2 अक्टूबर 2026
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डेमोक्रेसी मार्च: कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा — वोट के अधिकार की रक्षा ही मकसद

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डेमोक्रेसी मार्च: कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा — वोट के अधिकार की रक्षा ही मकसद

सारांश

गांधी जयंती पर कांग्रेस का 'डेमोक्रेसी मार्च' महज एक रैली नहीं — यह SIR विवाद, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन की जमीन तैयार करने की एक साथ कोशिश है।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में 'डेमोक्रेसी मार्च' को लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा का संकल्प बताया।
राहुल गांधी के एसआईआर के ज़रिए 'वोट चोरी' के आरोपों का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी के जवाब में सरदार पटेल के आरएसएस संबंधी कथित बयान का हवाला दिया।
भाजपा पर कथित अंतरकलह का आरोप लगाते हुए कहा — पार्टी को कांग्रेस-सपा गठजोड़ की चिंता छोड़ खुद पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 लड़ने की तैयारी में है।

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि पार्टी का 'डेमोक्रेसी मार्च' देश के लोकतंत्र और प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के संकल्प को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली, एसआईआर विवाद और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर भी विस्तार से अपना पक्ष रखा।

लोकतंत्र की बुनियाद और मार्च का उद्देश्य

मिश्रा मोना ने कहा कि 1947 में स्वतंत्रता के बाद 1951 में स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला प्रत्येक नागरिक को सम्मान और मतदान का अधिकार देना था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संविधान निर्माण के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी इसी भावना के अनुरूप लोकतांत्रिक ढाँचे की नींव रखी थी। उनके अनुसार, जिस तरह स्वतंत्रता आंदोलन में देश की आजादी के लिए संघर्ष हुआ, उसी परंपरा में यह मार्च लोकतंत्र की रक्षा का प्रयास है।

एसआईआर और चुनाव आयोग पर सवाल

कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप का समर्थन किया जिसमें उन्होंने एसआईआर (SIR) के ज़रिए बड़े पैमाने पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है। मिश्रा मोना ने कहा कि यह मुद्दा अब देशव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आने के बाद इस संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर चर्चा तेज़ हो गई है।

शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महात्मा गांधी और कांग्रेस को लेकर की गई टिप्पणी पर आराधना मिश्रा मोना ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि केंद्रीय मंत्री ने यह बात किस किताब में पढ़ी है। लेकिन मैंने और इस देश के ज़्यादातर लोगों ने पढ़ा होगा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि आरएसएस जैसे संगठन को, जो देश के लिए खतरा है, भंग कर देना चाहिए, समाप्त कर देना चाहिए।' यह बयान गांधी जयंती के दिन आया, जिससे इसकी राजनीतिक प्रतीकात्मकता और बढ़ गई।

उत्तर प्रदेश चुनाव 2027: भाजपा पर निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच संभावित सीट-शेयरिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना पर मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा को दूसरों की तैयारियों पर टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी की कथित अंतरकलह पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कई सांसद और विधायक अपनी ही पार्टी के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।

कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारी

मिश्रा मोना ने बताया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र, हर जिले और हर लोकसभा क्षेत्र में संगठन को मज़बूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर 2027 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष उत्तर प्रदेश में एकजुट रणनीति बनाने की कोशिशों में जुटा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मतदाता सूची की विश्वसनीयता को केंद्रीय चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है। सरदार पटेल के हवाले से आरएसएस पर हमला एक पुरानी कांग्रेसी रणनीति की वापसी है — राष्ट्रीय नायकों को भाजपा के ऐतिहासिक दावों के विरुद्ध खड़ा करना। असली सवाल यह है कि क्या यह मार्च उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के संगठनात्मक कमज़ोरी को ढकने में सफल होगा, या इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे की असली मशक्कत इन बयानों से आगे जा पाएगी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'डेमोक्रेसी मार्च' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'डेमोक्रेसी मार्च' कांग्रेस का एक राजनीतिक अभियान है जिसका उद्देश्य लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान अधिकार की रक्षा का संकल्प व्यक्त करना है। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना के अनुसार, यह मार्च उसी भावना में है जैसे स्वतंत्रता आंदोलन में देश की आजादी के लिए संघर्ष किया गया था।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है जिसका कांग्रेस ज़िक्र कर रही है?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के ज़रिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिसे वे 'वोट चोरी' कहते हैं। आराधना मिश्रा मोना ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
आराधना मिश्रा मोना ने शिवराज सिंह चौहान को क्या जवाब दिया?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की महात्मा गांधी और कांग्रेस संबंधी टिप्पणी के जवाब में आराधना मिश्रा मोना ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पटेल ने आरएसएस जैसे संगठनों को देश के लिए खतरा बताते हुए उन्हें भंग करने की बात कही थी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस की क्या रणनीति है?
कांग्रेस उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र, हर जिले और हर लोकसभा क्षेत्र में संगठन को मज़बूत करने पर काम कर रही है। पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर 2027 का चुनाव लड़ेगी, जिसमें समाजवादी पार्टी के साथ संभावित सीट-शेयरिंग भी शामिल है।
चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है?
आराधना मिश्रा मोना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आने के बाद इस संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर देख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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