मुंबई-अहमदाबाद NH-48 पर 15 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण, पालघर जिलाधिकारी का NHAI को अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
पालघर जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने 18 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के अधिकार क्षेत्र में चिह्नित सभी अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण 15 दिनों के भीतर हटाए जाएँ। वर्षों से हाईवे के किनारे जमे इन अतिक्रमणों पर कार्रवाई में हो रही देरी से नाराज़ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है।
समीक्षा बैठक में उजागर हुई लापरवाही
जिलाधिकारी डॉ. जाखड़ की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में NHAI द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने में हो रही देरी की विस्तृत पड़ताल की गई। अधिकारियों द्वारा देरी के लिए दिए गए स्पष्टीकरण पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी जताई और तत्काल कार्रवाई में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार हाईवे की सीमा निर्धारित हो जाने के बाद उस क्षेत्र में मौजूद अनधिकृत निर्माण हटाने की ज़िम्मेदारी NHAI की है — कार्यक्षेत्र का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किन क्षेत्रों में होगी कार्रवाई
प्रशासन ने हाईवे से लगे सभी संबंधित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अतिक्रमणों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। अतिक्रमणों का निर्धारण मार्गाधिकार (Right of Way) और नियंत्रण रेखा के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए NHAI, वन विभाग, वसई-विरार शहर महानगरपालिका और संबंधित तहसीलदारों के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा। विशेष रूप से तुंगारेश्वर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा के भीतर आने वाले अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित अतिक्रमित भूमि पर विभाग से रिपोर्ट माँगी गई है।
कानूनी प्रक्रिया और पुलिस बल की तैनाती
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सक्षम प्राधिकरण के साथ समन्वय कर कानूनी नोटिस जारी करने और अन्य ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाएँ तत्काल पूरी करने को भी कहा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागों के बीच पत्राचार या अधिकार क्षेत्र के विवाद के कारण कार्रवाई में कोई देरी नहीं होनी चाहिए — सभी विभागों को संयुक्त रूप से और आपसी समन्वय से काम करना होगा।
अनुपालन रिपोर्ट और निगरानी
जिला प्रशासन पूरी मुहिम की नियमित निगरानी करेगा। 15 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित विभागों को स्पष्ट एक्शन रिपोर्ट जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें चिह्नित अतिक्रमणों की कुल संख्या और उन पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा होगा। यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी विभाग की ओर से लापरवाही या देरी सामने आती है, तो संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा।
आगे क्या होगा
प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद NH-48 के किनारे बसे अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह हाईवे मुंबई और अहमदाबाद के बीच एक प्रमुख वाणिज्यिक गलियारा है, और अतिक्रमणों के कारण न केवल यातायात सुरक्षा बल्कि राजमार्ग के चौड़ीकरण व रखरखाव कार्य भी प्रभावित होते रहे हैं। समयबद्ध कार्रवाई से क्षेत्र में दीर्घकालिक सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।