।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश व्यापी निरोगी काया अभियान में करोड़ों नागरिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। इस जांच में 30 प्रतिशत नागरिकों में ब्लड प्रेशर, शुगर, और डायबिटीज जैसी बीमारियों का चिन्हांकन यह स्पष्ट करता है कि पर्यावरण अनुकूल विकास ही आगे की राह का मार्गदर्शक बन सकता है। आज ई-व्हीकल महंगे लगते हैं, पर उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट परंपरागत वाहनों से 70 गुना से भी कम है। साथ ही ई-वाहनों की लाइफ परंपरागत वाहनों से दोगुनी होती है। भविष्य में मांग बढ़ने पर इनकी प्रारंभिक लागत भी कम होगी।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने ई-व्हीकल प्रोत्साहन के लिए सतत जागरूकता का आह्वान किया। ई-मोबिलिटी के प्रोत्साहन के लिए ई-हाईवे और ई-इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का विकास ई-मोबिलिटी को गति प्रदान करेगा। राज्य शासन इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने विभिन्न निर्माताओं के ई-कॉमर्शियल व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला ने कहा कि स्टेट लॉजिस्टिक एक्शन प्लान में ई-लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मंथन किया जा रहा है। उस आधार पर सिटी एक्शन प्लान भी बनाया जाएगा। उन्होंने समस्त स्टेकहोल्डर्स से सुझाव अग्रेषित करने का अनुरोध किया ताकि स्टेट एक्शन प्लान में उन्हें शामिल कर सशक्त ई-मोबिलिटी रणनीति का निर्माण किया जा सके।
औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने विश्व में, भारत में और मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक क्षेत्र में ई-मोबिलिटी की संभावनाओं, अवसरों, अधोसंरचना विकास और पर्यावरण अनुकूल विकास के विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किए और अपनी अपेक्षाएं साझा की। केंद्र सरकार के नेशनल हाईवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सतत संवहनीय विकास में सहयोग की बात कही।