यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा का सरकार पर हमला: '13.50 करोड़ नाम काटे, लोकतंत्र खतरे में'
सारांश
मुख्य बातें
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने 16 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि जब 13.50 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हों, तो लोकतंत्र की रक्षा की बात बेमानी हो जाती है। उनकी यह प्रतिक्रिया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की साजिश करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और युवाओं को अराजकता की ओर धकेलने के आरोप लगाए थे।
मुख्य आरोप और बयान
मिश्रा ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकतंत्र और संविधान बचाने में पूरी तरह से विफल रही है।' उन्होंने दिल्ली में जारी आंदोलन का हवाला देते हुए इसे सरकार की विफलता का स्पष्ट संकेत बताया और कहा कि BJP इसी कारण 'घबराई हुई' है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मसले को सीधे उठाया और कहा, 'ज्ञानेश कुमार पर आरोप उन्हीं के दो वरिष्ठ सहयोगियों की ओर से लगाए गए थे। सरकार को जनता के बीच विश्वास पैदा करने के बजाय आरोप लगाने से बचना चाहिए। सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को पद से इस्तीफा देना चाहिए और देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए।'
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग (ECI) की साख पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था, 'जब चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था ने अपनी विश्वसनीयता खोई है, तो उसकी जिम्मेदारी किस पर है? ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों की नियुक्ति किसने की?' उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर पहले ही आपत्ति जताई थी, फिर भी सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला।
ऐतिहासिक संदर्भ और लोकतंत्र की दलील
मिश्रा ने अपनी बात को व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा कि दुनिया भर में जब सरकारें जनता की आवाज़ सुनना बंद कर देती हैं और केवल अपना एजेंडा चलाती हैं, तभी अराजकता की स्थिति बनती है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा, 'उस समय युवा, महिलाएँ, किसान, मज़दूर और पढ़े-लिखे लोग सब एकजुट हुए थे। आज पूरे देश में अविश्वास का माहौल है।'
उनका केंद्रीय सवाल था: 'अगर मताधिकार ही नहीं रहेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?'
इंडिया गठबंधन और उत्तर प्रदेश चुनाव
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मिश्रा ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह मज़बूत है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने BJP को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका दावा था, 'देश की जनता जनादेश देकर कांग्रेस पर अपना विश्वास जताएगी।'
आगे क्या
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की समीक्षा और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दल इस मुद्दे को आने वाले चुनावों में प्रमुखता से उठाने की रणनीति बना रहे हैं।