भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर आराधना मिश्रा का तीखा हमला, CEC के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में निकाली गई 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शायद पहली बार देश में ऐसा हो रहा है जब सत्ताधारी पार्टी खुद विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हो। उनके अनुसार, यह BJP की आंतरिक बेचैनी और घबराहट का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
पदयात्रा पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
मिश्रा ने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान रैली के बाद BJP के भीतर खलबली मच गई है और इसी दबाव में पार्टी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष का विपक्ष के विरुद्ध आंदोलन करना अपने आप में एक असाधारण घटनाक्रम है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग को लगातार घेर रहे हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर बहस तेज़ हो चुकी है।
चुनाव आयोग और CEC पर सवाल
मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा कि आयोग के ही दो सदस्यों ने CEC पर यह आरोप लगाया है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उनके अनुसार, यदि CEC इस्तीफा नहीं देते तो उनके खिलाफ महाभियोग की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब माँग रहा है, तो BJP उसकी जगह पर जवाब देने क्यों आ रही है? उनके अनुसार इससे यह साफ होता है कि BJP का संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और सम्मान किस स्तर पर है।
फॉर्म-6 और मतदाता सूची विवाद
चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-6 में राहत दिए जाने के निर्णय पर मिश्रा ने कहा कि यह बड़ा घटनाक्रम है। उनके अनुसार, फॉर्म में जोड़े गए अतिरिक्त और जटिल कॉलम भरने में असमर्थ रहने के कारण बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हट गए। उन्होंने कहा कि यह राहत इस बात का प्रमाण है कि आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल न्यायसंगत थे।
गौरतलब है कि पीलीभीत और मथुरा सहित कई जिलों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें आ चुकी हैं। मिश्रा ने कहा कि इस प्रक्रिया में सरकारी धन, समय और मानव संसाधन की भारी बर्बादी हुई, और कई नागरिक घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए।
योगी के बयान से विपक्ष को बल
मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने SIR के दौरान उत्तर प्रदेश में सवा करोड़ से अधिक नाम कटने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि एक ओर BJP के नेता CEC का बचाव कर रहे हैं और दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री नामों के गलत तरीके से कटने की पुष्टि कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह बयान विपक्ष के आरोपों को स्वयं BJP के भीतर से वैधता प्रदान करता है।
UP 2027 की तैयारी और प्रियंका गांधी की बैठक
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस ने औपचारिक रूप से चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी के साथ हाल में हुई बैठक में मेनिफेस्टो कमेटी, मैनेजमेंट कमेटी, कोऑर्डिनेशन कमेटी और मीडिया कमेटी के गठन पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव में भागीदारी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना है।
आगे की राह में कांग्रेस जहाँ संगठनात्मक ढाँचे को मज़बूत करने में जुटी है, वहीं मतदाता सूची विवाद उसके लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है।