सांसदों को रोकना लोकतंत्र की हत्या: आराधना मिश्रा मोना का BJP और चुनाव आयोग पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक आराधना मिश्रा मोना ने 6 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आगाह किया कि यदि यह स्थिति नहीं बदली, तो आने वाले दिनों में पूरा देश इस आंदोलन में शामिल होगा।
मुख्य घटनाक्रम
मिश्रा मोना ने कहा, इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा और उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बधाई दी कि वे सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं को एकजुट कर पाए। उनके अनुसार, 'जिस तरह सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं का सहयोग मिला है, यह इस बात की शुरुआत है कि अब लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ को रोकना पड़ेगा।'
उन्होंने कहा कि यदि यह नहीं रुका, तो देश की जनता इसका परिणाम अवश्य देगी। यह बयान उस संदर्भ में आया है जब इंडिया गठबंधन के सांसद कथित तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे।
सांसदों को रोकने पर आपत्ति
मिश्रा मोना ने पुलिस बल के प्रयोग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गठबंधन के सांसद केवल शांतिपूर्ण ढंग से मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर उन सवालों का जवाब माँगना चाहते थे, जो उनके अनुसार देश के सवाल हैं। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ से अधिक मत काटे जाने का मामला है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह विपक्ष की जिम्मेदारी है, जो वह निभा रहा था।
'जिस तरह पुलिस बल का प्रयोग करके हमारे सांसदों को रोका गया, वो लोकतंत्र की हत्या है' — यह बात उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कही।
प्रियंका गांधी को रोकने का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि जिस प्रकार प्रियंका गांधी और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं को रोका गया, वह पूरी तरह गैर-लोकतांत्रिक है। उन्होंने BJP, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद का उल्लेख करते हुए कहा कि आज़ादी के आंदोलन में इन संगठनों की भूमिका देश जानता है, और गांधी परिवार को अपनी राष्ट्रभक्ति के लिए किसी से प्रमाण-पत्र लेने की आवश्यकता नहीं।
आंदोलन को लेकर दावा
मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस देश के लिए शहादत दी है, और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी के परिवार ने देश के लिए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी रूप लेगा और पूरा देश इसमें खड़ा नजर आएगा।
गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन और सत्तारूढ़ BJP के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर तनाव चरम पर बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में गठबंधन की रणनीति और अधिक स्पष्ट होगी।