क्या कांग्रेस को बहुमत तब मिलता था, जब मतपेटियां लूटी जाती थीं?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की चुनावी हार के पीछे कई कारण हैं।
- वोटर कार्ड और सीसीटीवी का प्रभाव स्पष्ट है।
- भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने तीखा कटाक्ष किया।
- बिहार में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है।
- कांग्रेस को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
नई दिल्ली, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जबसे वोटर कार्ड लागू हुआ है, तब से कांग्रेस की सरकारें बनना बंद हो गई हैं। जबसे सीसीटीवी कैमरे का इस्तेमाल शुरू हुआ है, तब से कांग्रेस की सरकारों का आना भी समाप्त हो गया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि साक्षरता दर 50 प्रतिशत से ऊपर जाने के बाद भी कांग्रेस की सरकारें नहीं आईं। उन्होंने यह भी बताया कि जबसे स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया अस्तित्व में आए हैं, तबसे कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं हो सकी है।
उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बहुमत तब मिलता था, जब मतपेटियों की चोरी होती थी। चुनावों के दौरान हिंसा और गोलियां चलने की घटनाएं आम थीं, जैसे कि बिहार चुनावों में। अब कांग्रेस की सरकारें नहीं आ रही हैं और वह समय वापस नहीं आएगा।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान पर भी कटाक्ष किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे हाइड्रोजन बम लेकर आएंगे। त्रिवेदी ने कहा कि पाकिस्तान के एक मंत्री ने यह कहा था कि उनके पास पाव-पाव भर के एटम बम हैं, लेकिन कांग्रेस का हाइड्रोजन बम तो कुछ भी नहीं था।
उन्होंने बिहार के विधानसभा चुनावों का सन्दर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस ने पिछले कई चुनावों में अपनी जमानत भी नहीं बचाई और अब वह वोट चोरी का आरोप लगा रही है। बिहार जैसे कई राज्यों में कांग्रेस का अस्तित्व नगण्य हो गया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी बताया कि पहले के समय में अश्वमेध यज्ञ होता था। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के पास ऐसा घोड़ा है, जो जहां जाता है, वहां पराजय का रास्ता प्रशस्त कर देता है।
उन्होंने केरल में चुनावों के बारे में भी चर्चा की, जहां यूडीएफ और लेफ्ट के बीच सत्ता का परिवर्तन होता रहा है। इस बार लेफ्ट की सरकार फिर से आई है, जिससे उन्होंने सवाल उठाया कि वहां वोट चोरी किसने की है।