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किरण मजूमदार-शॉ का एनएच 44 के खराब डिजाइन और रखरखाव पर तीखा व्यंग्य

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किरण मजूमदार-शॉ का एनएच 44 के खराब डिजाइन और रखरखाव पर तीखा व्यंग्य

सारांश

किरण मजूमदार-शॉ ने एनएच 44 के डिज़ाइन और रखरखाव पर गंभीर आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जानिए उनके विचार और इस मुद्दे की गंभीरता।

मुख्य बातें

बेंगलुरु का एनएच 44 आईटी कॉरिडोर है।
किरण मजूमदार-शॉ ने रखरखाव की कमी पर आवाज उठाई।
कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बेंगलुरु, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फार्मा कंपनी बायोकॉन लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव चेयरमैन किरण मजूमदार-शॉ ने रविवार को एनएच 44 के डिजाइन और रखरखाव को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस मुद्दे का समाधान नहीं किया जा रहा है।

एनएच 44, बेंगलुरु को होसुर से जोड़ने वाला प्रमुख आईटी कॉरिडोर है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भले ही एनएचएआई अपने सड़क बुनियादी ढांचे की प्रशंसा करता है, लेकिन देश का प्रमुख आईटी कॉरिडोर एनएच44 (पूर्व में एनएच7) यानी होसुर रोड इतनी खराब गुणवत्ता के साथ डिजाइन किया गया है और इसका रखरखाव भी बहुत असंतोषजनक है।"

उन्होंने आगे लिखा, "यहां की स्थिति देखकर दुख होता है - डिवाइडर और बैरिकेड्स की स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं है और फुटपाथ पर डामर नहीं बिछा है।"

इसके साथ ही, उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए कहा कि सालों से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

किरण ने एनएचएआई को भी टैग करते हुए लिखा, "क्या यही वह रिकॉर्ड है जिसे एनएचएआई अपने लिए गौरवशाली मानता है?"

इससे पहले, शॉ ने पिछले वर्ष देश में, खासकर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में कचरे की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता जताई थी।

अक्टूबर में उन्होंने इन शहरों की नगरपालिकाओं और राज्य सरकारों की इस मुद्दे के प्रति घोर लापरवाही की आलोचना की थी। यह समस्या अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गई है।

भारत की सबसे धनी महिलाओं में से एक शॉ, पहले पीढ़ी की कारोबारी हैं और उन्होंने 1978 में बायोकॉन की स्थापना की थी। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी नेटवर्थ लगभग 3.2 अरब डॉलर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाता है। यह मुद्दा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कैसे हमारे प्रमुख शहरों में सड़क रखरखाव के प्रति लापरवाही देखी जा रही है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरण मजूमदार-शॉ ने किस मुद्दे पर नाराजगी जताई?
उन्होंने एनएच 44 के खराब डिज़ाइन और रखरखाव पर नाराजगी जताई।
एनएच 44 किसे जोड़ता है?
एनएच 44 बेंगलुरु को होसुर से जोड़ता है।
क्या किरण मजूमदार-शॉ ने पहले भी ऐसी समस्याएं उठाई हैं?
जी हां, उन्होंने पहले भी कचरे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई थी।
राष्ट्र प्रेस
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