चित्रदुर्ग में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 4 नवंबर 2026 को चित्रदुर्ग, कर्नाटक में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' नारे के साथ एक बड़ी पदयात्रा निकालकर कांग्रेस के खिलाफ अपना अभियान तीव्र कर दिया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) देश के हित के विरुद्ध कार्य कर रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही है।
पदयात्रा में कौन-कौन शामिल हुए
इस पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी हरीश द्विवेदी, सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री गोविंद करजोल, और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, पार्टी के विधायक, विधान परिषद सदस्य और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
द्विवेदी के प्रमुख आरोप
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरीश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विशेष रूप से चुनावों के दौरान चुनाव आयोग (ECI), इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और सर्वोच्च न्यायालय समेत संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने कभी भी राष्ट्रीय हित में काम नहीं किया और देश की विकास पहलों का विरोध किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए द्विवेदी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जहाँ भी जाते हैं, संविधान की प्रति साथ रखते हैं, परंतु कथित तौर पर एक बार उस प्रति के पन्ने खाली पाए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और देश की महान हस्तियों का अपमान किया।
करजोल और श्रीरामुलु के आरोप
गोविंद करजोल ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर सफाई देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पहले 12 बार की जा चुकी है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस सरकारों के दौरान हुई। उन्होंने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाकर संविधान-विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया। करजोल ने NEET परीक्षा और चुनावी प्रणाली को लेकर गलत जानकारी फैलाने के भी आरोप लगाए।
पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने 1975 में दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू किए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यह किसी राष्ट्रीय आपातकाल की ज़रूरत से नहीं, बल्कि सत्ता बचाने के लिए लागू किया गया था। उनके अनुसार, उस दौर में 21 महीनों तक लोकतंत्र पर रोक लगी रही, जयप्रकाश नारायण समेत कई नेताओं और पत्रकारों को जेल भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए संविधान में 75 बार संशोधन किए।
कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पदयात्रा ऐसे समय में निकाली गई जब हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। हरीश द्विवेदी ने इस हार को जनता का मौजूदा कर्नाटक सरकार के खिलाफ संदेश बताया और विश्वास जताया कि भाजपा 2028 के विधानसभा चुनावों में राज्य में सत्ता में वापसी करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर विभिन्न राजनीतिक दबाव बने हुए हैं।
आगे की संभावनाएँ
भाजपा के इस अभियान से यह संकेत मिलता है कि पार्टी कर्नाटक में अपनी ज़मीनी उपस्थिति को फिर से मज़बूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। 2028 के विधानसभा चुनाव अभी दो वर्ष दूर हैं, लेकिन इस तरह की पदयात्राएँ संगठनात्मक सक्रियता का संकेत देती हैं। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई तात्कालिक आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।