आराधना मिश्रा का बड़ा बयान: शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर दल का संवैधानिक अधिकार, भाजपा पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने 10 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की — जिनमें जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान और INDIA गठबंधन के राष्ट्रपति से मुलाकात जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर संवैधानिक रुख
आराधना मिश्रा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में कहा, 'हमारा संविधान हर राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है। राजनीतिक दलों और संगठनों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अपनी राय रखें और सरकार को उसकी गलत नीतियों के लिए जवाबदेह ठहराएं।' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए ट्रेनें रद्द की गईं, टोल पर गाड़ियाँ रोकी गईं और लोगों को हिरासत में लिया गया, जो उनके अनुसार लोकतंत्र के विरुद्ध है।
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम
मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम चेन्नई में आयोजित है और यह पहले से तय कार्यक्रम है जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। उन्होंने इसे युवाओं से सीधे संवाद की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
INDIA गठबंधन की राष्ट्रपति से मुलाकात
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने INDIA गठबंधन के उस प्रतिनिधिमंडल को बधाई दी जो राष्ट्रपति से मिलने गया था। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से बातचीत सकारात्मक रही और जैसा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने बाहर आकर बताया — मुझे भरोसा है कि उनकी इस मुलाकात का लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा।' गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने हाल के हफ्तों में राष्ट्रपति से मुलाकात कर कई लोकतांत्रिक मुद्दे उठाए हैं।
बैलेट पेपर और EVM विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग पर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस माँग को उठाती रही है। उनके अनुसार, EVM और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ हो रही हैं — हालाँकि उन्होंने इसके विशिष्ट प्रमाण नहीं दिए।
भाजपा में आंतरिक असंतोष और 2027 का संकेत
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद साक्षी महाराज द्वारा लोधी समुदाय को दरकिनार किए जाने का मुद्दा उठाए जाने पर मिश्रा ने कहा, 'भाजपा के विधायक और सांसद अपनी पार्टी की नीतियों के खिलाफ हैं। इसका परिणाम 2027 के चुनाव में दिखेगा।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा और NDA में आंतरिक भगदड़ मची हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और विपक्षी दल सत्तारूढ़ दल के आंतरिक मतभेदों को सियासी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।