30 सितंबर 2026
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विजयेंद्र का आरोप: कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा BJP की 'बल्लारी चलो' की नकल

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विजयेंद्र का आरोप: कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा BJP की 'बल्लारी चलो' की नकल

सारांश

कर्नाटक में BJP कांग्रेस की जुबानी जंग तेज हो गई है। विजयेंद्र ने 'भारत जोड़ो 2.0' को BJP की 'बल्लारी चलो' की नकल बताया, तो हरिप्रसाद ने ₹17 करोड़ रिश्वत का आरोप दागा। 84 सीटों पर 84 दिनों की यह पदयात्रा सीधे विजयेंद्र के गढ़ शिकारीपुरा से शुरू हुई है।

मुख्य बातें

बीवाई विजयेंद्र ने 30 सितंबर 2026 को कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा को BJP की 'बल्लारी चलो' यात्रा की नकल बताया।
पदयात्रा शिवमोग्गा जिले के कित्तदहल्ली गांव से शुरू हुई — यह विजयेंद्र का विधानसभा क्षेत्र है।
यात्रा 84 दिनों तक चलेगी, 29 जिलों और 84 विधानसभा सीटों को कवर करेगी जहाँ कांग्रेस 2023 में हारी थी।
केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने विजयेंद्र पर ₹17 करोड़ की कथित रिश्वत का आरोप लगाया; विजयेंद्र ने कहा अदालत ने उन्हें निर्दोष घोषित किया है।
विजयेंद्र ने हरिप्रसाद पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पीएचडी होने के बावजूद आज तक कोई सीधा चुनाव नहीं जीत पाए।

कर्नाटक भाजपा (BJP) अध्यक्ष एवं शिकारीपुरा विधायक बीवाई विजयेंद्र ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि कर्नाटक कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा वास्तव में भारतीय जनता पार्टी की 'बल्लारी चलो' यात्रा से प्रेरणा लेकर शुरू की गई है और सत्तारूढ़ दल को मजबूरी में यह अभियान निकालना पड़ा है। विजयेंद्र ने यह वक्तव्य चित्रदुर्ग के जयदेव स्टेडियम में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल द्वारा आयोजित 'हिंदू महा गणपति' के दर्शन के बाद पत्रकारों के सामने दिया।

पदयात्रा पर BJP का पलटवार

विजयेंद्र ने कहा, "केपीसीसी (KPCC) अध्यक्ष मेरे निर्वाचन क्षेत्र में पदयात्रा कर रहे हैं। राज्य में विरोध की चिंगारी जलाने का श्रेय शिकारीपुरा को जाता है। मैं केपीसीसी अध्यक्ष को शुभकामनाएं देता हूं।" उन्होंने दावा किया कि यह यात्रा कांग्रेस की मौलिक पहल नहीं, बल्कि BJP के सफल जन आंदोलन की प्रतिकृति मात्र है।

हरिप्रसाद पर सीधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं केपीसीसी अध्यक्ष और एमएलसी बीके हरिप्रसाद द्वारा विजयेंद्र के राजनीतिक अनुभव को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विजयेंद्र ने कहा, "मैं भले ही एलकेजी का छात्र और पहली बार विधायक बना हूं, लेकिन हरिप्रसाद के पास पीएचडी होने के बावजूद वह अब तक कोई सीधा चुनाव नहीं जीत पाए हैं।" यह तीखी नोकझोंक दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाती है।

विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि हरिप्रसाद हताशा में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "उन्हें मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया जा रहा है, इसलिए वह पदयात्रा निकालकर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।" कांग्रेस की ओर से अभी तक इस दावे पर आधिकारिक खंडन नहीं आया है।

बैनर विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप

बैनर फाड़ने के आरोपों पर विजयेंद्र ने कहा, "हमें बैनर फाड़ने जैसी निचले स्तर की राजनीति करने की जरूरत नहीं है। कुछ लोग खुद अपने बैनर फड़वा रहे हैं और इसका इस्तेमाल प्रचार के लिए कर रहे हैं — हमें ऐसी 420 वाली राजनीति की जरूरत नहीं है।"

दूसरी ओर, हरिप्रसाद ने पदयात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि विजयेंद्र ने आरटीजीएस के जरिए अपने पिता के नाम पर कथित तौर पर ₹17 करोड़ की रिश्वत ली थी। हरिप्रसाद ने दावा किया कि भ्रष्टाचार के मामले में शिकारीपुरा विधायक 'पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल' हैं। इन आरोपों पर विजयेंद्र ने कहा, "इन सभी आरोपों का अदालत में निपटारा हो चुका है। अदालत ने मुझे निर्दोष घोषित किया है।"

'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा का स्वरूप

कर्नाटक कांग्रेस ने बुधवार को शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा तालुक के कित्तदहल्ली गांव से 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा की शुरुआत की। गौरतलब है कि यह यात्रा विजयेंद्र के विधानसभा क्षेत्र से भी गुजर रही है — एक रणनीतिक संयोग जो BJP को नागवार गुजर रहा है।

यह अभियान उन 84 विधानसभा सीटों पर केंद्रित है, जहाँ कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा था। 84 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के 29 जिलों को कवर करने की योजना है। कांग्रेस के अनुसार, पदयात्रा के दौरान सूखे, किसानों की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों पर जनसंवाद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सूखे पर सरकार की आलोचना

विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सूखे का सामना कर रहा है, इसके बावजूद किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने सरकार के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें साधु संतों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का एंबेसडर बनाने की बात कही गई थी। राज्य में BJP कांग्रेस की यह राजनीतिक तकरार आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं, जैसे जैसे 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP को उसी के इलाके में घेरने की रणनीति है। विजयेंद्र का 'बल्लारी चलो' वाला पलटवार रक्षात्मक मुद्रा से अधिक राजनीतिक संदेश है कि उनकी पार्टी इस क्षेत्र को आसानी से नहीं छोड़ेगी। दिलचस्प यह है कि दोनों दल एक दूसरे पर बैनर पोस्टर हटाने का आरोप लगा रहे हैं — जो बताता है कि ज़मीनी लड़ाई भाषणों से कहीं ज़्यादा तीखी है। ₹17 करोड़ के आरटीजीएस आरोप अदालत में निर्दोषता के बावजूद राजनीतिक हवा में तैरते रहेंगे, क्योंकि 84 सीटों पर 84 दिन की यह यात्रा कांग्रेस के लिए 2028 की तैयारी का पहला बड़ा दांव है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कांग्रेस की 'भारत जोड़ो 2.0' पदयात्रा क्या है?
यह कर्नाटक कांग्रेस का एक जन संपर्क अभियान है, जो 30 सितंबर 2026 को शिवमोग्गा जिले के कित्तदहल्ली गांव से शुरू हुआ। यह यात्रा 84 दिनों में 29 जिलों की उन 84 विधानसभा सीटों को कवर करेगी जहाँ कांग्रेस 2023 के विधानसभा चुनाव में हारी थी।
विजयेंद्र ने 'भारत जोड़ो 2.0' को 'बल्लारी चलो' की नकल क्यों बताया?
कर्नाटक BJP अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह पदयात्रा BJP की 'बल्लारी चलो' यात्रा की सफलता से प्रेरणा लेकर शुरू की है और सत्तारूढ़ पार्टी को मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने इसे कांग्रेस की मौलिक पहल नहीं, बल्कि BJP की रणनीति की प्रतिकृति बताया।
बीके हरिप्रसाद ने विजयेंद्र पर क्या आरोप लगाए?
केपीसीसी अध्यक्ष एवं एमएलसी बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि विजयेंद्र ने आरटीजीएस के जरिए अपने पिता के नाम पर कथित तौर पर ₹17 करोड़ की रिश्वत ली थी। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के झंडे और पोस्टर हटवाने का भी आरोप लगाया।
विजयेंद्र ने ₹17 करोड़ के आरोपों पर क्या कहा?
विजयेंद्र ने स्पष्ट कहा कि इन सभी आरोपों का अदालत में निपटारा हो चुका है और अदालत ने उन्हें निर्दोष घोषित किया है। उन्होंने हरिप्रसाद को बयान देते समय अपनी जुबान पर काबू रखने की सलाह भी दी।
कर्नाटक सूखे के मुद्दे पर विजयेंद्र ने सरकार पर क्या निशाना साधा?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सूखे की मार झेल रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसी कारण लोग सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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