10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आराधना मिश्रा का बड़ा बयान: शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर दल का संवैधानिक अधिकार, भाजपा पर साधा निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आराधना मिश्रा का बड़ा बयान: शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर दल का संवैधानिक अधिकार, भाजपा पर साधा निशाना

सारांश

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने एक साथ कई मोर्चे खोले — जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन रोकने को लोकतंत्र विरोधी बताया, INDIA गठबंधन की राष्ट्रपति से मुलाकात को सार्थक करार दिया और भाजपा में आंतरिक टूट को 2027 चुनाव का टाइम-बम घोषित किया।

मुख्य बातें

आराधना मिश्रा ने कहा — संविधान हर दल को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है; विरोध रोकना लोकतंत्र के खिलाफ।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान ट्रेनें रद्द , टोल पर वाहन रोके और लोग हिरासत में लिए गए — कांग्रेस का आरोप।
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम चेन्नई में निर्धारित; सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
INDIA गठबंधन के राष्ट्रपति से मुलाकात को मिश्रा ने सकारात्मक और लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में अहम बताया।
कांग्रेस की EVM हटाओ, बैलेट पेपर लाओ माँग फिर दोहराई; SIR प्रक्रिया पर भी सवाल।
भाजपा सांसद साक्षी महाराज के आंतरिक विरोध को मिश्रा ने 2027 चुनाव में भाजपा के लिए खतरे की घंटी बताया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने 10 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की — जिनमें जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान और INDIA गठबंधन के राष्ट्रपति से मुलाकात जैसे विषय शामिल रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर संवैधानिक रुख

आराधना मिश्रा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में कहा, 'हमारा संविधान हर राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है। राजनीतिक दलों और संगठनों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अपनी राय रखें और सरकार को उसकी गलत नीतियों के लिए जवाबदेह ठहराएं।' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए ट्रेनें रद्द की गईं, टोल पर गाड़ियाँ रोकी गईं और लोगों को हिरासत में लिया गया, जो उनके अनुसार लोकतंत्र के विरुद्ध है।

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम

मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम चेन्नई में आयोजित है और यह पहले से तय कार्यक्रम है जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। उन्होंने इसे युवाओं से सीधे संवाद की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

INDIA गठबंधन की राष्ट्रपति से मुलाकात

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने INDIA गठबंधन के उस प्रतिनिधिमंडल को बधाई दी जो राष्ट्रपति से मिलने गया था। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से बातचीत सकारात्मक रही और जैसा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने बाहर आकर बताया — मुझे भरोसा है कि उनकी इस मुलाकात का लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा।' गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने हाल के हफ्तों में राष्ट्रपति से मुलाकात कर कई लोकतांत्रिक मुद्दे उठाए हैं।

बैलेट पेपर और EVM विवाद

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग पर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस माँग को उठाती रही है। उनके अनुसार, EVM और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ हो रही हैं — हालाँकि उन्होंने इसके विशिष्ट प्रमाण नहीं दिए।

भाजपा में आंतरिक असंतोष और 2027 का संकेत

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद साक्षी महाराज द्वारा लोधी समुदाय को दरकिनार किए जाने का मुद्दा उठाए जाने पर मिश्रा ने कहा, 'भाजपा के विधायक और सांसद अपनी पार्टी की नीतियों के खिलाफ हैं। इसका परिणाम 2027 के चुनाव में दिखेगा।' उन्होंने दावा किया कि भाजपा और NDA में आंतरिक भगदड़ मची हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और विपक्षी दल सत्तारूढ़ दल के आंतरिक मतभेदों को सियासी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर कांग्रेस जंतर-मंतर प्रदर्शन को संवैधानिक ढाल के नीचे रख भाजपा को रक्षात्मक मुद्रा में लाना चाहती है। EVM और SIR पर दोहराई गई माँगें नई नहीं हैं — ये तर्क चुनावी हार के बाद हर बार उठते हैं और विशिष्ट साक्ष्य के अभाव में विश्वसनीयता खोते हैं। असली राजनीतिक दाँव 2027 में है, और भाजपा के आंतरिक असंतोष को उभारना कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जो यूपी में ओबीसी और सवर्ण मतदाताओं के बीच दरार को चुनावी पूँजी में बदलना चाहती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आराधना मिश्रा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर क्या कहा?
आराधना मिश्रा ने कहा कि भारत का संविधान हर राजनीतिक दल और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। उनके अनुसार, किसी भी शांतिपूर्ण धरने-प्रदर्शन को रोकना लोकतंत्र के विरुद्ध है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' का जंतर-मंतर प्रदर्शन क्या था?
'कॉकरोच जनता पार्टी' ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान ट्रेनें रद्द कर दी गईं, टोल पर गाड़ियाँ रोकी गईं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कहाँ और क्यों है?
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम चेन्नई में आयोजित है। आराधना मिश्रा के अनुसार यह पहले से तय कार्यक्रम है जिसमें कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे — यह अभियान युवाओं से सीधे संवाद पर केंद्रित है।
INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति से मुलाकात क्यों की?
INDIA गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी शामिल थे। आराधना मिश्रा ने बताया कि बातचीत सकारात्मक रही और उन्हें भरोसा है कि इस मुलाकात का लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।
कांग्रेस EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव क्यों चाहती है?
कांग्रेस का दावा है कि EVM और SIR प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ियाँ हो रही हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे और आराधना मिश्रा दोनों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग को दोहराया है, हालाँकि इसके विशिष्ट साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 3 महीने पहले