4 नवंबर 2026
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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर आराधना मिश्रा का तीखा हमला, CEC के इस्तीफे की माँग

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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर आराधना मिश्रा का तीखा हमला, CEC के इस्तीफे की माँग

सारांश

BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर UP कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने पलटवार किया — सत्ता में रहते हुए सड़क पर उतरना बौखलाहट है। साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग, 13 करोड़ से अधिक नामों के कटने का आरोप और 2027 UP चुनाव की औपचारिक तैयारी — एक साथ कई मोर्चे खुले।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने गोरखपुर में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा को सत्ता पक्ष की घबराहट का प्रतीक बताया।
मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की; इनकार पर महाभियोग की चेतावनी।
उनके अनुसार SIR के तहत देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम कटे, जिसकी पुष्टि CEC के दो सहयोगियों ने भी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के UP में सवा करोड़ नाम गलत तरीके से कटने के बयान को मिश्रा ने विपक्ष की पुष्टि बताया।
प्रियंका गांधी के साथ बैठक में UP 2027 के लिए मेनिफेस्टो, मैनेजमेंट, कोऑर्डिनेशन और मीडिया कमेटियों के गठन पर चर्चा हुई।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में निकाली गई 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शायद पहली बार देश में ऐसा हो रहा है जब सत्ताधारी पार्टी खुद विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हो। उनके अनुसार, यह BJP की आंतरिक बेचैनी और घबराहट का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पदयात्रा पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

मिश्रा ने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान रैली के बाद BJP के भीतर खलबली मच गई है और इसी दबाव में पार्टी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष का विपक्ष के विरुद्ध आंदोलन करना अपने आप में एक असाधारण घटनाक्रम है।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग को लगातार घेर रहे हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर बहस तेज़ हो चुकी है।

चुनाव आयोग और CEC पर सवाल

मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा कि आयोग के ही दो सदस्यों ने CEC पर यह आरोप लगाया है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उनके अनुसार, यदि CEC इस्तीफा नहीं देते तो उनके खिलाफ महाभियोग की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से जवाब माँग रहा है, तो BJP उसकी जगह पर जवाब देने क्यों आ रही है? उनके अनुसार इससे यह साफ होता है कि BJP का संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और सम्मान किस स्तर पर है।

फॉर्म-6 और मतदाता सूची विवाद

चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-6 में राहत दिए जाने के निर्णय पर मिश्रा ने कहा कि यह बड़ा घटनाक्रम है। उनके अनुसार, फॉर्म में जोड़े गए अतिरिक्त और जटिल कॉलम भरने में असमर्थ रहने के कारण बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हट गए। उन्होंने कहा कि यह राहत इस बात का प्रमाण है कि आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल न्यायसंगत थे।

गौरतलब है कि पीलीभीत और मथुरा सहित कई जिलों में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें आ चुकी हैं। मिश्रा ने कहा कि इस प्रक्रिया में सरकारी धन, समय और मानव संसाधन की भारी बर्बादी हुई, और कई नागरिक घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए।

योगी के बयान से विपक्ष को बल

मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने SIR के दौरान उत्तर प्रदेश में सवा करोड़ से अधिक नाम कटने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि एक ओर BJP के नेता CEC का बचाव कर रहे हैं और दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री नामों के गलत तरीके से कटने की पुष्टि कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह बयान विपक्ष के आरोपों को स्वयं BJP के भीतर से वैधता प्रदान करता है।

UP 2027 की तैयारी और प्रियंका गांधी की बैठक

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस ने औपचारिक रूप से चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी के साथ हाल में हुई बैठक में मेनिफेस्टो कमेटी, मैनेजमेंट कमेटी, कोऑर्डिनेशन कमेटी और मीडिया कमेटी के गठन पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव में भागीदारी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना है।

आगे की राह में कांग्रेस जहाँ संगठनात्मक ढाँचे को मज़बूत करने में जुटी है, वहीं मतदाता सूची विवाद उसके लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली अहमियत इस तथ्य में है कि योगी आदित्यनाथ के अपने बयान ने विपक्ष को वह 'सेल्फ-गोल' दे दिया जिसकी उसे तलाश थी। BJP एक साथ दो परस्पर विरोधी मोर्चों पर खड़ी है — नेतृत्व CEC का बचाव कर रहा है, मुख्यमंत्री नामों के गलत कटने की पुष्टि कर रहे हैं। मतदाता सूची का मुद्दा 2027 के UP चुनाव में 'लोकतांत्रिक वैधता' की केंद्रीय बहस बन सकता है, खासकर तब जब फॉर्म-6 में राहत देकर चुनाव आयोग ने परोक्ष रूप से स्वीकार किया है कि प्रक्रिया में खामियाँ थीं। मुख्यधारा की कवरेज इस अंतर्विरोध को उतना नहीं उठा रही जितना इसकी राजनीतिक और संवैधानिक गंभीरता माँगती है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा क्या है?
यह 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्रा है, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर विपक्ष के उन आरोपों का जवाब देना बताया गया है जो चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे हैं।
आराधना मिश्रा ने CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँगा?
UP कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में SIR के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, और आयोग के दो सदस्यों ने भी उन पर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार इस जवाबदेही के लिए इस्तीफा या महाभियोग ज़रूरी है।
फॉर्म-6 विवाद क्या है और इसमें राहत क्यों दी गई?
फॉर्म-6 मतदाता पंजीकरण का प्रमुख दस्तावेज़ है। आरोप है कि इसमें जटिल अतिरिक्त कॉलम जोड़ने के कारण बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में बड़ी संख्या में नागरिक पंजीकरण से वंचित रह गए। चुनाव आयोग द्वारा नियमों में राहत देना, कांग्रेस के अनुसार, इन आपत्तियों की अप्रत्यक्ष स्वीकृति है।
UP 2027 चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी कहाँ तक पहुँची है?
प्रियंका गांधी के साथ हाल में हुई बैठक में कांग्रेस ने मेनिफेस्टो, मैनेजमेंट, कोऑर्डिनेशन और मीडिया कमेटियों के गठन पर चर्चा शुरू कर दी है। आराधना मिश्रा के अनुसार पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि UP में सरकार बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी के बयान से यह विवाद और क्यों गहराया?
CM योगी आदित्यनाथ ने SIR के दौरान UP में सवा करोड़ से अधिक नाम गलत तरीके से कटने की बात स्वीकार की, जिसे कांग्रेस ने अपने ही आरोपों की पुष्टि बताया। कांग्रेस का कहना है कि यह BJP के भीतर के अंतर्विरोध को उजागर करता है — एक ओर CEC का बचाव, दूसरी ओर गलती की स्वीकृति।
राष्ट्र प्रेस
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